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भारत में घरेलू पर्यटक यात्राएं 428.55 करोड़ के पार, विदेशी मुद्रा आय ₹2.76 लाख करोड़ से अधिक: सरकारी फैक्टशीट

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भारत में घरेलू पर्यटक यात्राएं 428.55 करोड़ के पार, विदेशी मुद्रा आय ₹2.76 लाख करोड़ से अधिक: सरकारी फैक्टशीट

सारांश

वर्ष 2025 में भारत में घरेलू पर्यटक यात्राएं 428.55 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचीं और विदेशी मुद्रा आय ₹2.76 लाख करोड़ से पार हो गई। सरकार की फैक्टशीट डिजिटल इकोसिस्टम, ई-वीजा विस्तार और 8.46 करोड़ रोज़गारों के साथ पर्यटन को अब भारतीय अर्थव्यवस्था का एक निर्णायक स्तंभ बताती है।

मुख्य बातें

वर्ष 2025 में घरेलू पर्यटक यात्राएं बढ़कर 428.55 करोड़ और विदेशी पर्यटक यात्राएं 2.53 करोड़ हो गईं।
पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय बढ़कर ₹2,76,831 करोड़ तक पहुँची।
2023-24 में पर्यटन क्षेत्र ने GDP में 5.22% योगदान दिया और 8.46 करोड़ रोज़गारों को सहारा दिया।
ई-वीजा सुविधा अब 172 देशों तक विस्तारित; 78% वीजा ई-वीजा के रूप में जारी; 95% आवेदनों का निपटारा 72 घंटे में।
स्वदेश दर्शन 2.0 , प्रसाद , क्रूज पर्यटन और पर्यटन कौशल विकास कार्यक्रम नए स्थलों के विकास में सक्रिय।
वैश्विक यात्रा एवं पर्यटन उद्योग का 2024 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में योगदान 10.9 ट्रिलियन डॉलर रहा।

सरकार द्वारा 26 सितंबर 2026 को जारी एक विस्तृत फैक्टशीट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत में घरेलू पर्यटक यात्राओं की संख्या बढ़कर 428.55 करोड़ तक पहुँच गई, जबकि विदेशी पर्यटक यात्राएं 2.53 करोड़ रहीं। इसी अवधि में पर्यटन क्षेत्र से विदेशी मुद्रा आय बढ़कर ₹2,76,831 करोड़ हो गई, जो भारतीय अर्थव्यवस्था में इस क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।

अर्थव्यवस्था में पर्यटन का योगदान

फैक्टशीट में उल्लेख किया गया है कि 2023-24 में पर्यटन क्षेत्र ने देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 5.22 प्रतिशत का योगदान दिया और 8.46 करोड़ रोज़गारों को सहारा दिया। आँकड़ों के अनुसार, यह क्षेत्र अब केवल यात्रा और आतिथ्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण रोज़गार, शिल्प और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे व्यापक आर्थिक क्षेत्रों से भी गहराई से जुड़ चुका है।

भारत में पर्यटन क्षेत्र के आर्थिक योगदान का आकलन टूरिज्म सैटेलाइट अकाउंट (TSA) के माध्यम से किया जाता है — यह एक आधिकारिक लेखांकन ढाँचा है, जो पर्यटन के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के आर्थिक प्रभावों को मापता है।

डिजिटल पर्यटन इकोसिस्टम को बढ़ावा

विश्व पर्यटन दिवस 2026 से पूर्व जारी इस फैक्टशीट में बताया गया है कि भारत डिजिटल पर्यटन इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने पर निरंतर कार्य कर रहा है। ई-वीजा सुविधा, इन्क्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म और निधि+ जैसी पहलें इस दिशा में उठाए गए प्रमुख कदम हैं।

पुनर्विकसित इन्क्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म अब ऐतिहासिक स्थलों, साहसिक पर्यटन, वेलनेस, ग्रामीण पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े वर्चुअल अनुभव प्रदान करता है। इसमें एकीकृत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल वास्तविक समय की मौसम जानकारी, शहर खोज और व्यक्तिगत यात्रा सेवाएँ उपलब्ध कराता है।

ई-वीजा विस्तार और प्रवेश बिंदु

अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए यात्रा प्रक्रिया को सरल बनाने के क्रम में, वर्ष 2014 में केवल 43 देशों के नागरिकों के लिए शुरू की गई ई-वीजा सुविधा का दायरा अब बढ़कर 172 देशों तक पहुँच चुका है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, भारत द्वारा जारी किए जाने वाले कुल वीजा में लगभग 78 प्रतिशत ई-वीजा के रूप में होते हैं और लगभग 95 प्रतिशत ई-वीजा आवेदनों का निपटारा 72 घंटे के भीतर कर दिया जाता है।

