28 जुलाई 2026
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तेलंगाना को 11.56 लाख PMAY-G आवास दिलाने की माँग, सीएम रेवंत रेड्डी ने शिवराज से की अपील

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तेलंगाना को 11.56 लाख PMAY-G आवास दिलाने की माँग, सीएम रेवंत रेड्डी ने शिवराज से की अपील

सारांश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर राज्य के 11.56 लाख से अधिक बेघर ग्रामीण परिवारों के लिए पीएमएवाई-जी आवास की माँग रखी — और एल नीनो के असर से जूझ रहे किसानों के लिए वीबी-जी-राम-जी योजना में नए कार्यों को जोड़ने की भी अपील की।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने 28 जुलाई को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर पीएमएवाई-जी के तहत तेलंगाना को 11,56,915 ग्रामीण आवास देने की अपील की।
' आवास प्लस' ऐप सर्वे में 11,56,915 योग्य ग्रामीण परिवार चिह्नित; पिछली सरकार योजना का उपयोग करने में नाकाम रही।
मनरेगा के तहत 'इंदिरम्मा' घरों के लाभार्थियों को निर्माण के दौरान 90 दिन का रोज़गार मिलता है।
एल नीनो की स्थितियों के मद्देनज़र वीबी-जी-राम-जी योजना में शहतूत खेती, बाँस बागान, किचन गार्डन जैसी गतिविधियाँ जोड़ने की माँग।
बैठक में कई सांसद, मुख्यमंत्री के सलाहकार और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 28 जुलाई को नई दिल्ली के कृषि भवन में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत तेलंगाना को 11,56,915 घर आवंटित करने की औपचारिक अपील की। रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान राज्य सरकार सत्ता में आने के बाद से गरीब तबके के लिए आवास निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

माँग का आधार: 'आवास प्लस' सर्वे

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य सरकार ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा विकसित 'आवास प्लस' ऐप के ज़रिये एक व्यापक सर्वेक्षण कराया, जिसमें 11,56,915 योग्य ग्रामीण परिवारों की पहचान हुई। रेवंत रेड्डी ने यह भी रेखांकित किया कि पिछली सरकार पीएमएवाई-जी योजना का समुचित उपयोग करने में विफल रही, जिसके कारण पिछले दस वर्षों में लाखों गरीब परिवार बेघर रहे और आवास की माँग लगातार बढ़ती गई।

इंदिरम्मा हाउस: राज्य की आवास पहल

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'इंदिरम्मा हाउस' योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत इंदिरम्मा घरों के लाभार्थियों को निर्माण प्रक्रिया के दौरान 90 दिनों तक रोज़गार का अवसर भी मिलता है, जिससे आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका का भी समर्थन होता है।

वीबी-जी-राम-जी स्कीम में विस्तार की अपील

एल नीनो की स्थितियों और कम वर्षा के मद्देनज़र मुख्यमंत्री ने 'रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए विकसित भारत गारंटी' (वीबी-जी-राम-जी) योजना के अंतर्गत अतिरिक्त कार्यों को शामिल करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु एवं सीमांत किसानों तथा कृषि मज़दूरों की आजीविका में सुधार होगा।

रेवंत रेड्डी ने विशेष रूप से निम्नलिखित गतिविधियों को योजना में जोड़ने की माँग की: किसानों की ज़मीन पर सब्ज़ी की जालीदार संरचनाएँ, चारे के खेत, शहतूत की खेती, रेशम कीटपालन शेड, किचन गार्डन और बाँस के बागान। इसके अलावा पहाड़ी ढलानों पर जल-संरक्षण खाइयाँ, मौजूदा बागानों के लिए नमी-संरक्षण खाइयाँ और बाढ़ तथा रेत की ढलाई से क्षतिग्रस्त भूमि के पुनरुद्धार को भी प्राथमिकता देने पर ज़ोर दिया।

बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग

इस महत्वपूर्ण बैठक में सांसद डॉ. मल्लू रवि, वेम नरेंद्र रेड्डी, पोरिका बलराम नाइक, चमाला किरण कुमार रेड्डी, रामासहायम रघुराम रेड्डी, सुरेश शेतकर, गद्दाम वामशी कृष्णा और एम. अनिल कुमार यादव के साथ-साथ मुख्यमंत्री के सलाहकार रामकृष्ण राव और समन्वय सचिव अद्वैत कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब तेलंगाना में ग्रामीण आवास की माँग और कम वर्षा के कारण कृषि रोज़गार का संकट एक साथ गहरा रहा है। अब केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया और आवास आवंटन की समयसीमा पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह पूछा जाना चाहिए कि पिछले दस वर्षों में इन परिवारों की पहचान पहले क्यों नहीं हुई। वीबी-जी-राम-जी में कृषि-आधारित गतिविधियाँ जोड़ने की अपील व्यावहारिक है, लेकिन इसका असर तभी होगा जब क्रियान्वयन तंत्र ज़मीन पर मज़बूत हो — जो अब तक मनरेगा की सबसे बड़ी चुनौती रही है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम रेवंत रेड्डी ने केंद्र से कितने आवास माँगे हैं?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पीएमएवाई-जी के तहत तेलंगाना को 11,56,915 ग्रामीण आवास आवंटित करने की माँग की है। यह आँकड़ा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के 'आवास प्लस' ऐप से हुए सर्वे पर आधारित है।
तेलंगाना में इतने आवासों की ज़रूरत क्यों है?
राज्य सरकार का कहना है कि पिछली सरकार पीएमएवाई-जी योजना का समुचित उपयोग नहीं कर पाई, जिससे पिछले दस वर्षों में लाखों गरीब परिवार बेघर रहे। 'आवास प्लस' सर्वे में 11,56,915 योग्य परिवार चिह्नित हुए हैं।
इंदिरम्मा हाउस योजना क्या है?
यह तेलंगाना राज्य सरकार की ग्रामीण आवास पहल है, जिसके तहत गरीब परिवारों को घर बनाने में सहायता दी जाती है। मनरेगा के अंतर्गत इन घरों के लाभार्थियों को निर्माण प्रक्रिया के दौरान 90 दिनों का रोज़गार भी मिलता है।
वीबी-जी-राम-जी योजना में किन नए कार्यों को जोड़ने की माँग की गई है?
मुख्यमंत्री ने शहतूत की खेती, रेशम कीटपालन शेड, बाँस के बागान, किचन गार्डन, चारे के खेत, जल-संरक्षण खाइयाँ और बाढ़ से क्षतिग्रस्त भूमि के पुनरुद्धार जैसे कार्यों को इस योजना में शामिल करने की अपील की है। इसका उद्देश्य एल नीनो प्रभावित कम वर्षा वाले क्षेत्रों में किसानों और मज़दूरों को वैकल्पिक रोज़गार देना है।
28 जुलाई की बैठक में और क्या चर्चा हुई?
बैठक में राज्य की स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं को वीबी-जी-राम-जी योजना में शामिल करने पर भी विचार हुआ। बैठक में कई सांसद, मुख्यमंत्री के सलाहकार और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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