PM मोदी की इंडोनेशिया यात्रा संपन्न: विदाई में 5 फाइटर जेट्स की सलामी, अब ऑस्ट्रेलिया रवाना
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया की अपनी सफल राजकीय यात्रा समाप्त कर ऑस्ट्रेलिया के लिए प्रस्थान किया। विदाई के दौरान इंडोनेशियाई वायुसेना के 5 फाइटर जेट्स ने उनके विमान को एस्कॉर्ट कर विशेष सैन्य सम्मान दिया — ठीक वैसे ही जैसे आगमन के समय भी लड़ाकू विमानों ने उनका स्वागत किया था। यह सम्मान उच्चतम स्तर के राजकीय प्रोटोकॉल का हिस्सा माना जाता है।
राष्ट्रपति प्रबोवो ने स्वयं दी विदाई
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने बुधवार को हवाई अड्डे पर स्वयं उपस्थित होकर प्रधानमंत्री मोदी को गले मिलकर विदा किया। उल्लेखनीय है कि यात्रा के पहले दिन भी राष्ट्रपति प्रबोवो ने जकार्ता हवाई अड्डे पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया था। किसी राष्ट्राध्यक्ष का इस प्रकार स्वयं आगमन और विदाई दोनों के लिए उपस्थित रहना भारत-इंडोनेशिया संबंधों की प्रगाढ़ता को रेखांकित करता है।
PM मोदी ने व्यक्त किया संतोष
यात्रा के समापन पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'दोनों देशों की साझेदारी के भविष्य को लेकर हासिल हुए परिणामों से उन्हें बेहद संतोष है।' उन्होंने इंडोनेशिया के लोगों और राष्ट्रपति प्रबोवो का गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया तथा भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में उनके व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना की।
रक्षा से AI तक — सहयोग के नए अध्याय
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस यात्रा ने रक्षा और सुरक्षा, समुद्री सहयोग, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल नवाचार और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खोले हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को और सुदृढ़ करने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
प्रम्बानन मंदिर में पूजा और ASI परियोजना का शुभारंभ
यात्रा के तीसरे और अंतिम दिन प्रधानमंत्री मोदी ने योग्याकार्ता स्थित लगभग एक हजार साल पुराने प्रम्बानन मंदिर में पूजा-अर्चना की। विशेष सम्मान के रूप में राष्ट्रपति प्रबोवो भी उनके साथ मंदिर परिसर पहुंचे। दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा मंदिर परिसर के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना की शुरुआत का प्रतीकात्मक पट्टिका का अनावरण किया। यह कदम सांस्कृतिक कूटनीति के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
इंडो-पैसिफिक मिशन का अगला पड़ाव: ऑस्ट्रेलिया
इंडो-पैसिफिक मिशन के तहत प्रधानमंत्री मोदी अब ऑस्ट्रेलिया रवाना हो गए हैं, जो इस बहु-देशीय दौरे का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव है। गौरतलब है कि इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इस क्षेत्र में भारत के लिए एक प्रमुख रणनीतिक भागीदार के रूप में उभर रहा है।