30 जून 2026
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यादगिरिगुट्टा मंदिर में मठों को जमीन आवंटन: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने TTD नीति के अनुरूप ढाँचा बनाने के दिए निर्देश

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यादगिरिगुट्टा मंदिर में मठों को जमीन आवंटन: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने TTD नीति के अनुरूप ढाँचा बनाने के दिए निर्देश

सारांश

तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने यादगिरिगुट्टा मंदिर को तिरुपति की राह पर विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया — मठों को जमीन आवंटन के लिए TTD मॉडल अपनाने और PPP के तहत टूरिज्म सर्किट विकसित करने के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 30 जून 2026 को यादगिरिगुट्टा मंदिर के विकास पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी देवस्थानम क्षेत्र में मठों को जमीन आवंटन के लिए TTD नीति के अनुरूप स्पष्ट ढाँचा बनाने के निर्देश।
जमीन का मालिकाना हक मुख्यतः मंदिर के पास रखने और बाज़ार मूल्य पर आवंटन सुनिश्चित करने का निर्देश।
हरे रामा हरे कृष्णा (चैरिटेबल) फाउंडेशन को बाज़ार मूल्य पर जमीन देने का सुझाव; जाति संगठनों के लिए अलग नीति बनाने के आदेश।
इंजीनियर समिति की रिपोर्ट एक सप्ताह में माँगी; टूरिज्म सर्किट को PPP मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 30 जून 2026 को अधिकारियों को निर्देश दिया कि यादगिरिगुट्टा स्थित श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी देवस्थानम के अधिकार क्षेत्र में आने वाले विभिन्न मठों को जमीन आवंटन के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी नीति तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन का मालिकाना हक मुख्य रूप से मंदिर के पास ही बना रहना चाहिए।

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णय

मुख्यमंत्री ने एक हाई-लेवल बैठक में यादगिरिगुट्टा मंदिर के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में सांसद तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिर के अधिकार क्षेत्र में जमीन आवंटन को लेकर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की नीति का गहन अध्ययन किया जाए और उसी के अनुरूप एक ढाँचा तैयार किया जाए।

मठों और संगठनों को जमीन आवंटन का प्रस्ताव

बैठक में मुख्यमंत्री रेड्डी ने यादगिरिगुट्टा में हरे रामा हरे कृष्णा (चैरिटेबल) फाउंडेशन को बाज़ार मूल्य पर जमीन आवंटित करने का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जाति संगठनों को जमीन देने के लिए स्पष्ट नियमों वाली एक अलग नीति बनाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी विवाद की गुंजाइश न रहे।

गेस्ट हाउस निर्माण और पर्यटन विकास

रेड्डी ने निर्देश दिया कि पहाड़ी पर गेस्ट हाउस बनाने के इच्छुक पक्षों की एक सूची तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि गेस्ट हाउस निर्माण में TTD की नीति का अनुसरण किया जाए और मंजूरी चरणों में दी जाए। इसके अलावा, उन्होंने टूरिज्म सर्किट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) नीति के तहत विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे मंदिर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

निर्माण कार्यों की समयबद्ध समीक्षा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मंदिर के अधिकार क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु तुरंत फंड जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने इंजीनियरों की समिति की रिपोर्ट का व्यापक अध्ययन कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया। यह कदम यादगिरिगुट्टा को तिरुपति की तर्ज पर एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती नीति निर्माण नहीं, बल्कि उसका निष्पक्ष क्रियान्वयन है। मंदिर भूमि पर मठों और जाति संगठनों के दावे अक्सर विवादों को जन्म देते हैं — TTD मॉडल का अनुसरण तभी सफल होगा जब आवंटन प्रक्रिया पारदर्शी और ऑडिट-योग्य हो। PPP के तहत टूरिज्म सर्किट का विकास राजस्व के नए स्रोत खोल सकता है, परंतु यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि व्यावसायिक हित धार्मिक स्वायत्तता पर हावी न हों।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यादगिरिगुट्टा मंदिर में मठों को जमीन आवंटन की नई नीति क्या है?
तेलंगाना सरकार श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी देवस्थानम, यादगिरिगुट्टा के अधिकार क्षेत्र में मठों को जमीन देने के लिए तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की नीति के अनुरूप एक स्पष्ट ढाँचा तैयार करेगी। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 30 जून 2026 को इसके निर्देश दिए और कहा कि जमीन का मालिकाना हक मुख्यतः मंदिर के पास रहेगा।
TTD नीति को यादगिरिगुट्टा में क्यों अपनाया जा रहा है?
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम देश के सबसे बड़े मंदिर प्रशासनों में से एक है और उसकी भूमि आवंटन नीति को पारदर्शी और व्यवस्थित माना जाता है। रेवंत रेड्डी ने इसे यादगिरिगुट्टा के लिए एक आदर्श मॉडल बताया, ताकि मंदिर की संपत्ति की सुरक्षा और विकास दोनों सुनिश्चित हो सकें।
हरे रामा हरे कृष्णा फाउंडेशन को जमीन कैसे मिलेगी?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सुझाव दिया कि यादगिरिगुट्टा में हरे रामा हरे कृष्णा (चैरिटेबल) फाउंडेशन को बाज़ार मूल्य पर जमीन आवंटित की जाए। यह आवंटन प्रस्तावित नई नीति के तहत होगा, जिसमें जाति संगठनों सहित अन्य संस्थाओं के लिए भी स्पष्ट नियम तय किए जाएँगे।
यादगिरिगुट्टा में टूरिज्म सर्किट कैसे विकसित होगा?
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यादगिरिगुट्टा का टूरिज्म सर्किट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) नीति के तहत विकसित किया जाए। पहाड़ी पर गेस्ट हाउस निर्माण के इच्छुक पक्षों की सूची बनाई जाएगी और TTD की तर्ज पर चरणबद्ध मंजूरी दी जाएगी।
मंदिर विकास कार्यों के लिए अगला कदम क्या होगा?
इंजीनियरों की समिति को एक सप्ताह के भीतर मंदिर निर्माण संबंधी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। साथ ही, विभिन्न विकास कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु तुरंत फंड जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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