30 सितंबर 2026
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इंडिया गठबंधन बैठक पर सीपीआई (एम) का स्पष्टीकरण: AAP सदस्य नहीं, DMK से मतभेद सुलझेंगे

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इंडिया गठबंधन बैठक पर सीपीआई (एम) का स्पष्टीकरण: AAP सदस्य नहीं, DMK से मतभेद सुलझेंगे

सारांश

इंडिया गठबंधन की दिल्ली बैठक से AAP और DMK की दूरी ने NDA को हमले का मौका दिया। सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास ने सफाई दी — AAP कभी सदस्य नहीं था, DMK से तनाव दूर होगा। तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और वोटिंग रिकॉर्ड की नीति पर तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) इंडिया गठबंधन का औपचारिक हिस्सा नहीं है।
DMK के साथ तनाव को 'थोड़ा' बताते हुए ब्रिटास ने कहा कि मतभेद सुलझा लिए जाएंगे और गठबंधन एकजुट है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि वोटिंग रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अवधि 1 साल से घटाकर 45 दिन की गई — कथित तौर पर सबूत मिटाने के लिए।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य न्यायाधीश को मुख्य चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।
अखिलेश यादव की अनुपस्थिति का कारण सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने बताया — उत्तर प्रदेश में राम गोपाल यादव का राज्यसभा नामांकन।

इंडिया गठबंधन की नई दिल्ली में आयोजित बैठक को लेकर सियासी माहौल गर्म है। 30 सितंबर 2026 को एसआईआर (SIR) से जुड़े मुद्दों पर रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई इस बैठक में समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव की अनुपस्थिति और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) तथा आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा दूरी बनाए जाने पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेता सवाल उठाते रहे। अब गठबंधन के प्रमुख दलों की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है।

सीपीआई (एम) का बयान

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई (एम) के सांसद जॉन ब्रिटास ने बैठक के बाद स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "आम आदमी पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं है और DMK के साथ रिश्ते थोड़े तनावपूर्ण थे, लेकिन उन मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा। सभी साथ हैं और पूरा गठबंधन एकजुट है। इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।" ब्रिटास के इस बयान को गठबंधन में आंतरिक दरार की अटकलों को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

तेजस्वी यादव ने उठाए चुनावी धांधली के सवाल

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बैठक के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, "चुनावों के दौरान जिस बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और जैसा कि सवाल उठाने वाले दो चुनाव आयुक्तों ने खुलासा किया है, यह बैठक उसी मुद्दे पर चर्चा के लिए हो रही है। अगर आप अब तक हुए सभी चुनावों को देखें, तो वे सभी धोखाधड़ी वाले रहे हैं।"

यादव ने चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए कानून पहले ही बदल दिए गए। सबसे पहले मुख्य न्यायाधीश को चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। उसके बाद वोटिंग रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की अवधि, जो पहले एक साल हुआ करती थी, उसे घटाकर 45 दिन कर दिया गया — कथित तौर पर सबूत मिटाने के लिए।" यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर राजनीतिक बहस पहले से ही तेज है।

अखिलेश यादव की अनुपस्थिति पर सपा का स्पष्टीकरण

समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक ने अखिलेश यादव के बैठक में न आने का कारण बताया। उन्होंने कहा, "आज उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन होना है। राम गोपाल यादव नामांकन दाखिल करेंगे। वह पार्टी के वरिष्ठ नेता और हमारे समाजवादी परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं। उनके नामांकन के समय पार्टी अध्यक्ष का वहाँ मौजूद रहना जरूरी है।" मलिक के अनुसार यह अनुपस्थिति संगठनात्मक प्रतिबद्धता की वजह से थी, न कि गठबंधन से असंतोष के कारण।

गठबंधन की एकजुटता पर सवाल

गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन, जो विभिन्न विचारधाराओं वाले दलों का मोर्चा है, समय समय पर आंतरिक तालमेल की चुनौतियों का सामना करता रहा है। AAP की गठबंधन में औपचारिक अनुपस्थिति और DMK के साथ तनाव की खबरें NDA को विपक्षी एकता पर सवाल उठाने का मौका दे रही थीं। सीपीआई (एम) के ब्रिटास ने इन सवालों का सीधा जवाब देकर यह संदेश देने की कोशिश की कि मोर्चे की बुनियादी संरचना मजबूत है।

आगे की राह

DMK और गठबंधन के बीच के मतभेदों को सुलझाने की प्रक्रिया आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी। एसआईआर मुद्दे पर रणनीति और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर इंडिया गठबंधन की एकजुट आवाज़ तभी प्रभावी होगी, जब उसके सभी प्रमुख घटक दल एक मंच पर खड़े दिखें।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यही उसकी कमज़ोरी की निशानी होती है। AAP की औपचारिक अनुपस्थिति और DMK का तनाव एक साथ आना यह दर्शाता है कि इंडिया ब्लॉक की 'साझा रणनीति' अभी भी संगठनात्मक से ज्यादा प्रतीकात्मक है। तेजस्वी यादव के चुनाव आयोग पर आरोप गंभीर हैं, लेकिन विपक्ष की असली परीक्षा यह होगी कि क्या वह इन मुद्दों को एकजुट होकर अदालत या संसद तक ले जा सकता है — केवल प्रेस वार्ता तक सीमित रहने से मतदाताओं का भरोसा नहीं बनेगा।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या AAP इंडिया गठबंधन का हिस्सा है?
सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास के अनुसार आम आदमी पार्टी (AAP) इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं है। यह स्पष्टीकरण 30 सितंबर 2026 को दिल्ली में हुई इंडिया ब्लॉक बैठक के बाद आया।
DMK और इंडिया गठबंधन के बीच क्या मतभेद हैं?
ब्रिटास ने माना कि DMK के साथ रिश्ते 'थोड़े तनावपूर्ण' रहे हैं, हालांकि उन्होंने मतभेदों का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा।
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि वोटिंग रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अवधि एक साल से घटाकर 45 दिन की गई और मुख्य न्यायाधीश को मुख्य चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया से हटाया गया। उन्होंने इसे साक्ष्य मिटाने की कोशिश करार दिया।
अखिलेश यादव इंडिया ब्लॉक की बैठक में क्यों नहीं आए?
सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने बताया कि उत्तर प्रदेश में उसी दिन राम गोपाल यादव के राज्यसभा नामांकन का कार्यक्रम था, इसलिए पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का वहाँ उपस्थित रहना जरूरी था। यह अनुपस्थिति गठबंधन से असंतोष के कारण नहीं थी।
इंडिया गठबंधन की यह बैठक किस मुद्दे पर बुलाई गई थी?
यह बैठक एसआईआर (SIR) से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई थी। चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
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