एलएनजी ट्रेन को अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी, साबरमती से देश की पहली LNG रेल सेवा शुरू
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 27 सितंबर 2026 को अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन से देश की पहली एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) चालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर शाह ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम करार दिया और कहा कि यह भारतीय रेलवे की हरित परिवहन यात्रा का नया अध्याय है।
साबरमती की पावन भूमि से नई शुरुआत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि हम उस भूमि पर खड़े हैं जो आत्मशक्ति और सत्य के प्रयोगों की धरोहर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि यहाँ से कुछ ही किलोमीटर दूर महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम स्थापित कर सत्याग्रह, सादा जीवन, ग्रामीण विकास और खादी आंदोलन को जमीनी स्तर पर लागू किया था। उन्होंने इस ऐतिहासिक संदर्भ को आज की हरित रेल पहल से जोड़ते हुए कहा कि परिवर्तन और नवाचार की यह परंपरा आज भी जारी है।
मुख्य परियोजनाएँ और तकनीकी विशेषताएँ
इस अवसर पर साबरमती रेलवे डिवीजन में ₹1,472 करोड़ की लागत वाली विभिन्न रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इनमें पर्यावरण संरक्षण, यात्री सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाएँ शामिल हैं।
शाह ने बताया कि 1,200 हॉर्सपावर क्षमता का ट्विन-सेक्शन इंजन लगभग 600 ट्रकों के बराबर माल ढुलाई की क्षमता रखता है। पहले यही काम दो लोकोमोटिव से होता था, लेकिन अब एक WAG-12 इंजन यह कार्य सम्पन्न कर सकता है। इसके अतिरिक्त देश में डबल डेकर मालगाड़ी का ट्रायल जारी है, जिससे माल ढुलाई क्षमता में और वृद्धि होगी।
शाह ने यह भी बताया कि दिल्ली से हावड़ा और दिल्ली से गुवाहाटी तक लगभग 11,000 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर को चार-लेन नेटवर्क में बदलने का कार्य प्रगति पर है।
विद्युतीकरण और डीजल खपत में कमी
शाह ने बताया कि देश में रेलवे का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। डीजल खपत के आँकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 2015-16 में भारतीय रेलवे ने लगभग 293 करोड़ लीटर डीजल की खपत की थी, जो 2024-25 में घटकर लगभग 108 करोड़ लीटर रह गई है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक डीजल खपत को शून्य तक लाना है, जिससे विदेशी मुद्रा की भी बड़ी बचत होगी।
मेक इन इंडिया और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि प्रीमियम स्टेशन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल सिस्टम और हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत के साथ भारत दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है। उन्होंने बताया कि देश में निर्मित लोकोमोटिव में लगभग 94 प्रतिशत हिस्सा 'मेक इन इंडिया' का है और जल्द ही 100 प्रतिशत स्वदेशी उत्पादन का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
गौरतलब है कि साबरमती स्टेशन का भी कायाकल्प हुआ है — जहाँ 1980 के दशक में यात्रियों को रिक्शा लेने के लिए लगभग दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, वहाँ अब मेट्रो रेल, राज्य परिवहन बस स्टैंड और आने वाली हाई-स्पीड रेल सेवा तक कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
आगे की राह
शाह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और साबरमती रेलवे डिवीजन की पूरी टीम को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने रेलवे को वैश्विक मानकों के अनुरूप हरित और तकनीकी रूप से अत्याधुनिक बनाने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। एलएनजी ट्रेन की यह पहल देश की ऊर्जा सुरक्षा और कार्बन उत्सर्जन में कमी के दीर्घकालिक लक्ष्यों से सीधे जुड़ी है।