इंदिराम्मा टावर्स: 16 विधानसभा क्षेत्रों में 8,000 फ्लैट्स के लिए पारदर्शी लकी ड्रॉ, पोंगुलेटी ने दिया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के राजस्व और आवास मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने शुक्रवार, 28 अगस्त को हैदराबाद में स्पष्ट किया कि कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी (सीयूआरई) क्षेत्र में इंदिराम्मा टावर्स के लाभार्थियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 28 अगस्त से 31 अगस्त के बीच 16 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 8,000 फ्लैट्स के लिए लकी ड्रॉ आयोजित किए जाएंगे।
लकी ड्रॉ प्रक्रिया और पारदर्शिता
मंत्री ने बताया कि फ्लैट आवंटन के लिए लकी ड्रॉ मीडिया और योग्य लाभार्थियों की उपस्थिति में आयोजित किया जा रहा है तथा पूरी प्रक्रिया को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारित किया जा रहा है। शुक्रवार को नामपल्ली, कुथबुल्लापुर, सिकंदराबाद और राजेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्रों के लिए पहला लकी ड्रॉ संपन्न हुआ।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 480 फ्लैट्स के लिए 600 लाभार्थियों का चयन लकी ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। इसके बाद अधिकारी अंतिम फील्ड वेरिफिकेशन करेंगे और यदि कोई चयनित व्यक्ति अयोग्य पाया जाता है, तो शेष 120 प्रतीक्षारत उम्मीदवारों में से योग्य व्यक्ति को अवसर दिया जाएगा। ड्रॉ प्रतिदिन चार विधानसभा क्षेत्रों के क्रम में आगे बढ़ेगा।
फ्लैट की विशेषताएँ और सुविधाएँ
लकी ड्रॉ में चुने गए प्रत्येक लाभार्थी को लगभग 525 वर्ग फुट का तैयार घर दिया जाएगा, जिसमें 17 से 20 वर्ग गज भूमि का हिस्सा भी शामिल होगा। इंदिराम्मा टावर्स सरकार द्वारा चिह्नित स्थानों पर 10 मंजिल तक ऊँचे बनाए जाएंगे, जिनमें लिफ्ट और अन्य आवश्यक सुविधाएँ होंगी।
मंत्री ने घोषणा की कि लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन बिना किसी शुल्क के किया जाएगा। साथ ही, 10 वर्ष के बाद आवश्यकता पड़ने पर लाभार्थियों के पास घर बेचने का विकल्प होगा। इससे पहले जरूरत पड़ने पर रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़ बैंक में गिरवी रखकर ऋण लेने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
परियोजना की पृष्ठभूमि और प्रगति
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 13 अगस्त को कुकटपल्ली की केपीएचबी कॉलोनी में इंदिराम्मा टावर्स की आधारशिला रखी थी। राज्य सरकार ने रिकॉर्ड समय में 16 विधानसभा क्षेत्रों में निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किए और साथ-साथ लकी ड्रॉ प्रक्रिया भी शुरू की।
पोंगुलेटी ने बताया कि सीयूआरई पहल के पहले चरण में 1 लाख घर बनाने का लक्ष्य है। राज्यव्यापी 'इंदिराम्मा' आवास योजना के तहत पहले चरण में 4.50 लाख घरों को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 2 लाख से अधिक का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। सरकार प्रत्येक घर के लिए ₹5 लाख की आर्थिक सहायता चार किस्तों में प्रदान कर रही है।
विस्तार और आगामी चरण
मंत्री ने बताया कि चार अतिरिक्त विधानसभा क्षेत्रों में भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है और इन क्षेत्रों में 'इंदिराम्मा' घरों के लिए 3 सितंबर तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। दूसरे चरण में 2.50 लाख अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी गई है और लाभार्थी चयन की प्रक्रिया अगले 10 दिनों में पूरी होने की संभावना है।
मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि टावर्स का निर्माण कार्य 3-4 दिनों के भीतर शुरू किया जाएगा और लाभार्थियों को अपने घरों के निर्माण की व्यक्तिगत निगरानी का अवसर भी दिया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि चयन में जाति, धर्म या राजनीतिक आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा और केवल पात्रता ही एकमात्र कसौटी है।