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पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹5,000 करोड़ से अधिक निवेश, स्वदेश दर्शन और PRASHAD योजनाओं ने बदली देश की तस्वीर

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पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹5,000 करोड़ से अधिक निवेश, स्वदेश दर्शन और PRASHAD योजनाओं ने बदली देश की तस्वीर

सारांश

केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन, PRASHAD और SASCI योजनाओं के ज़रिये पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हज़ारों करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। WTTC के अनुसार भारत अगले दस वर्षों में वैश्विक पर्यटन अर्थव्यवस्था में चौथे स्थान पर पहुँच सकता है।

मुख्य बातें

स्वदेश दर्शन योजना के पहले चरण में 15 सर्किटों में ₹5,000 करोड़ से अधिक निवेश; 75 परियोजनाएँ पूर्ण।
PRASHAD योजना के तहत 54 परियोजनाएँ स्वीकृत, लागत ₹1,700 करोड़ से अधिक ; सोमनाथ, श्रीशैलम, गोवर्धन में सुविधाएँ बेहतर।
SASCI योजना के अंतर्गत 23 राज्यों में 40 परियोजनाएँ , कुल व्यय ₹3,295.76 करोड़ ।
2014–2025 के बीच 18.12 करोड़ अंतरराष्ट्रीय आगमन और 9.33 करोड़ विदेशी पर्यटक आगमन दर्ज।
भारत वैश्विक पर्यटन अर्थव्यवस्था में आठवें स्थान पर; WTTC के अनुसार अगले दशक में चौथे स्थान पर पहुँचने की संभावना।
ई-वीज़ा प्रणाली का व्यापक विस्तार; 50 नए प्रमुख स्थलों के विकास का प्रस्ताव तैयार।

केंद्र सरकार की प्रमुख पर्यटन योजनाओं ने 25 जून 2025 तक देशभर में पर्यटन बुनियादी ढाँचे को व्यापक रूप से सुदृढ़ किया है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत 76 परियोजनाएँ और PRASHAD (प्रसाद) योजना के तहत 54 परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं, जिनकी संयुक्त लागत ₹1,700 करोड़ से अधिक है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी साझा की गई है।

स्वदेश दर्शन योजना: मुख्य घटनाक्रम

स्वदेश दर्शन योजना के पहले चरण में 15 पर्यटन सर्किटों में ₹5,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है। इनमें से 75 परियोजनाएँ भौतिक रूप से पूरी हो चुकी हैं, जिससे पर्यटकों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, सुविधाओं में सुधार आया है और पर्यटन-सहायक बुनियादी ढाँचा मजबूत हुआ है। यह योजना देश के विभिन्न भौगोलिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों को एकीकृत पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

PRASHAD योजना: तीर्थ स्थलों का कायाकल्प

तीर्थ स्थलों के विकास के लिए संचालित PRASHAD योजना के अंतर्गत ₹1,700 करोड़ से अधिक लागत की 54 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस योजना के ज़रिये सोमनाथ, श्रीशैलम और उत्तर प्रदेश के पवित्र गोवर्धन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएँ और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर की गई है। यह पहल धार्मिक पर्यटन को आधुनिक अनुभव से जोड़ने का प्रयास करती है।

SASCI योजना और राज्यों को पूँजी सहायता

स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) योजना के तहत 23 राज्यों में 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिन पर कुल ₹3,295.76 करोड़ व्यय किए जाएँगे। इस योजना का उद्देश्य पर्यटन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करना है। गौरतलब है कि 100 से अधिक पर्यटन स्थलों को पिछले एक दशक में आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा चुका है, और अतिरिक्त 50 प्रमुख स्थलों के विकास का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।

