4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विवा टेक 2026: पीयूष गोयल बोले — एआई युग में भारत दुनिया के लिए प्रेरणा, 30 से कम औसत आयु सबसे बड़ी ताकत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विवा टेक 2026: पीयूष गोयल बोले — एआई युग में भारत दुनिया के लिए प्रेरणा, 30 से कम औसत आयु सबसे बड़ी ताकत

सारांश

पेरिस के विवा टेक 2026 मंच से पीयूष गोयल ने भारत को एआई युग का प्रेरणास्रोत बताया — 30 से कम औसत आयु, दुनिया में सर्वाधिक एसटीईएम स्नातक और 1.4 अरब के बाज़ार को देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 18 जून 2026 को पेरिस में विवा टेक 2026 सम्मेलन में भारत को एआई युग का वैश्विक प्रेरणास्रोत बताया।
भारत की औसत आयु 30 वर्ष से कम ; देश दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था।
1.4 अरब लोगों का विशाल बाज़ार और सस्ता डेटा भारत को तकनीकी नवाचार में बढ़त देते हैं।
भारत विश्व में सर्वाधिक एसटीईएम स्नातक तैयार करता है।
गोयल ने कहा — एआई मानव बुद्धिमत्ता और सांस्कृतिक मूल्यों का स्थान नहीं लेगा, बल्कि नए रोज़गार अवसर सृजित करेगा।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 18 जून 2026 को पेरिस में आयोजित विवा टेक 2026 सम्मेलन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में भारत वैश्विक तकनीकी परिदृश्य के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि देश की 30 वर्ष से कम औसत आयु वाली युवा जनसंख्या, सस्ता डेटा और विशाल एसटीईएम प्रतिभा-भंडार भारत को वैश्विक तकनीकी क्रांति की अग्रिम पंक्ति में स्थापित कर रहे हैं।

भारत की प्राकृतिक ताकतें

गोयल ने सम्मेलन में कहा, "भारत दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। हमारी युवा और प्रतिभाशाली आबादी, सस्ता डेटा, बढ़ती क्षमताएं और साझा विकास का दृष्टिकोण हमें तकनीकी विकास की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करता है।" उन्होंने रेखांकित किया कि भारत के पास कई ऐसी संरचनात्मक विशेषताएं हैं जो उसे वैश्विक डिजिटल विभाजन को पाटने में सक्षम बनाती हैं।

मंत्री ने कहा कि भारत अन्य देशों की तुलना में तकनीक को अधिक तेज़ी और प्रभावी ढंग से अपनाता है तथा एआई को खतरे के बजाय विकास के एक माध्यम के रूप में देखता है।

जनसांख्यिकीय लाभांश और बाज़ार का आकार

गोयल ने कहा, "हमारे पास युवा आबादी है और यह बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी औसत आयु 30 वर्ष से कम है। हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। इससे आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और नवाचार को गति मिलती है।"

उन्होंने आगे जोड़ा, "हमारे पास 1.4 अरब लोगों का विशाल बाजार है, जो मांग पैदा करता है और हमें बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्था का लाभ देता है।" यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक तकनीकी कंपनियां उभरते बाज़ारों में अपनी पहुंच विस्तारित करने की होड़ में हैं।

डेटा लागत, बिजली और एसटीईएम प्रतिभा

गोयल ने बताया कि भारत में डेटा की लागत अन्य देशों की तुलना में काफी कम है और देश के पास डेटा सेंटरों तथा कंप्यूटिंग ढांचे की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त बिजली संसाधन उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा, "हम दुनिया में सबसे अधिक एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) स्नातक तैयार करते हैं, जो तकनीकी क्षेत्र की रीढ़ हैं।" गौरतलब है कि भारत प्रतिवर्ष लाखों इंजीनियर और तकनीकी पेशेवर वैश्विक श्रम बाज़ार को देता है।

एआई और मानव बुद्धिमत्ता: सह-अस्तित्व का दृष्टिकोण

एआई के कारण रोज़गार पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर उठ रही चिंताओं पर गोयल ने स्पष्ट किया कि तकनीकी प्रगति मानवों की भूमिका को समाप्त नहीं करेगी, बल्कि नए अवसर और नए करियर विकल्प पैदा करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई कभी भी मानव बुद्धिमत्ता, मानवीय मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं का स्थान नहीं ले सकता।

मंत्री के अनुसार, भविष्य में एआई और मानव बुद्धिमत्ता मिलकर विकास और नवाचार को नई दिशा देंगे — यह प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि साझेदारी का युग होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा आंकड़ों में है — भारत के एसटीईएम स्नातकों की संख्या तो विशाल है, परंतु उनमें से कितने उच्च-मूल्य एआई अनुसंधान में योगदान दे रहे हैं, यह प्रश्न अनुत्तरित रहा। जनसांख्यिकीय लाभांश और सस्ते डेटा का तर्क नया नहीं है — यह एक दशक से दोहराया जा रहा है, जबकि वैश्विक एआई पेटेंट और मूलभूत शोध में भारत की हिस्सेदारी अभी भी सीमित है। एआई से रोज़गार पर खतरे की चिंताओं को 'नए अवसर' कहकर टालना पर्याप्त नहीं — नीतिगत विवरण और पुनर्कौशल ढांचे के बिना यह आश्वासन खोखला लग सकता है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने विवा टेक 2026 में भारत के बारे में क्या कहा?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 18 जून 2026 को पेरिस में विवा टेक सम्मेलन में कहा कि भारत एआई युग में दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने देश की युवा आबादी, सस्ता डेटा, विशाल बाज़ार और एसटीईएम प्रतिभा को भारत की प्रमुख ताकत बताया।
एआई के क्षेत्र में भारत की सबसे बड़ी ताकत क्या है?
गोयल के अनुसार भारत की सबसे बड़ी ताकतें हैं — 30 वर्ष से कम औसत आयु वाली युवा जनसंख्या, 1.4 अरब का विशाल घरेलू बाज़ार, दुनिया में सबसे कम डेटा लागत और सर्वाधिक एसटीईएम स्नातक। ये सभी मिलकर भारत को एआई-संचालित अर्थव्यवस्था के लिए आदर्श आधार देते हैं।
क्या एआई से भारत में रोज़गार खत्म होंगे?
पीयूष गोयल ने इस चिंता को खारिज करते हुए कहा कि तकनीकी प्रगति मानवों की भूमिका समाप्त नहीं करेगी, बल्कि नए अवसर और नए करियर विकल्प सृजित करेगी। उनके अनुसार एआई और मानव बुद्धिमत्ता मिलकर भविष्य के नवाचार को दिशा देंगे।
विवा टेक 2026 क्या है और यह कहाँ आयोजित हुआ?
विवा टेक (VivaTech) पेरिस में आयोजित होने वाला एक प्रमुख वैश्विक तकनीकी सम्मेलन है जो स्टार्टअप, नवाचार और डिजिटल परिवर्तन पर केंद्रित है। इसका 2026 संस्करण जून में आयोजित हुआ जिसमें भारत सहित विश्व के अनेक देशों के नेताओं और उद्योगपतियों ने भाग लिया।
भारत एसटीईएम स्नातकों के मामले में कहाँ खड़ा है?
गोयल के अनुसार भारत दुनिया में सबसे अधिक एसटीईएम — विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित — स्नातक तैयार करता है। यह तकनीकी कार्यबल भारत को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले