तेलंगाना: शहरी केंद्रों में इंदिराम्मा आवास के लिए सरकारी जमीन का उपयोग, रेवंत रेड्डी का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार, 24 जुलाई को अधिकारियों को निर्देश दिया कि इंदिराम्मा शहरी आवास योजना के तहत निर्माण के लिए पुलिस, राजस्व और परिवहन विभागों की अप्रयुक्त सरकारी जमीनों का उपयोग किया जाए — विशेष रूप से हैदराबाद के शहरी केंद्रों में। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार यह निर्देश योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक के दौरान दिया गया।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इंदिराम्मा शहरी आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए आउटर रिंग रोड (ओआरआर) सीमा के भीतर विभिन्न सरकारी विभागों के स्वामित्व वाली अप्रयुक्त भूमि की पहचान करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बैठक में कई विधानसभा क्षेत्रों में चिन्हित आवास स्थलों का विवरण प्रस्तुत किया।
सीएमओ के अनुसार, बैठक में तय किया गया कि पुलिस, राजस्व और परिवहन विभागों की जमीनें इंदिराम्मा आवास के लिए उपयोग में लाई जाएंगी और इन विभागों को बदले में अन्य स्थानों पर वैकल्पिक भूमि आवंटित की जाएगी।
मुख्यमंत्री की मंशा और तर्क
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि आवासीय क्षेत्रों और कार्यस्थलों से दूर इंदिराम्मा आवास बनाने से लाभार्थियों की रोज़गार और आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए बने आवास यदि कार्यस्थलों के पास न हों तो वे अनुपयोगी पड़े रहते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सरकारी आवास योजनाओं की उपयोगिता और स्थान-चयन को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
योजना का ढाँचा और लागत
राज्य सरकार ने CURE (Comprehensive Urban Renewal for Equity) क्षेत्र के अंतर्गत इंदिराम्मा आवास निर्माण की घोषणा पहले ही कर दी है। प्रत्येक फ्लैट का कुल क्षेत्रफल लगभग 528 वर्ग फुट और कारपेट एरिया 400 वर्ग फुट होगा। निर्माण लागत लगभग ₹11 लाख है, जिसमें सरकार ₹5 लाख की सब्सिडी देगी। लाभार्थी को शेष ₹6 लाख का भुगतान स्वयं करना होगा। भूमि की संपूर्ण लागत राज्य सरकार वहन करेगी।
पहले चरण के निर्वाचन क्षेत्र
पहले चरण में 17 विधानसभा क्षेत्रों में 7,680 फ्लैटों के निर्माण और वितरण की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इनमें राजेंद्रनगर, महेश्वरम, सेरिलिंगमपल्ली, इब्राहिमपटनम, मल्काजगिरी, नामपल्ली, खैरताबाद, जुबली हिल्स, कारवां, बहादुरपुरा, अंबरपेट, कुकटपल्ली, मेडचल, कुथबुल्लापुर, सनथनगर, सिकंदराबाद छावनी और मलकपेट शामिल हैं।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी और पोन्नम प्रभाकर, सड़क एवं भवन (आर एंड बी) विभाग के विशेष मुख्य सचिव विकास राज, डीजीपी सीवी आनंद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एन. श्रीधर और वी. शेषाद्री सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चिन्हित विधानसभा क्षेत्रों में अप्रयुक्त सरकारी भूमि की पहचान की प्रक्रिया में तेज़ी लाने का निर्देश दिया। आगामी हफ्तों में भूमि-चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य की समयसीमा स्पष्ट होने की उम्मीद है।