आम जनता और पर्यटकों पर असर

2014 से 2025 के बीच भारत में 18.12 करोड़ अंतरराष्ट्रीय आगमन और 9.33 करोड़ विदेशी पर्यटक आगमन दर्ज किए गए। अंतरराष्ट्रीय आगमन में विदेशी नागरिकों के साथ-साथ अनिवासी भारतीय (NRI) भी शामिल हैं। विदेशी पर्यटकों के लिए यात्रा को सरल बनाने हेतु सरकार ने ई-वीज़ा प्रणाली का व्यापक विस्तार किया है, जिससे दुनिया के अनेक देशों के नागरिकों के लिए भारत की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम हो गई है।

वैश्विक रैंकिंग और आर्थिक योगदान

वर्तमान में भारत दुनिया की शीर्ष पर्यटन अर्थव्यवस्थाओं में आठवें स्थान पर है और पर्यटन क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में $231.6 अरब का योगदान देता है। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) के अनुमान के अनुसार, आने वाले दस वर्षों में भारत वैश्विक पर्यटन अर्थव्यवस्था में चौथे स्थान पर पहुँच सकता है। यह संभावना तभी साकार होगी जब बुनियादी ढाँचे के निवेश के साथ-साथ सेवा गुणवत्ता और पर्यटक अनुभव में भी निरंतर सुधार होता रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ से अधिक का यह निवेश आँकड़ों में प्रभावशाली लगता है, लेकिन असली सवाल यह है कि पूर्ण परियोजनाओं ने ज़मीनी स्तर पर पर्यटक अनुभव को कितना बदला है — जिसका कोई स्वतंत्र मूल्यांकन आधिकारिक बयान में नहीं है। WTTC का 'चौथे स्थान' का अनुमान उत्साहजनक है, लेकिन भारत में प्रति पर्यटक औसत व्यय और ठहराव अवधि वैश्विक औसत से अभी भी पीछे है। बुनियादी ढाँचे के निर्माण और उसके वास्तविक उपयोग के बीच की खाई को पाटना ही इन योजनाओं की दीर्घकालिक सफलता की कसौटी होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वदेश दर्शन योजना क्या है और इसके तहत कितना निवेश हुआ है?
स्वदेश दर्शन योजना केंद्र सरकार की पर्यटन बुनियादी ढाँचा विकास योजना है, जिसके पहले चरण में 15 पर्यटन सर्किटों में ₹5,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है। इसके तहत 76 परियोजनाएँ स्वीकृत हुई हैं, जिनमें से 75 भौतिक रूप से पूर्ण हो चुकी हैं।
PRASHAD योजना से किन तीर्थ स्थलों को फायदा हुआ है?
PRASHAD योजना के तहत ₹1,700 करोड़ से अधिक लागत की 54 परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। सोमनाथ, श्रीशैलम और उत्तर प्रदेश के गोवर्धन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएँ और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर की गई है।
SASCI योजना क्या है और इससे कितने राज्यों को लाभ मिला है?
स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) योजना राज्यों को पर्यटन स्थलों के विकास के लिए पूँजीगत सहायता देती है। इसके तहत 23 राज्यों में 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिन पर कुल ₹3,295.76 करोड़ व्यय किए जाएँगे।
2014 से 2025 के बीच भारत में कितने विदेशी पर्यटक आए?
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, 2014 से 2025 के बीच भारत में 18.12 करोड़ अंतरराष्ट्रीय आगमन और 9.33 करोड़ विदेशी पर्यटक आगमन दर्ज किए गए। इन आँकड़ों में विदेशी नागरिकों के साथ-साथ अनिवासी भारतीय (NRI) भी शामिल हैं।
वैश्विक पर्यटन में भारत की वर्तमान रैंकिंग क्या है और भविष्य में क्या संभावना है?
भारत वर्तमान में वैश्विक पर्यटन अर्थव्यवस्था में आठवें स्थान पर है और पर्यटन क्षेत्र अर्थव्यवस्था में $231.6 अरब का योगदान देता है। WTTC के अनुमान के अनुसार, आने वाले दस वर्षों में भारत चौथे स्थान पर पहुँच सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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