30 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

इंडिया गठबंधन की बैठक पर NDA का हमला: अखिलेश, DMK, AAP की गैरहाज़िरी से विपक्षी एकता पर सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इंडिया गठबंधन की बैठक पर NDA का हमला: अखिलेश, DMK, AAP की गैरहाज़िरी से विपक्षी एकता पर सवाल

सारांश

इंडिया गठबंधन की SIR-रणनीति बैठक शुरू होने से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई — अखिलेश यादव, DMK और AAP की गैरहाज़िरी ने NDA को विपक्षी एकता पर हमले का मौका दे दिया। BJP और JDU नेताओं ने इसे 'स्वार्थ का महा-ठगबंधन' करार दिया।

मुख्य बातें

30 सितंबर को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन ने SIR मुद्दे पर रणनीति बैठक बुलाई।
अखिलेश यादव व्यक्तिगत रूप से अनुपस्थित रहे; DMK और AAP ने भी बैठक से दूरी बनाई।
UP के मंत्री दानिश आज़ाद ने गठबंधन को 'महा-ठगबंधन' बताया।
बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा — पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक वोट कटने वाली 10 सीटों में से 6+ पर ममता और कांग्रेस जीती थी।
JDU महासचिव श्याम रजक ने कहा — गठबंधन के सहयोगी दल 'सिर्फ बातों-बातों में' साथ हैं।

नई दिल्ली में 30 सितंबर को SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़े मुद्दों पर रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई इंडिया गठबंधन की बैठक राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के व्यक्तिगत रूप से अनुपस्थित रहने और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) तथा आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा बैठक से किनारा करने पर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने विपक्षी एकजुटता को 'खोखला' करार दिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं ने इसे स्वार्थ और मजबूरी का गठबंधन बताया।

मुख्य घटनाक्रम

इंडिया गठबंधन ने यह बैठक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराने और साझा रणनीति बनाने के उद्देश्य से बुलाई थी। हालाँकि, बैठक से पहले ही कई प्रमुख घटक दलों की अनुपस्थिति ने गठबंधन की आंतरिक दरारों को उजागर कर दिया। अखिलेश यादव का व्यक्तिगत रूप से न आना, DMK और AAP का दूरी बनाना — इन तीनों घटनाक्रमों ने सत्ता पक्ष को हमले का मौका दे दिया।

BJP नेताओं की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आज़ाद ने इंडिया गठबंधन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'इंडिया गठबंधन के सदस्य साथ बैठने को भी तैयार नहीं हैं और एक-दूसरे पर ही हमले कर रहे हैं। तो फिर यह कैसा गठबंधन है? असल में, यह एक महा-ठगबंधन है। इसे राज्य की जनता को गुमराह करने और अपने राजनीतिक हित साधने के लिए बनाया गया है।'

दानिश आज़ाद ने अखिलेश यादव की गैरहाज़िरी पर सवाल उठाते हुए कहा, 'अखिलेश यादव ने खुद को बैठक से दूर कर लिया है। तो फिर इस गठबंधन का आधार क्या है? समाजवादी पार्टी हो, कांग्रेस पार्टी हो या इंडिया अलायंस की कोई और पार्टी, उनके दावे जनता के सामने बेनकाब हो चुके हैं।'

बिहार BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी विपक्षी एकता को 'खंड-खंड होने वाला गठबंधन' बताया। उन्होंने कहा, 'यह स्वार्थ का गठबंधन है। जब-जब चुनाव आता है या विपक्ष बुरी तरह पराजित होता है, तो संवैधानिक संस्थाओं पर उँगली उठाना — चुनाव आयोग पर, ईडी पर — इन लोगों की नियत ही बन गई है।'

SIR और चुनाव आयोग पर विवाद

सरावगी ने SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा, 'SIR के बाद एक महीने का समय दिया जाता है आपत्ति दर्ज करने के लिए। किसी का नाम गलत कटा है तो उसे जुड़वाने का प्रावधान है, लेकिन आपत्तियाँ दर्ज नहीं हो रही हैं और फालतू में हंगामा किया जा रहा है।' उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन 10 विधानसभा सीटों पर सबसे अधिक वोट कटे, उनमें से 6 से अधिक पर ममता बनर्जी और कांग्रेस ही जीती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहाँ जीत मिलती है वहाँ सब ठीक बताया जाता है और जहाँ हार होती है वहाँ संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाए जाते हैं।

