यादगिरिगुट्टा मंदिर में मठों को जमीन आवंटन: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने TTD नीति के अनुरूप ढाँचा बनाने के दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 30 जून 2026 को अधिकारियों को निर्देश दिया कि यादगिरिगुट्टा स्थित श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी देवस्थानम के अधिकार क्षेत्र में आने वाले विभिन्न मठों को जमीन आवंटन के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी नीति तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन का मालिकाना हक मुख्य रूप से मंदिर के पास ही बना रहना चाहिए।
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णय
मुख्यमंत्री ने एक हाई-लेवल बैठक में यादगिरिगुट्टा मंदिर के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में सांसद तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिर के अधिकार क्षेत्र में जमीन आवंटन को लेकर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की नीति का गहन अध्ययन किया जाए और उसी के अनुरूप एक ढाँचा तैयार किया जाए।
मठों और संगठनों को जमीन आवंटन का प्रस्ताव
बैठक में मुख्यमंत्री रेड्डी ने यादगिरिगुट्टा में हरे रामा हरे कृष्णा (चैरिटेबल) फाउंडेशन को बाज़ार मूल्य पर जमीन आवंटित करने का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जाति संगठनों को जमीन देने के लिए स्पष्ट नियमों वाली एक अलग नीति बनाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी विवाद की गुंजाइश न रहे।
गेस्ट हाउस निर्माण और पर्यटन विकास
रेड्डी ने निर्देश दिया कि पहाड़ी पर गेस्ट हाउस बनाने के इच्छुक पक्षों की एक सूची तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि गेस्ट हाउस निर्माण में TTD की नीति का अनुसरण किया जाए और मंजूरी चरणों में दी जाए। इसके अलावा, उन्होंने टूरिज्म सर्किट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) नीति के तहत विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे मंदिर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
निर्माण कार्यों की समयबद्ध समीक्षा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मंदिर के अधिकार क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु तुरंत फंड जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने इंजीनियरों की समिति की रिपोर्ट का व्यापक अध्ययन कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया। यह कदम यादगिरिगुट्टा को तिरुपति की तर्ज पर एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।