14 जुलाई 2026
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जयशंकर-रोमानिया एफएम मुलाकात: ईयू-भारत एफटीए और द्विपक्षीय व्यापार ₹10,000 करोड़ पार

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जयशंकर-रोमानिया एफएम मुलाकात: ईयू-भारत एफटीए और द्विपक्षीय व्यापार ₹10,000 करोड़ पार

सारांश

साइप्रस में जिमनिच बैठक के दौरान जयशंकर और रोमानियाई विदेश मंत्री की चौथी मुलाकात ने ईयू-भारत एफटीए की ज़मीन तैयार करने पर फोकस किया। द्विपक्षीय व्यापार 1.2 अरब डॉलर पार, आठ साल बाद संयुक्त आर्थिक आयोग भी सक्रिय — भारत-यूरोप संबंधों में नया मोमेंटम साफ दिखता है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 28 मई 2026 को निकोसिया, साइप्रस में रोमानिया की विदेश मंत्री ओना-सिल्विया तोइयू से चौथी बार मुलाकात की।
भारत-रोमानिया द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 1.2 अरब डॉलर पहुँचा — 2024 की तुलना में 20% से अधिक वृद्धि।
आठ वर्षों के अंतराल के बाद संयुक्त आर्थिक सहयोग आयोग पुनः सक्रिय, निवेश में तेजी।
रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, स्टील, ऑटोमोटिव, फर्टिलाइजर और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को ईयू-भारत एफटीए में प्रमुख क्षेत्र बताया गया।
आईएमईसी , ऊर्जा सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन स्वतंत्रता पर भी चर्चा हुई।
ईयू-भारत एफटीए के 2026 में लागू होने की उम्मीद; रोमानिया उच्चस्तरीय दौरा भी इसी वर्ष प्रस्तावित।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 28 मई 2026 को साइप्रस के निकोसिया में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक जिमनिच बैठक के दौरान रोमानिया की विदेश मंत्री ओना-सिल्विया तोइयू से मुलाकात की और प्रस्तावित ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। यह दोनों मंत्रियों के बीच चौथी आधिकारिक बैठक थी, जो भारत-रोमानिया संबंधों में बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।

बैठक में क्या हुई चर्चा

रोमानियाई विदेश मंत्री ओना-सिल्विया तोइयू ने बैठक के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'हम अब जमीन तैयार कर रहे हैं ताकि हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाएँ भविष्य के ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौते का अधिकतम लाभ उठा सकें, जिसमें रक्षा उद्योग, नवीकरणीय ऊर्जा, स्टील, ऑटोमोटिव, फर्टिलाइजर और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूत संभावनाएँ हैं।'

उन्होंने यह भी बताया कि आठ वर्षों के अंतराल के बाद दोनों देशों के संयुक्त आर्थिक सहयोग आयोग को पुनः सक्रिय किया गया है, जिससे द्विपक्षीय निवेश में तेजी आई है।

व्यापार में उल्लेखनीय उछाल

तोइयू ने बताया कि रोमानिया और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 1.2 अरब डॉलर (लगभग ₹10,000 करोड़) तक पहुँच गया है, जो 2024 की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। यह आँकड़ा भारत-यूरोपीय संघ व्यापार संबंधों के व्यापक संदर्भ में रोमानिया की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।

आईएमईसी और मध्यपूर्व पर भी चर्चा

दोनों मंत्रियों ने मध्यपूर्व की बदलती स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया। इसमें ऊर्जा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, भारत-मध्यपूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (आईएमईसी) और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता जैसे मुद्दे शामिल थे। तोइयू ने स्पष्ट किया कि 'रोमानिया और भारत अपनी विस्तारित साझेदारी के रणनीतिक पहलू को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'

जयशंकर की बहुपक्षीय कूटनीति

विदेश मंत्री जयशंकर ने उसी दिन एक्स पर लिखा कि उन्होंने साइप्रस में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की, रोमानिया की विदेश मंत्री ओना-सिल्विया तोइयू और नीदरलैंड के टॉम बेरेंडसेन के साथ संक्षिप्त चर्चा की। यह बहुपक्षीय संपर्क भारत की यूरोपीय देशों के साथ सक्रिय कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है।

ईयू-भारत एफटीए: आगे की राह

गौरतलब है कि जनवरी 2026 में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू एफटीए पर वार्ता के सफल समापन की घोषणा करते हुए इसे 'सभी व्यापार समझौतों की जननी' बताया था। यह समझौता 2026 में किसी भी समय लागू होने की उम्मीद है। दोनों मंत्री इस वर्ष के अंत में रोमानिया के उच्चस्तरीय दौरे की भी प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय स्तर पर भी पक्का करना चाहता है। रोमानिया जैसे मध्यम आकार के यूरोपीय देशों को साधना भारत की 'यूरोप को टुकड़ों में जोड़ो' रणनीति का हिस्सा लगता है। हालाँकि, एफटीए के 2026 में लागू होने की उम्मीद के बावजूद क्रियान्वयन की जटिलताएँ — खासकर टैरिफ और डेटा-लोकलाइजेशन पर — अभी अनसुलझी हैं। व्यापार में 20% वृद्धि उत्साहजनक है, पर यह आधार अभी भी छोटा है; असली परीक्षा एफटीए के बाद के पहले दो वर्षों में होगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईयू-भारत एफटीए क्या है और यह कब लागू होगा?
ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) यूरोपीय संघ और भारत के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेश पर टैरिफ व बाधाएँ कम करने का व्यापक समझौता है। जनवरी 2026 में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने वार्ता के सफल समापन की घोषणा की थी और यह 2026 में किसी भी समय लागू होने की उम्मीद है।
जयशंकर और रोमानियाई विदेश मंत्री की बैठक में क्या तय हुआ?
दोनों मंत्रियों ने ईयू-भारत एफटीए की तैयारियों, द्विपक्षीय व्यापार विस्तार और रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने पर चर्चा की। रक्षा उद्योग, नवीकरणीय ऊर्जा, स्टील, ऑटोमोटिव, फर्टिलाइजर और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रमुख सहयोग क्षेत्र बताया गया। इसके अलावा आईएमईसी और मध्यपूर्व की स्थिति पर भी विचार-विमर्श हुआ।
भारत-रोमानिया व्यापार अभी कितना है?
रोमानियाई विदेश मंत्री के अनुसार, भारत-रोमानिया द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 1.2 अरब डॉलर (लगभग ₹10,000 करोड़) तक पहुँच गया है, जो 2024 की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
जिमनिच बैठक क्या होती है?
जिमनिच बैठक यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक होती है, जो आमतौर पर किसी सदस्य देश में आयोजित की जाती है। इसमें कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिए जाते, बल्कि खुले विचार-विमर्श और कूटनीतिक संपर्क पर जोर होता है। 28 मई 2026 को यह बैठक साइप्रस की राजधानी निकोसिया में हुई।
आईएमईसी क्या है और इसमें भारत-रोमानिया की क्या भूमिका है?
भारत-मध्यपूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (आईएमईसी) एक बहुपक्षीय कनेक्टिविटी परियोजना है जो भारत को मध्यपूर्व के रास्ते यूरोप से जोड़ती है। रोमानिया यूरोपीय संघ का सदस्य होने के नाते इस कॉरिडोर के यूरोपीय छोर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है; दोनों मंत्रियों ने इस पर भी चर्चा की।
राष्ट्र प्रेस
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