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इंद्रेश कुमार का संदेश: धर्म नहीं, भारतीयता है असली पहचान; गाय को राष्ट्रीय पशु की मांग का स्वागत

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इंद्रेश कुमार का संदेश: धर्म नहीं, भारतीयता है असली पहचान; गाय को राष्ट्रीय पशु की मांग का स्वागत

सारांश

RSS के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने मुंबई में साफ कहा — धर्म नहीं, वतन है असली पहचान। 99% मुसलमानों को 'देश का अपना' बताते हुए उन्होंने काउ और मैन लिंचिंग दोनों को नकारा। मेमन कम्युनिटी के गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के प्रस्ताव को उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव की दिशा में बड़ा कदम बताया।

मुख्य बातें

RSS नेता इंद्रेश कुमार ने 9 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कहा कि धर्म नहीं, भारतीयता प्रत्येक नागरिक की प्राथमिक पहचान होनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि भारत के 99 प्रतिशत से अधिक मुसलमान इसी देश के हैं और उन्हें 'पराया' नहीं माना जाना चाहिए।
काउ लिंचिंग और मैन लिंचिंग दोनों की निंदा करते हुए उन्होंने 'लिंचिंग-फ्री भारत' बनाने का आह्वान किया।
मेमन कम्युनिटी द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग के प्रस्ताव को इंद्रेश कुमार ने 'बड़ा और सकारात्मक कदम' बताया।
उन्होंने नशा-मुक्त समाज और धार्मिक आयोजनों में परस्पर सम्मान की भी अपील की।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने 9 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कहा कि भारत में रहने वाले सभी लोगों की प्राथमिक पहचान उनकी राष्ट्रीयता होनी चाहिए, न कि उनका धर्म। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के 99 प्रतिशत से अधिक मुसलमान इसी मिट्टी के हैं और उन्हें 'पराया' नहीं माना जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मेमन कम्युनिटी द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग का समर्थन करते हुए इसे सांप्रदायिक सद्भाव की दिशा में एक 'बड़ा कदम' बताया।

भारतीय पहचान पर RSS नेता का आह्वान

इंद्रेश कुमार ने कहा कि खुदा, अल्लाह, ईश्वर, परमेश्वर और गॉड को मानने वाले सभी लोगों का मूल सत्य एक ही है — वे सब इंसान हैं। उन्होंने तर्क दिया कि दुनिया में हर व्यक्ति की पहचान उसके देश से होती है, इसलिए भारत में रहने वाले सभी नागरिक — चाहे किसी भी धर्म के हों — 'भारतीय, हिंदुस्तानी और इंडियन' हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को 'शैतान' बनने के बजाय इंसानियत को सर्वोच्च स्थान देना चाहिए।

RSS नेता ने यह भी कहा कि भारत के लोग अपने पूर्वजों, वतन और परंपराओं के आधार पर एकसूत्र में बंधे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में धार्मिक पहचान को लेकर बहस तेज़ है और विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने नजरिये प्रस्तुत कर रहे हैं।

धार्मिक स्वतंत्रता और आपसी सम्मान का संदेश

इंद्रेश कुमार ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने-अपने तरीके से इबादत करने की पूर्ण स्वतंत्रता होनी चाहिए और किसी को भी दूसरे की धार्मिक आस्था में दखल देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आग्रह किया कि लोग एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में सम्मानपूर्वक भाग लें। उनके अनुसार, आपसी सहयोग और सद्भाव ही दंगा-मुक्त भारत के निर्माण का एकमात्र मार्ग है।

गौरतलब है कि RSS की ओर से इस तरह के सर्वधर्म-समभाव के संदेश विभिन्न अवसरों पर दिए जाते रहे हैं, लेकिन मुस्लिम समुदाय को खुलकर 'इस देश का अभिन्न अंग' बताना — और वह भी 99 प्रतिशत का आँकड़ा देते हुए — इस वक्तव्य को उल्लेखनीय बनाता है।

