विवा टेक 2026: पीयूष गोयल बोले — एआई युग में भारत दुनिया के लिए प्रेरणा, 30 से कम औसत आयु सबसे बड़ी ताकत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 18 जून 2026 को पेरिस में आयोजित विवा टेक 2026 सम्मेलन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में भारत वैश्विक तकनीकी परिदृश्य के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि देश की 30 वर्ष से कम औसत आयु वाली युवा जनसंख्या, सस्ता डेटा और विशाल एसटीईएम प्रतिभा-भंडार भारत को वैश्विक तकनीकी क्रांति की अग्रिम पंक्ति में स्थापित कर रहे हैं।
भारत की प्राकृतिक ताकतें
गोयल ने सम्मेलन में कहा, "भारत दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। हमारी युवा और प्रतिभाशाली आबादी, सस्ता डेटा, बढ़ती क्षमताएं और साझा विकास का दृष्टिकोण हमें तकनीकी विकास की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करता है।" उन्होंने रेखांकित किया कि भारत के पास कई ऐसी संरचनात्मक विशेषताएं हैं जो उसे वैश्विक डिजिटल विभाजन को पाटने में सक्षम बनाती हैं।
मंत्री ने कहा कि भारत अन्य देशों की तुलना में तकनीक को अधिक तेज़ी और प्रभावी ढंग से अपनाता है तथा एआई को खतरे के बजाय विकास के एक माध्यम के रूप में देखता है।
जनसांख्यिकीय लाभांश और बाज़ार का आकार
गोयल ने कहा, "हमारे पास युवा आबादी है और यह बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी औसत आयु 30 वर्ष से कम है। हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। इससे आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और नवाचार को गति मिलती है।"
उन्होंने आगे जोड़ा, "हमारे पास 1.4 अरब लोगों का विशाल बाजार है, जो मांग पैदा करता है और हमें बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्था का लाभ देता है।" यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक तकनीकी कंपनियां उभरते बाज़ारों में अपनी पहुंच विस्तारित करने की होड़ में हैं।
डेटा लागत, बिजली और एसटीईएम प्रतिभा
गोयल ने बताया कि भारत में डेटा की लागत अन्य देशों की तुलना में काफी कम है और देश के पास डेटा सेंटरों तथा कंप्यूटिंग ढांचे की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त बिजली संसाधन उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा, "हम दुनिया में सबसे अधिक एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) स्नातक तैयार करते हैं, जो तकनीकी क्षेत्र की रीढ़ हैं।" गौरतलब है कि भारत प्रतिवर्ष लाखों इंजीनियर और तकनीकी पेशेवर वैश्विक श्रम बाज़ार को देता है।
एआई और मानव बुद्धिमत्ता: सह-अस्तित्व का दृष्टिकोण
एआई के कारण रोज़गार पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर उठ रही चिंताओं पर गोयल ने स्पष्ट किया कि तकनीकी प्रगति मानवों की भूमिका को समाप्त नहीं करेगी, बल्कि नए अवसर और नए करियर विकल्प पैदा करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई कभी भी मानव बुद्धिमत्ता, मानवीय मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं का स्थान नहीं ले सकता।
मंत्री के अनुसार, भविष्य में एआई और मानव बुद्धिमत्ता मिलकर विकास और नवाचार को नई दिशा देंगे — यह प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि साझेदारी का युग होगा।