इंडियन ऑयल का आश्वासन: देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, स्थानीय बाधाएँ अस्थायी
सारांश
मुख्य बातें
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने 23 मई को स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल और डीजल की समग्र आपूर्ति पर्याप्त है और कुछ पेट्रोल पंपों पर दिखी सप्लाई की दिक्कतें पूरी तरह स्थानीय और अस्थायी हैं। कंपनी ने कहा कि ये व्यवधान कुछ क्षेत्रों में मांग-आपूर्ति असंतुलन और बिक्री के बदलते पैटर्न की उपज हैं, न कि किसी राष्ट्रव्यापी कमी का संकेत।
आपूर्ति बाधा की वजह क्या है
IOC के अनुसार, कुछ पंपों पर दबाव बढ़ने के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं। पहला, फसल कटाई के मौसम में डीजल की मौसमी मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी। दूसरा, निजी पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कीमतें अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण ग्राहकों का सरकारी पंपों की ओर स्थानांतरण। तीसरा, सार्वजनिक क्षेत्र के पंपों पर संस्थागत खरीद में वृद्धि।
नेटवर्क की स्थिति
कंपनी ने बताया कि उसके 42,000 से अधिक पेट्रोल पंपों के विशाल नेटवर्क में केवल नगण्य संख्या में आउटलेट्स पर आपूर्ति बाधित हुई है। अधिकांश पंपों पर स्टॉक और सप्लाई सामान्य बनी हुई है। IOC ने कहा, 'मांग में लगातार और असाधारण वृद्धि के बावजूद इंडियन ऑयल देश भर में ग्राहकों की जरूरतों को निरंतर पूरा कर रहा है।'
ईंधन कीमतों में ताज़ा बढ़ोतरी
इसी बीच, 23 मई को सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने ईंधन दरों में एक बार फिर संशोधन किया। पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। गौरतलब है कि यह पिछले 10 दिनों में तीसरी बार है जब खुदरा ईंधन दरों में बदलाव किया गया। यह वृद्धि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण बताई जा रही है।
सरकार और कंपनियों का रुख
सरकारी तेल विपणन कंपनियाँ देश भर में पर्याप्त ईंधन भंडार बनाए हुए हैं। IOC समेत अन्य सार्वजनिक उपक्रम स्थानीय बाधाओं को दूर करने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और घरेलू ईंधन कीमतों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक खुदरा दरों में और उतार-चढ़ाव संभव है।