8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारतीय वायु सेना ने मणिपुर से 132 एनसीसी कैडेट्स को एयरलिफ्ट किया, तीन AN-32 विमानों से असम पहुँचाया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारतीय वायु सेना ने मणिपुर से 132 एनसीसी कैडेट्स को एयरलिफ्ट किया, तीन AN-32 विमानों से असम पहुँचाया

सारांश

मणिपुर में सुरक्षा तनाव और सड़क बंदी के बीच भारतीय वायु सेना ने तीन AN-32 विमानों से 132 एनसीसी कैडेट्स को इम्फाल से निकालकर असम पहुँचाया — 72 गुवाहाटी, 60 जोरहाट। परीक्षाओं से पहले की यह त्वरित निकासी IAF और एनसीसी के समन्वय की मिसाल बनी।

मुख्य बातें

भारतीय वायु सेना ने 23 मई 2026 को मणिपुर से 132 एनसीसी कैडेट्स को आपातकालीन एयरलिफ्ट किया।
तीन AN-32 विमानों से 72 कैडेट्स गुवाहाटी और 60 कैडेट्स जोरहाट पहुँचाए गए।
कैडेट्स 11–20 मई 2026 तक इम्फाल में एनसीसी NER फ्लाइंग कैंप में भाग ले रहे थे।
मणिपुर में सुरक्षा हालात और सड़क पाबंदियों के कारण ज़मीनी रास्ते से वापसी संभव नहीं थी।
ऑपरेशन एनसीसी NER डायरेक्टरेट और ईस्टर्न एयर कमांड के संयुक्त समन्वय से संपन्न हुआ।

भारतीय वायु सेना (IAF) ने 23 मई 2026 को मणिपुर की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और सड़क मार्ग पर लगी पाबंदियों के बीच 132 एनसीसी कैडेट्स को इम्फाल से सुरक्षित निकालकर असम के गुवाहाटी और जोरहाट पहुँचाया। इस आपातकालीन एयरलिफ्ट ऑपरेशन में तीन AN-32 विमानों का उपयोग किया गया, जिसमें 72 कैडेट्स को गुवाहाटी और 60 कैडेट्स को जोरहाट भेजा गया।

मुख्य घटनाक्रम

ये सभी कैडेट्स 11 मई से 20 मई 2026 तक इम्फाल में आयोजित एनसीसी नॉर्थ ईस्टर्न रीजन (NER) फ्लाइंग कैंप में भाग ले रहे थे। कैंप समाप्त होने के बाद मणिपुर में जारी तनाव और सड़क यातायात पर प्रतिबंधों के कारण ये कैडेट्स सड़क मार्ग से अपने घरों को नहीं लौट पा रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल हवाई निकासी का निर्णय लिया गया।

ऑपरेशन की योजना और समन्वय

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस एयरलिफ्ट ऑपरेशन की योजना एनसीसी NER डायरेक्टरेट ने एनसीसी हेडक्वार्टर के डायरेक्टर जनरल से परामर्श कर और ईस्टर्न एयर कमांड हेडक्वार्टर के साथ समन्वय बनाकर तैयार की। इस त्वरित कार्रवाई ने सुनिश्चित किया कि कैडेट्स अपनी आगामी परीक्षाओं के लिए समय पर और सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुँच सकें।

कैडेट्स और परिजनों की प्रतिक्रिया

सफल निकासी के बाद कैडेट्स ने रक्षा मंत्रालय, भारतीय वायु सेना और एनसीसी डायरेक्टरेट का हार्दिक आभार व्यक्त किया। अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन से चिंतित माता-पिता और परिजनों को बड़ी राहत मिली। एनसीसी डायरेक्टरेट नॉर्थ ईस्टर्न रीजन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस ऑपरेशन को टीम वर्क और कैडेट्स की भलाई के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

राष्ट्रीय एकता का संदेश

एनसीसी डायरेक्टरेट ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह एयरलिफ्ट ऑपरेशन न केवल कैडेट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास था, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को भी दर्शाता है। गौरतलब है कि मणिपुर में जारी अशांति के बीच यह ऑपरेशन IAF की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का उदाहरण बना।

आगे की स्थिति

फिलहाल मणिपुर में सुरक्षा हालात सामान्य नहीं हैं और सड़क मार्ग से आवाजाही पर पाबंदियाँ जारी हैं। प्रशासन और सुरक्षा बलों द्वारा स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। इस ऑपरेशन की सफलता भविष्य में ऐसी आपात स्थितियों में हवाई निकासी के लिए एक मिसाल के रूप में देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि मणिपुर में हालात इतने लंबे समय से क्यों सामान्य नहीं हो पाए कि युवा कैडेट्स को हवाई निकासी की ज़रूरत पड़े। सड़क मार्ग पर लगातार पाबंदियाँ बताती हैं कि ज़मीनी स्थिति अभी भी नाज़ुक है। एनसीसी जैसे संस्थान जो युवाओं में अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना भरते हैं, उन्हें संघर्ष क्षेत्रों में भेजने से पहले निकासी योजना पहले से तैयार होनी चाहिए — यह घटना उस नीतिगत खामी की ओर इशारा करती है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय वायु सेना ने मणिपुर से एनसीसी कैडेट्स को क्यों एयरलिफ्ट किया?
मणिपुर में जारी सुरक्षा तनाव और सड़क यातायात पर लगी पाबंदियों के कारण 132 एनसीसी कैडेट्स इम्फाल से सड़क मार्ग से घर नहीं लौट पा रहे थे। इसलिए IAF ने 23 मई 2026 को आपातकालीन एयरलिफ्ट ऑपरेशन चलाया।
एयरलिफ्ट में कितने कैडेट्स को कहाँ-कहाँ पहुँचाया गया?
कुल 132 कैडेट्स को तीन AN-32 विमानों से निकाला गया — 72 कैडेट्स को गुवाहाटी और 60 कैडेट्स को जोरहाट पहुँचाया गया।
ये एनसीसी कैडेट्स मणिपुर में किस कार्यक्रम के लिए गए थे?
ये कैडेट्स 11 मई से 20 मई 2026 तक इम्फाल में आयोजित एनसीसी नॉर्थ ईस्टर्न रीजन (NER) फ्लाइंग कैंप में भाग ले रहे थे। कैंप समाप्त होने के बाद सुरक्षा कारणों से उनकी वापसी का रास्ता बंद हो गया।
इस ऑपरेशन की योजना किसने बनाई?
एनसीसी NER डायरेक्टरेट ने एनसीसी हेडक्वार्टर के डायरेक्टर जनरल से परामर्श कर और ईस्टर्न एयर कमांड हेडक्वार्टर के साथ समन्वय बनाकर इस ऑपरेशन की योजना तैयार की।
इस एयरलिफ्ट का कैडेट्स की परीक्षाओं पर क्या असर पड़ा?
अधिकारियों के अनुसार, समय पर की गई इस निकासी से कैडेट्स अपनी आगामी परीक्षाओं के लिए समय पर अपने गंतव्य तक पहुँच गए। इससे कैडेट्स के परिजनों को भी बड़ी राहत मिली।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 4 सप्ताह पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले