जयशंकर-रोमानिया एफएम मुलाकात: ईयू-भारत एफटीए और द्विपक्षीय व्यापार ₹10,000 करोड़ पार
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 28 मई 2026 को साइप्रस के निकोसिया में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक जिमनिच बैठक के दौरान रोमानिया की विदेश मंत्री ओना-सिल्विया तोइयू से मुलाकात की और प्रस्तावित ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। यह दोनों मंत्रियों के बीच चौथी आधिकारिक बैठक थी, जो भारत-रोमानिया संबंधों में बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।
बैठक में क्या हुई चर्चा
रोमानियाई विदेश मंत्री ओना-सिल्विया तोइयू ने बैठक के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'हम अब जमीन तैयार कर रहे हैं ताकि हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाएँ भविष्य के ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौते का अधिकतम लाभ उठा सकें, जिसमें रक्षा उद्योग, नवीकरणीय ऊर्जा, स्टील, ऑटोमोटिव, फर्टिलाइजर और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूत संभावनाएँ हैं।'
उन्होंने यह भी बताया कि आठ वर्षों के अंतराल के बाद दोनों देशों के संयुक्त आर्थिक सहयोग आयोग को पुनः सक्रिय किया गया है, जिससे द्विपक्षीय निवेश में तेजी आई है।
व्यापार में उल्लेखनीय उछाल
तोइयू ने बताया कि रोमानिया और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 1.2 अरब डॉलर (लगभग ₹10,000 करोड़) तक पहुँच गया है, जो 2024 की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। यह आँकड़ा भारत-यूरोपीय संघ व्यापार संबंधों के व्यापक संदर्भ में रोमानिया की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।
आईएमईसी और मध्यपूर्व पर भी चर्चा
दोनों मंत्रियों ने मध्यपूर्व की बदलती स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया। इसमें ऊर्जा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, भारत-मध्यपूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (आईएमईसी) और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता जैसे मुद्दे शामिल थे। तोइयू ने स्पष्ट किया कि 'रोमानिया और भारत अपनी विस्तारित साझेदारी के रणनीतिक पहलू को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'
जयशंकर की बहुपक्षीय कूटनीति
विदेश मंत्री जयशंकर ने उसी दिन एक्स पर लिखा कि उन्होंने साइप्रस में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की, रोमानिया की विदेश मंत्री ओना-सिल्विया तोइयू और नीदरलैंड के टॉम बेरेंडसेन के साथ संक्षिप्त चर्चा की। यह बहुपक्षीय संपर्क भारत की यूरोपीय देशों के साथ सक्रिय कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
ईयू-भारत एफटीए: आगे की राह
गौरतलब है कि जनवरी 2026 में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू एफटीए पर वार्ता के सफल समापन की घोषणा करते हुए इसे 'सभी व्यापार समझौतों की जननी' बताया था। यह समझौता 2026 में किसी भी समय लागू होने की उम्मीद है। दोनों मंत्री इस वर्ष के अंत में रोमानिया के उच्चस्तरीय दौरे की भी प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देगा।