वर्तमान में भारत में प्रवेश के लिए 88 अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदु उपलब्ध हैं — जिनमें 37 हवाई अड्डे, 38 समुद्री बंदरगाह और 13 भूमि सीमा बिंदु शामिल हैं।

प्रमुख सरकारी योजनाएँ

डिजिटल नवाचार के साथ-साथ स्वदेश दर्शन 2.0, प्रसाद, क्रूज पर्यटन और पर्यटन कौशल विकास कार्यक्रम जैसे प्रयास नए पर्यटन स्थलों के विकास, यात्रियों के अनुभव सुधार और स्थानीय रोज़गार सृजन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

गौरतलब है कि ये योजनाएँ धार्मिक, विरासत, प्राकृतिक और ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से देश के दूरदराज़ क्षेत्रों को भी मुख्यधारा के पर्यटन मानचित्र से जोड़ने का लक्ष्य रखती हैं।

वैश्विक परिदृश्य में भारत की स्थिति

वैश्विक स्तर पर भी पर्यटन क्षेत्र का महत्व उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। वर्ष 2024 में यात्रा और पर्यटन उद्योग का वैश्विक अर्थव्यवस्था में योगदान 10.9 ट्रिलियन डॉलर रहा, जो वैश्विक GDP का लगभग 10 प्रतिशत है। इस क्षेत्र ने दुनियाभर में 35.7 करोड़ रोज़गारों को सहारा दिया और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के व्यय के रूप में 1.9 ट्रिलियन डॉलर की आय उत्पन्न की। इन आँकड़ों के बीच भारत के घरेलू पर्यटन की यह छलांग देश को वैश्विक पर्यटन शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे उचित संदर्भ में देखना ज़रूरी है — यह 'यात्राएं' हैं, 'यात्री' नहीं, यानी एक ही व्यक्ति की बहु-यात्राएं भी गिनी जाती हैं। GDP में 5.22% योगदान और 8.46 करोड़ रोज़गारों के दावे TSA ढाँचे पर आधारित हैं, जो प्रत्यक्ष के साथ-साथ अप्रत्यक्ष प्रभावों को भी जोड़ता है — एक ऐसी पद्धति जिसे अर्थशास्त्री अक्सर 'उदार' मानते हैं। असली सवाल यह है कि इस वृद्धि का फायदा किसे मिल रहा है: बड़े शहरी होटल चेन और एयरलाइंस, या वे लाखों ग्रामीण और अर्ध-शहरी समुदाय जिनके लिए स्वदेश दर्शन जैसी योजनाएँ बनी हैं।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में भारत में कितने घरेलू पर्यटक यात्राएं हुईं?
सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, वर्ष 2025 में देश में घरेलू पर्यटक यात्राओं की संख्या बढ़कर 428.55 करोड़ तक पहुँच गई। इसी अवधि में विदेशी पर्यटक यात्राएं 2.53 करोड़ रहीं।
पर्यटन से भारत की विदेशी मुद्रा आय कितनी है?
वर्ष 2025 में पर्यटन क्षेत्र से विदेशी मुद्रा आय बढ़कर ₹2,76,831 करोड़ (लगभग ₹2.76 लाख करोड़) तक पहुँच गई। यह आँकड़ा 26 सितंबर 2026 को जारी सरकारी फैक्टशीट में प्रस्तुत किया गया है।
भारत की GDP में पर्यटन क्षेत्र का योगदान कितना है?
2023-24 में पर्यटन क्षेत्र ने भारत की GDP में 5.22 प्रतिशत का योगदान दिया और 8.46 करोड़ रोज़गारों को सहारा दिया। इस योगदान का आकलन टूरिज्म सैटेलाइट अकाउंट (TSA) के माध्यम से किया जाता है।
भारत में ई-वीजा सुविधा कितने देशों के लिए उपलब्ध है?
वर्तमान में भारत की ई-वीजा सुविधा 172 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है, जो 2014 में केवल 43 देशों से शुरू हुई थी। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, लगभग 78% वीजा ई-वीजा के रूप में जारी होते हैं और 95% आवेदनों का निपटारा 72 घंटे के भीतर होता है।
भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की कौन-सी प्रमुख योजनाएँ हैं?
सरकार स्वदेश दर्शन 2.0, प्रसाद, क्रूज पर्यटन और पर्यटन कौशल विकास कार्यक्रम जैसी योजनाओं के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र को सशक्त कर रही है। इसके अलावा इन्क्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI आधारित टूल्स के ज़रिए डिजिटल पर्यटन इकोसिस्टम को भी मज़बूत किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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