JDU और अन्य NDA नेताओं का रुख

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'इंडिया गठबंधन में कौन-कौन सी पार्टी है? कोई जानता भी नहीं, नाम भी नहीं जानता। एक तो होगी समाजवादी पार्टी और उसका पिछलग्गू है कांग्रेस पार्टी — बाकी सब ना के बराबर हैं।' उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जैसे बाढ़ आने पर सांप-बिच्छू जान बचाने के लिए एक जगह चढ़ जाते हैं, वैसे ही ये सब इकट्ठा होने की कोशिश कर रहे हैं।

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा, 'नाम इंडिया गठबंधन है, लेकिन यह गठबंधन सिर्फ जिद पर टिका है। कांग्रेस अपनी जिद की वजह से गठबंधन की भावना के अनुरूप नहीं चली है। जो पार्टियाँ उनके साथ हैं, वे न तो पूरे दिल से और न ही भावना से उनके साथ हैं — सिर्फ बातों-बातों में साथ हैं।'

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन पहले से ही सीट-बँटवारे और नेतृत्व के सवाल पर आंतरिक तनाव झेल रहा है। गठबंधन की बैठक के बाद विपक्ष की साझा रणनीति कितनी प्रभावी होगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। NDA के इस हमले के जवाब में इंडिया गठबंधन के नेताओं की प्रतिक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक कथा है — जो इंडिया गठबंधन की हर आंतरिक दरार को राष्ट्रीय सुर्खी बनाने की रणनीति पर टिकी है। विडंबना यह है कि SIR जैसे ठोस चुनावी मुद्दे पर विपक्ष को एकजुट होना था, लेकिन उपस्थिति की कमी ने असली मुद्दे को पीछे धकेल दिया। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह चूक जाती है कि गठबंधन की 'अनुपस्थिति' उतनी ही राजनीतिक है जितनी 'उपस्थिति' — DMK और AAP का किनारा करना अपने-अपने राज्य की राजनीतिक समीकरणों से जुड़ा हो सकता है। असली सवाल यह है कि क्या इंडिया गठबंधन SIR पर कोई ठोस कानूनी या संसदीय रणनीति बना पाएगा, या यह बैठक भी बयानबाज़ी तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया गठबंधन की 30 सितंबर की बैठक किस मुद्दे पर बुलाई गई थी?
यह बैठक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने के लिए नई दिल्ली में बुलाई गई थी। विपक्षी दलों की चिंता थी कि SIR प्रक्रिया में वोट गलत तरीके से काटे जा रहे हैं।
अखिलेश यादव बैठक में क्यों नहीं गए?
स्रोत उपलब्ध जानकारी के अनुसार अखिलेश यादव ने व्यक्तिगत रूप से बैठक में शामिल न होने का फैसला किया, हालाँकि इसके पीछे की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं की गई। BJP नेता दानिश आज़ाद ने इसे गठबंधन की कमज़ोरी का प्रमाण बताया।
NDA नेताओं ने इंडिया गठबंधन को क्या कहा?
BJP और JDU नेताओं ने इंडिया गठबंधन को 'स्वार्थ का गठबंधन' और 'महा-ठगबंधन' करार दिया। UP के मंत्री दानिश आज़ाद, बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी, मंत्री रामकृपाल यादव और JDU महासचिव श्याम रजक ने विपक्षी एकता पर सवाल उठाए।
SIR प्रक्रिया पर BJP का क्या कहना है?
बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी के अनुसार SIR के बाद एक महीने का समय आपत्ति दर्ज करने के लिए दिया जाता है और गलत कटे नाम जुड़वाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि विपक्ष आपत्तियाँ दर्ज कराने के बजाय अनावश्यक हंगामा कर रहा है।
DMK और AAP की गैरहाज़िरी का गठबंधन पर क्या असर पड़ेगा?
DMK और AAP जैसे प्रमुख घटक दलों की अनुपस्थिति ने इंडिया गठबंधन की साझा रणनीति को कमज़ोर किया है और NDA को हमले का मौका दिया है। आने वाले दिनों में गठबंधन की एकजुटता और SIR पर उसकी रणनीति की असली परीक्षा होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 मिनट पहले
  2. 22 घंटे पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले