भारत-बुल्गारिया एफओसी का 7वां दौर नई दिल्ली में, व्यापार, रक्षा और AI पर बड़ी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
भारत और बुल्गारिया के बीच विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) का 7वां दौर 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतरिक्ष सहित द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय पक्ष से सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और बुल्गारियाई पक्ष से विदेश मामलों के उप मंत्री क्रिस्टो पोलेंडाकोव ने की।
मुख्य घटनाक्रम
एफओसी के इस दौर में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय संबंधों की संपूर्ण समीक्षा की। चर्चा में उच्चस्तरीय आदान-प्रदान, संस्थागत तंत्रों के अंतर्गत सहयोग और व्यापार एवं निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अंतरिक्ष, रक्षा, शिक्षा, संस्कृति तथा जन-संबंधों जैसे विविध क्षेत्र शामिल रहे।
दोनों पक्षों ने इस वर्ष जून 2026 में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की सोफिया यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों को मिली नई गति की सराहना की और आपसी हित के नए क्षेत्रों में सहयोग विस्तार की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते का संदर्भ
बैठक में दोनों पक्षों ने हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने माना कि इस समझौते ने आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों में एक नया अध्याय खोला है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत अपने यूरोपीय साझेदारों के साथ व्यापार और प्रौद्योगिकी संबंधों को गहरा करने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। दोनों पक्षों ने इस FTA के शीघ्र क्रियान्वयन के प्रयास जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
गौरतलब है कि बुल्गारिया यूरोपीय संघ का सदस्य देश होने के नाते भारत के लिए EU तक पहुँच के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में भी देखा जाता है। भारत और बुल्गारिया के बीच दीर्घकालिक, सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं।
बहुपक्षीय सहयोग पर जोर
चर्चा में बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग और क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों के आदान-प्रदान को भी शामिल किया गया। यह भारत की उस व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह यूरोपीय देशों के साथ बहुआयामी साझेदारी को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।
आगे क्या
दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि एफओसी का अगला, 8वां दौर, सोफिया में आपसी सहमति से तय तिथि पर आयोजित किया जाएगा। यह नियमित द्विपक्षीय परामर्श तंत्र दोनों देशों के बीच संबंधों को संस्थागत रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक सतत प्रयास को दर्शाता है।