अफगानिस्तान पर 8वीं मॉस्को फॉर्मेट बातचीत: भारत ने संप्रभुता और मानवीय सहायता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
सारांश
मुख्य बातें
भारत ने 5 अक्टूबर 2026 को मॉस्को में आयोजित अफगानिस्तान पर 8वीं मॉस्को फॉर्मेट बातचीत में एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह अफगान जनता की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अफगानिस्तान की संप्रभुता, एकता तथा क्षेत्रीय अखंडता का पूर्ण समर्थन करता है। रूसी विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण बहुपक्षीय परामर्श में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल और उनकी भागीदारी
इस बातचीत में भारत का प्रतिनिधित्व रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार और विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पाकिस्तान, अफगानिस्तान एवं ईरान) डॉ. एम. सुरेश कुमार ने किया। रूस स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में पुष्टि की कि प्रतिनिधिमंडल ने अफगानिस्तान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती और साझेदारी के आधार पर अपनी स्थिति रखी। गौरतलब है कि मॉस्को फॉर्मेट अफगानिस्तान मुद्दे पर एक प्रमुख बहुपक्षीय मंच है जिसमें क्षेत्रीय शक्तियाँ भाग लेती हैं।
मानवीय सहायता की निरंतर श्रृंखला
भारत सरकार का यह कदम अफगानिस्तान को मानवीय सहायता देने की उसकी निरंतर पहल का हिस्सा है। पिछले महीने विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि भारत से जीवन रक्षक दवाओं और मेडिकल सामान की एक और खेप काबुल के एक सरकारी अस्पताल में पहुँचाई गई। मंत्रालय ने कहा कि 'स्वास्थ्य सेवा अफगानिस्तान के लोगों के लिए भारत की मानवीय सहायता का मुख्य हिस्सा है।'
20 अगस्त 2026 को भी भारत ने काबुल के एक सरकारी अस्पताल में दवाएं और मेडिकल सामग्री पहुँचाकर अफगान जनता के साथ अपनी स्वास्थ्य साझेदारी को पुनः मजबूत किया था।
आपदा राहत में भी भारत की भूमिका
यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने जुलाई में नूरिस्तान में आई भयानक बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए अफगानिस्तान के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी को राहत सामग्री भी पहुँचाई थी। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत केवल राजनयिक स्तर पर नहीं, बल्कि व्यावहारिक मानवीय सहायता के जरिए भी अफगान जनता के साथ खड़ा है।
भारत की अफगानिस्तान नीति का व्यापक संदर्भ
भारत की अफगानिस्तान नीति लंबे समय से बहुआयामी रही है — एक तरफ राजनयिक जुड़ाव और दूसरी तरफ मानवीय सहायता। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद भी भारत ने अफगानिस्तान के साथ अपने मानवीय संपर्क बनाए रखे हैं। मॉस्को फॉर्मेट में भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत इस मुद्दे पर बहुपक्षीय कूटनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि अफगानिस्तान में स्थिरता और मानवाधिकार की स्थिति में किस हद तक सुधार होता है।