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तेलंगाना की इंदिरम्मा इंदलु योजना लॉन्च: ₹5 लाख सब्सिडी पर मिलेगा घर, 7,680 फ्लैट पायलट चरण में

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तेलंगाना की इंदिरम्मा इंदलु योजना लॉन्च: ₹5 लाख सब्सिडी पर मिलेगा घर, 7,680 फ्लैट पायलट चरण में

सारांश

तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद के CURE क्षेत्र में गरीबों को ₹5 लाख सब्सिडी पर घर देने की इंदिरम्मा इंदलु योजना लॉन्च की। पायलट चरण में 26 विधानसभा क्षेत्रों में 7,680 फ्लैट बनेंगे, जिसे बाद में 1 लाख मकानों तक विस्तारित किया जाएगा। आवेदन 21 जुलाई से 10 अगस्त तक।

मुख्य बातें

तेलंगाना सरकार ने 20 जुलाई 2026 को इंदिरम्मा इंदलु योजना की शुरुआत की।
पायलट चरण में CURE क्षेत्र की 26 विधानसभा सीटों में प्रत्येक में 500 मकान , कुल 7,680 फ्लैट बनाए जाएंगे।
सरकार प्रत्येक इकाई पर ₹5 लाख सब्सिडी देगी; लाभार्थी का योगदान ₹6 लाख ।
पात्रता: हैदराबाद में 10 वर्ष से निवासरत और वार्षिक आय ₹6 लाख तक ।
आवेदन 21 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक; EMD ₹10,000 , आवेदन शुल्क ₹100 ।
कुल मकानों का 10% आउटसोर्सिंग, संविदा और सफाई कर्मचारियों के लिए आरक्षित।

तेलंगाना सरकार ने 20 जुलाई 2026 को हैदराबाद के राज्य सचिवालय में इंदिरम्मा इंदलु आवास योजना की औपचारिक शुरुआत की, जिसके तहत कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी (CURE) क्षेत्र में कम आय वर्ग के बेघर परिवारों को ₹5 लाख की सरकारी सब्सिडी पर आवासीय फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे। पायलट चरण में 26 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 7,680 फ्लैट निर्मित किए जाएंगे, जिसे बाद में 1 लाख मकानों की विस्तृत परियोजना में बदला जाएगा।

योजना की मुख्य संरचना

तेलंगाना हाउसिंग बोर्ड सरकारी भूमि पर आउटर रिंग रोड के दायरे में आवासीय टावर निर्मित करेगा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 500 मकान बनाए जाएंगे। प्रत्येक फ्लैट का कारपेट एरिया 400 वर्ग फीट और निर्मित क्षेत्रफल 528 वर्ग फीट होगा।

सरकार प्रत्येक इकाई के लिए भूमि एवं ₹5 लाख की सब्सिडी देगी, जबकि लाभार्थी का स्वयं का योगदान ₹6 लाख निर्धारित किया गया है। एलआईजी फ्लैट के लिए आवेदन शुल्क ₹100 और अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) ₹10,000 तय है। यदि मकान आवंटित नहीं होता, तो EMD राशि वापस की जाएगी।

पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

हैदराबाद में पिछले 10 वर्षों से निवासरत और जिनकी वार्षिक आय ₹6 लाख तक है, वे इस योजना के लिए पात्र हैं। आवेदन 21 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। हाउसिंग बोर्ड ने आवासीय टावरों के निर्माण के लिए प्रारंभिक रूप से 17 स्थानों की पहचान की है।

कुल आवंटित मकानों में से 10 प्रतिशत पात्र आउटसोर्सिंग कर्मचारियों, संविदा कर्मचारियों और सफाई कर्मचारियों के लिए आरक्षित रहेंगे।

मंत्रियों की प्रतिक्रिया और लक्ष्य

लॉन्च कार्यक्रम में मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, पोन्नम प्रभाकर, डी. श्रीधर बाबू और मोहम्मद अजहरुद्दीन उपस्थित रहे। परिवहन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि ऐसे इलाकों में भी मकान बनाए जाएंगे जहाँ जमीन की कीमत ₹2 से ₹3 लाख प्रति वर्ग गज तक है।

उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा, 'सरकार का लक्ष्य तेलंगाना को झुग्गी-मुक्त राज्य बनाना है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान भी शहर के कई हिस्सों में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को किफायती आवास देने के लिए एलआईजी हाउसिंग टावर बनाए गए थे — उसी भावना के साथ अब CURE क्षेत्र में इंदिरम्मा हाउसिंग परियोजना शुरू की जा रही है।'

तेलंगाना राइजिंग-2047 से जुड़ाव

मंत्री श्रीधर बाबू ने बताया कि तेलंगाना राइजिंग-2047 विजन के तहत सरकार ने 2034 तक ₹1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक ₹3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा है। उनके अनुसार हैदराबाद इस विजन का केंद्र है और शहरी विकास का लाभ केवल वैश्विक निवेशकों तक सीमित न रहकर गरीब व मध्यम वर्ग तक पहुँचाना भी सरकार की प्राथमिकता है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई महानगरों में किफायती शहरी आवास की कमी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि लाभार्थी चयन और मकान आवंटन में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाएगी। आने वाले वर्षों में यह परियोजना देश में शहरी आवास के लिए एक नया मानक स्थापित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — पायलट चरण के 7,680 फ्लैट हैदराबाद की शहरी आवास माँग के सामने एक छोटी शुरुआत हैं। ₹5 लाख सब्सिडी के बावजूद लाभार्थी पर ₹6 लाख का बोझ उन सबसे कमजोर परिवारों के लिए बाधा बन सकता है जिनके पास बचत या ऋण पहुँच नहीं है। गौरतलब है कि लाभार्थी चयन में पारदर्शिता के वादे अक्सर शहरी आवास योजनाओं में सबसे पहले टूटते हैं — सरकार को स्वतंत्र सत्यापन तंत्र का ब्यौरा देना होगा। तेलंगाना राइजिंग-2047 के ट्रिलियन-डॉलर विजन और ज़मीनी स्तर पर झुग्गी-मुक्त राज्य के लक्ष्य के बीच की खाई को पाटने के लिए केवल घोषणाएँ नहीं, ठोस समयबद्ध जवाबदेही चाहिए।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदिरम्मा इंदलु योजना क्या है?
यह तेलंगाना सरकार की आवास योजना है जिसे 20 जुलाई 2026 को लॉन्च किया गया। इसके तहत हैदराबाद के CURE क्षेत्र में कम आय वर्ग के बेघर परिवारों को ₹5 लाख सब्सिडी पर LIG फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे।
इंदिरम्मा इंदलु योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
हैदराबाद में पिछले 10 वर्षों से निवासरत और जिनकी वार्षिक आय ₹6 लाख तक है, वे पात्र हैं। आवेदन 21 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे।
इंदिरम्मा इंदलु योजना में लाभार्थी को कितना खर्च करना होगा?
सरकार ₹5 लाख की सब्सिडी और भूमि उपलब्ध कराएगी, जबकि लाभार्थी का स्वयं का योगदान ₹6 लाख निर्धारित है। इसके अलावा ₹100 आवेदन शुल्क और ₹10,000 EMD जमा करना होगा, जो आवंटन न होने पर वापस किया जाएगा।
पायलट चरण में कितने मकान बनाए जाएंगे और कहाँ?
पायलट चरण में CURE क्षेत्र की 26 विधानसभा सीटों में प्रत्येक में 500 मकान यानी कुल 7,680 फ्लैट बनाए जाएंगे। हाउसिंग बोर्ड ने शुरुआती तौर पर 17 स्थानों की पहचान की है और बाद में इसे 1 लाख मकानों तक विस्तारित किया जाएगा।
इंदिरम्मा इंदलु फ्लैट का आकार कितना होगा?
प्रत्येक फ्लैट का कारपेट एरिया 400 वर्ग फीट और निर्मित क्षेत्रफल 528 वर्ग फीट होगा। कुल मकानों का 10 प्रतिशत आउटसोर्सिंग, संविदा और सफाई कर्मचारियों के लिए आरक्षित रखा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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