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यूक्रेन में रूसी हमलों में भारतीय नागरिक की मौत, कीव दूतावास शव वापसी में जुटा

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यूक्रेन में रूसी हमलों में भारतीय नागरिक की मौत, कीव दूतावास शव वापसी में जुटा

सारांश

रूस के ताज़ा हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत ने भारत की कूटनीतिक संतुलन-नीति को झकझोर दिया है — ठीक उस दिन के बाद जब PM मोदी ने पुतिन से शांति की अपील की थी। कीव दूतावास शव वापसी में जुटा है, पहचान अभी सार्वजनिक नहीं।

मुख्य बातें

यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने पुष्टि की कि पिछले 5 दिनों में रूसी हमलों में 12 लोगों की मौत हुई, जिनमें 1 भारतीय नागरिक शामिल है।
कीव के रेलवे डिपो पर हमले में 7 लोगों की जान गई; 8 क्षेत्रों पर ड्रोन व बैलिस्टिक मिसाइल हमले हुए।
मृत भारतीय नागरिक की पहचान और मृत्यु का स्थान अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया।
कीव स्थित भारतीय दूतावास यूक्रेनी अधिकारियों व संबंधित कंपनी के साथ मिलकर पार्थिव शरीर की स्वदेश वापसी की कोशिश कर रहा है।
PM नरेंद्र मोदी ने बिश्केक SCO शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के दौरान युद्ध समाप्ति की अपील की थी।

यूक्रेन पर रूस के ताज़ा ड्रोन और मिसाइल हमलों की चपेट में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने मंगलवार, 1 सितंबर को यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि पिछले पाँच दिनों में रूसी हमलों में कुल 12 लोगों की मृत्यु हुई है, जिनमें यह भारतीय नागरिक भी शामिल है। नई दिल्ली स्थित कीव दूतावास ने पुष्टि की है कि वह पार्थिव शरीर की शीघ्र स्वदेश वापसी के लिए यूक्रेनी अधिकारियों और संबंधित कंपनी के साथ समन्वय कर रहा है।

हमलों का विवरण और क्षेत्र

कीव के रेलवे डिपो पर हुए हमले में अकेले 7 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा, खेरसॉन, डोनेट्स्क, ज़ापोरिज़्ज़िया, खारकीव, चेर्निहिव, झितोमिर, सूमी और ड्नीप्रो क्षेत्रों पर भी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए गए। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने मृत भारतीय नागरिक की पहचान या मृत्यु का सटीक स्थान सार्वजनिक नहीं किया।

भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया

कीव स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'यूक्रेन में हमले के दौरान एक भारतीय नागरिक की दुखद मृत्यु से हम बेहद दुखी हैं। दूतावास शोक संतप्त परिवार के संपर्क में है और उन्हें गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता है। पार्थिव शरीर की शीघ्र स्वदेश वापसी के लिए हम संबंधित कंपनी और यूक्रेनी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।' दूतावास ने परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

मोदी की शांति अपील और घटना का संदर्भ

यह दुखद घटना ऐसे समय हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात में रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की अपील की थी। प्रधानमंत्री ने कहा था, 'हमें अंतहीन युद्ध से निकलकर युद्ध के अंत और शत्रुता की समाप्ति की ओर बढ़ना होगा।' उन्होंने यह भी कहा था कि 'युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम पूरी मानवता के लिए उम्मीद लेकर आता है।' गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब कोई भारतीय नागरिक इस संघर्ष की भेंट चढ़ा हो — यूक्रेन में काम करने वाले भारतीय श्रमिकों और पेशेवरों की मौजूदगी पहले भी चिंता का विषय रही है।

ज़ेलेंस्की के आरोप और अंतरराष्ट्रीय अपील

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने रूस पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर ऐसे हमले कर रहा है जिनका उद्देश्य अधिकतम तबाही और जनहानि करना है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की हवाई रक्षा क्षमता कमज़ोर पड़ने पर ही रूस ऐसे हमलों में सफल हो पाता है। ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने की माँग करते हुए कहा कि रूसी हमलों के पीड़ितों की संख्या सीधे तौर पर यूक्रेन को मिलने वाली नई सैन्य सहायता पर निर्भर करती है।

आगे क्या

भारत सरकार और कीव दूतावास मृतक के परिजनों से संपर्क में हैं। पार्थिव शरीर की स्वदेश वापसी की प्रक्रिया जारी है। यह घटना यूक्रेन में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से सवाल खड़े करती है और भारत की उस कूटनीतिक स्थिति को और जटिल बनाती है जो रूस व यूक्रेन दोनों के साथ संतुलन साधने की कोशिश करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यूक्रेन को मानवीय सहायता देता है, और दोनों पक्षों से संवाद बनाए रखता है — लेकिन जब कोई भारतीय नागरिक इस युद्ध में मारा जाता है, तो यह संतुलन-नीति घरेलू स्तर पर दबाव में आ जाती है। मृतक की पहचान और वह किस परिस्थिति में यूक्रेन में था, यह जानकारी अभी सामने नहीं आई है — सरकार को इस पर पारदर्शिता दिखानी होगी। यूक्रेन में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनकी वापसी के लिए स्पष्ट नीति की माँग अब और तेज़ होगी।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूक्रेन में मारे गए भारतीय नागरिक कौन थे?
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने मृत भारतीय नागरिक की पहचान या मृत्यु का सटीक स्थान सार्वजनिक नहीं किया है। कीव स्थित भारतीय दूतावास मृतक के परिजनों के संपर्क में है और पार्थिव शरीर की वापसी की प्रक्रिया जारी है।
रूस के ताज़ा हमलों में कितने लोग मारे गए?
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के अनुसार, पिछले 5 दिनों में रूसी हमलों में कुल 12 लोगों की जान गई है। इनमें कीव के रेलवे डिपो पर हुए एकल हमले में 7 लोग शामिल हैं, और 8 अलग-अलग क्षेत्रों पर ड्रोन व बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए गए।
भारतीय दूतावास इस मामले में क्या कर रहा है?
कीव स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वह मृतक के शोक संतप्त परिवार के संपर्क में है और पार्थिव शरीर की शीघ्र स्वदेश वापसी के लिए संबंधित कंपनी तथा यूक्रेनी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।
PM मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या कहा था?
PM मोदी ने सोमवार को बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात में कहा था कि 'हमें अंतहीन युद्ध से निकलकर युद्ध के अंत और शत्रुता की समाप्ति की ओर बढ़ना होगा।' उन्होंने कहा कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है।
ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या माँग की?
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की हवाई रक्षा क्षमता कमज़ोर पड़ने पर ही रूस ऐसे हमलों में सफल होता है और पीड़ितों की संख्या सीधे नई सैन्य सहायता पर निर्भर है।
राष्ट्र प्रेस
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