तेलंगाना की इंदिरम्मा इंदलु योजना लॉन्च: ₹5 लाख सब्सिडी पर मिलेगा घर, 7,680 फ्लैट पायलट चरण में
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना सरकार ने 20 जुलाई 2026 को हैदराबाद के राज्य सचिवालय में इंदिरम्मा इंदलु आवास योजना की औपचारिक शुरुआत की, जिसके तहत कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी (CURE) क्षेत्र में कम आय वर्ग के बेघर परिवारों को ₹5 लाख की सरकारी सब्सिडी पर आवासीय फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे। पायलट चरण में 26 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 7,680 फ्लैट निर्मित किए जाएंगे, जिसे बाद में 1 लाख मकानों की विस्तृत परियोजना में बदला जाएगा।
योजना की मुख्य संरचना
तेलंगाना हाउसिंग बोर्ड सरकारी भूमि पर आउटर रिंग रोड के दायरे में आवासीय टावर निर्मित करेगा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 500 मकान बनाए जाएंगे। प्रत्येक फ्लैट का कारपेट एरिया 400 वर्ग फीट और निर्मित क्षेत्रफल 528 वर्ग फीट होगा।
सरकार प्रत्येक इकाई के लिए भूमि एवं ₹5 लाख की सब्सिडी देगी, जबकि लाभार्थी का स्वयं का योगदान ₹6 लाख निर्धारित किया गया है। एलआईजी फ्लैट के लिए आवेदन शुल्क ₹100 और अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) ₹10,000 तय है। यदि मकान आवंटित नहीं होता, तो EMD राशि वापस की जाएगी।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
हैदराबाद में पिछले 10 वर्षों से निवासरत और जिनकी वार्षिक आय ₹6 लाख तक है, वे इस योजना के लिए पात्र हैं। आवेदन 21 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। हाउसिंग बोर्ड ने आवासीय टावरों के निर्माण के लिए प्रारंभिक रूप से 17 स्थानों की पहचान की है।
कुल आवंटित मकानों में से 10 प्रतिशत पात्र आउटसोर्सिंग कर्मचारियों, संविदा कर्मचारियों और सफाई कर्मचारियों के लिए आरक्षित रहेंगे।
मंत्रियों की प्रतिक्रिया और लक्ष्य
लॉन्च कार्यक्रम में मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, पोन्नम प्रभाकर, डी. श्रीधर बाबू और मोहम्मद अजहरुद्दीन उपस्थित रहे। परिवहन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि ऐसे इलाकों में भी मकान बनाए जाएंगे जहाँ जमीन की कीमत ₹2 से ₹3 लाख प्रति वर्ग गज तक है।
उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा, 'सरकार का लक्ष्य तेलंगाना को झुग्गी-मुक्त राज्य बनाना है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान भी शहर के कई हिस्सों में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को किफायती आवास देने के लिए एलआईजी हाउसिंग टावर बनाए गए थे — उसी भावना के साथ अब CURE क्षेत्र में इंदिरम्मा हाउसिंग परियोजना शुरू की जा रही है।'
तेलंगाना राइजिंग-2047 से जुड़ाव
मंत्री श्रीधर बाबू ने बताया कि तेलंगाना राइजिंग-2047 विजन के तहत सरकार ने 2034 तक ₹1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक ₹3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा है। उनके अनुसार हैदराबाद इस विजन का केंद्र है और शहरी विकास का लाभ केवल वैश्विक निवेशकों तक सीमित न रहकर गरीब व मध्यम वर्ग तक पहुँचाना भी सरकार की प्राथमिकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई महानगरों में किफायती शहरी आवास की कमी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि लाभार्थी चयन और मकान आवंटन में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाएगी। आने वाले वर्षों में यह परियोजना देश में शहरी आवास के लिए एक नया मानक स्थापित कर सकती है।