हिंसा के खिलाफ इंद्रेश कुमार की अपील

इंद्रेश कुमार ने गाय और इंसान, दोनों के नाम पर होने वाली हिंसा की स्पष्ट शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा: 'नो काउ लिंचिंग, नो मैन लिंचिंग, लेट अस मेक भारत लिंचिंग फ्री भारत।' उनका यह कथन मॉब लिंचिंग की घटनाओं के संदर्भ में विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनी हैं।

इस दौरान RSS नेता ने नशा-मुक्त समाज बनाने की जरूरत पर भी बल दिया और कहा कि गरीबों, पीड़ितों, कमजोरों और असहाय लोगों की मदद करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मेमन कम्युनिटी के प्रस्ताव का स्वागत

इंद्रेश कुमार ने मेमन कम्युनिटी द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग के समर्थन में पारित प्रस्ताव का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव मुसलमानों सहित विभिन्न राजनीतिक दलों, धर्मों, पंथों और परंपराओं से जुड़े लोगों के लिए एक सकारात्मक संदेश है। उन्होंने गाय के दूध के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि जब माँ का दूध उपलब्ध न हो, तब नवजात को गाय का दूध दिया जाता है — यह उसकी सार्वभौमिक उपयोगिता का प्रमाण है।

आगे की राह सुझाते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि सभी नागरिक मिल-जुलकर ही 'नए भारत और नई दुनिया' का निर्माण कर सकते हैं — और यही एकता की असली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह सवाल चूक जाती है कि क्या ये बयान संगठन की जमीनी गतिविधियों में भी परिलक्षित होते हैं। मेमन कम्युनिटी के प्रस्ताव का स्वागत करना एक बड़े समुदाय-निर्माण प्रयास का संकेत है, पर यह देखना होगा कि गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की माँग व्यापक राजनीतिक विमर्श में किस दिशा में जाती है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंद्रेश कुमार ने भारतीय पहचान पर क्या कहा?
इंद्रेश कुमार ने कहा कि दुनिया में लोगों की पहचान उनके देश से होती है और भारत में रहने वाले सभी लोग — चाहे किसी भी धर्म के हों — भारतीय, हिंदुस्तानी और इंडियन हैं। उनके अनुसार धार्मिक पहचान के साथ-साथ राष्ट्रीय पहचान पर गर्व करना ज़रूरी है।
RSS नेता ने मुस्लिम समुदाय के बारे में क्या कहा?
इंद्रेश कुमार ने कहा कि देश के 99 प्रतिशत से अधिक मुसलमान न विदेशी हैं और न ही पराये — वे इसी देश के थे, हैं और रहेंगे। उन्होंने हर व्यक्ति को अपने तरीके से इबादत करने की स्वतंत्रता का भी समर्थन किया।
इंद्रेश कुमार ने लिंचिंग पर क्या रुख अपनाया?
उन्होंने गाय और इंसान, दोनों के नाम पर होने वाली हिंसा की निंदा की और कहा — 'नो काउ लिंचिंग, नो मैन लिंचिंग, लेट अस मेक भारत लिंचिंग फ्री भारत।' उनका यह बयान देश में मॉब लिंचिंग की घटनाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मेमन कम्युनिटी के गाय संबंधी प्रस्ताव पर इंद्रेश कुमार ने क्या प्रतिक्रिया दी?
इंद्रेश कुमार ने मेमन कम्युनिटी द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग में पारित प्रस्ताव का स्वागत किया। उन्होंने इसे मुसलमानों सहित विभिन्न धर्मों और राजनीतिक दलों के लिए एक सकारात्मक संदेश बताया।
इंद्रेश कुमार ने दंगा-मुक्त भारत के निर्माण का क्या रास्ता बताया?
उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग, सद्भाव और एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में सम्मानपूर्वक शामिल होने से दंगा-मुक्त भारत का निर्माण संभव है। साथ ही नशा-मुक्त समाज और कमजोर वर्गों की मदद को भी उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी बताया।
राष्ट्र प्रेस
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