चुनाव आयोग विरोध: इमरान मसूद बोले — राहुल गांधी की लौ के साथ पूरा विपक्ष, ज्ञानेश कुमार को एक्सपोज़ करेंगे
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 2 अक्टूबर 2026 को सहारनपुर में चुनाव आयोग के खिलाफ 'इंडिया' ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन, विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR), फॉर्म 6 में कथित बदलावों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सवालों और 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकजुटता पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने दो टूक कहा कि राहुल गांधी ने जो लौ जलाई है उसके साथ समूचा विपक्ष खड़ा है और भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जनता के सामने एक्सपोज़ किया जाएगा।
मुख्य बयान और आरोप
मसूद ने कहा, 'राहुल गांधी की ओर से जो लौ जलाई गई है, उसके साथ पूरा विपक्ष है। हम लोग ज्ञानेश कुमार को एक्सपोज़ करेंगे।' जब उनसे पूछा गया कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव विरोध में साथ नहीं हैं, तो मसूद ने इसे खारिज करते हुए कहा, 'आपको कैसे पता है कि साथ नहीं हैं? वे साथ हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्षी एकता की बात पर सवाल उठाना जल्दबाज़ी होगी।
विहिप बयान और चुनाव आयोग पर रुख
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता आलोक कुमार के बयान का जिक्र करते हुए मसूद ने कहा, 'ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इससे भी ज़्यादा ठोस आधार मौजूद हो सकते हैं — राहुल गांधी ने तथ्यों के साथ यह पेश किया है।' उनका यह बयान उस संदर्भ में आया है जब 'इंडिया' ब्लॉक चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में हेरफेर के आरोप लगा रहा है।
शिवराज और अमित शाह पर तीखा हमला
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के लोकतंत्र संबंधी बयान पर मसूद ने तल्ख लहजे में कहा, 'उन लोगों के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी होती ही नहीं, उनके खिलाफ वोट डाला जाता है और पड़ता उनको ही है। लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है।' पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, 'देश में सरकार उनकी है, बॉर्डर उनके पास है। नशे का सामान बॉर्डर पार करके आता है — सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी केंद्र की है, उसके बाद राज्य सरकार की।'
ओवैसी और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के गठबंधन संबंधी बयान पर मसूद ने संयमित जवाब देते हुए कहा, 'हमारी कोशिश है कि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण न होने पाए।' यह टिप्पणी 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव की पृष्ठभूमि में अल्पसंख्यक मतों के बँटवारे की आशंका के बीच आई है।
गांधी जयंती का संदर्भ: सुखदेव भगत का बयान
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती का हवाला देते हुए कहा, 'गांधी जी ने दुनिया को वह रास्ता दिखाया जिससे कोई भी अहिंसक तरीके से अपनी असंतुष्टि जाहिर कर सकता है। आज हम लोकतांत्रिक तरीके से अपनी भावनाएँ व्यक्त करने आए हैं, जो एक संवैधानिक अधिकार भी है।' विरोध प्रदर्शन के लिए गांधी जयंती की तारीख का चुनाव 'इंडिया' ब्लॉक की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा दिखता है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप लेने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।