इंडियन ऑयल ने पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों को बताया झूठा, पर्याप्त स्टॉक है
सारांश
Key Takeaways
- इंडियन ऑयल ने अफवाहों को बताया झूठा।
- भारत में ईंधन का पर्याप्त भंडार है।
- रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता से कार्य कर रही हैं।
- सरकारी सूत्रों ने अफवाहों का खंडन किया है।
- पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं।
नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ देखी जा रही है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में इन अफवाहों को पूरी तरह से निराधार बताया है।
कंपनी ने कहा, "सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी के संबंध में जो खबरें चल रही हैं, वे बिल्कुल गलत हैं। भारत में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति तथा वितरण नेटवर्क सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "इंडियन ऑयल लगातार ईंधन की आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। नागरिकों को आश्वासन दिया जाता है कि चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। कृपया पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।"
यह पोस्ट उस समय आई है जब मध्य पूर्व में तनाव बढ़ रहा है, खासकर ईरान-इजरायल संघर्ष और अमेरिका की भागीदारी के बीच, जिसके कारण वैश्विक क्रूड ऑयल की कीमतों में वृद्धि हो रही है। कुछ वायरल संदेशों में कहा गया है कि ईंधन की कमी हो सकती है या कीमतें 500 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती हैं, जिसके चलते हैदराबाद, पुणे और अन्य शहरों में पैनिक बाइंग देखी गई। पंपों पर लंबी कतारें लगीं, लेकिन सरकारी सूत्रों और तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई स्थिति नहीं है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत के पास क्रूड ऑयल और रिफाइंड प्रोडक्ट्स (जैसे पेट्रोल, डीजल, एटीएफ) का पर्याप्त स्टॉक है, जो लगभग 25 दिनों के क्रूड और कुल मिलाकर 8 सप्ताह की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। रूस से तेल आयात पर अमेरिका द्वारा 30 दिनों की अस्थायी छूट भी मिली है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित नहीं हो रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य कंपनियों जैसे भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) ने भी इसी तरह के बयान जारी कर इन अफवाहों का खंडन किया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कोई राशनिंग या कीमत वृद्धि की योजना नहीं है।