30 अक्टूबर 2026
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आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस: राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को 19 नवंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश

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आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस: राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को 19 नवंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश

सारांश

आईआरसीटीसी होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को 19 नवंबर को औपचारिक आरोप-तय प्रक्रिया के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। लालू प्रसाद की दिल्ली हाई कोर्ट याचिका पर 3 दिसंबर को सुनवाई होगी।

मुख्य बातें

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 30 अक्टूबर 2026 को राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को उस दिन के लिए उपस्थिति से छूट दी।
दोनों को औपचारिक आरोप-तय प्रक्रिया के लिए 19 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना होगा।
लालू प्रसाद यादव की दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका पर ईडी को नोटिस जारी; अगली सुनवाई 3 दिसंबर को।
इस वर्ष सितंबर में विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू, राबड़ी और तेजस्वी सहित आरोपियों पर PMLA के तहत आरोप तय किए थे; 7 आरोपी आरोपमुक्त।
ईडी का आरोप है कि 2004-2009 के बीच IRCTC होटल ठेकों में अनियमितता के बदले 3 एकड़ जमीन कथित 'बेनामी' तरीके से हासिल की गई।
लालू प्रसाद ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए ठेका-प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है।

राउज एवेन्यू कोर्ट, नई दिल्ली ने 30 अक्टूबर 2026 को आईआरसीटीसी होटल घोटाले से जुड़े कथित धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी और पुत्र तेजस्वी यादव को अगली सुनवाई तक उपस्थिति से छूट प्रदान की। अदालत ने औपचारिक आरोप तय करने की कार्यवाही के लिए दोनों को 19 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।

शुक्रवार की सुनवाई में क्या हुआ

शुक्रवार की सुनवाई के दौरान राबड़ी देवी के वकील ने अदालत को सूचित किया कि वे स्वास्थ्य कारणों से उपस्थित होने में असमर्थ हैं। तेजस्वी यादव के वकील ने तर्क दिया कि उनकी फ्लाइट में देरी हुई और वे दोपहर 2 बजे तक पेश हो सकते हैं। अदालत ने दोनों को उस दिन के लिए छूट देते हुए अगली तारीख 19 नवंबर निर्धारित कर दी।

लालू प्रसाद का हाई कोर्ट में आवेदन

लालू प्रसाद यादव के वकील ने सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट को बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने उस आवेदन पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी किया है, जिसमें ट्रायल कोर्ट के आरोप-तय करने के आदेश को चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय ने लालू प्रसाद को 3 दिसंबर की अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट से स्थगन का अनुरोध करने की भी अनुमति दी है। ट्रायल कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन आरोपियों को उच्च न्यायालय से रोक (स्टे) नहीं मिली है, उन्हें 19 नवंबर को अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा।

इस साल सितंबर में आरोप तय हो चुके हैं

राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीएसी एक्ट) विशाल गोगने ने इस वर्ष सितंबर में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के विरुद्ध 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA)' के प्रावधानों के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनने का निर्धारण करते हुए आरोप तय किए थे। इसी सुनवाई में अदालत ने सात अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था।

ईडी का आरोप: क्या है पूरा मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, कथित अनियमितताएँ 2004 से 2009 के बीच हुईं, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। एजेंसी का आरोप है कि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) के होटलों के रखरखाव और संचालन के ठेके राजद प्रमुख के करीबी सहयोगियों से जुड़ी एक निजी कंपनी को तय नियमों को दरकिनार करते हुए दिए गए। ईडी का यह भी कहना है कि इसके बदले में परिवार के सदस्यों और सहयोगियों से जुड़ी एक कथित 'बेनामी' कंपनी के जरिये तीन एकड़ की कीमती जमीन हासिल की गई।

यह मनी लॉन्ड्रिंग मामला, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा आईआरसीटीसी होटल घोटाले के संदर्भ में दर्ज मूल अपराध (प्रेडिकेट ऑफेंस) से जुड़ा हुआ है। लालू प्रसाद यादव ने इन सभी आरोपों का लगातार खंडन किया है और उनका पक्ष है कि आईआरसीटीसी होटलों के ठेके पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दिए गए थे।

आगे क्या होगा

अब सभी की नज़रें 19 नवंबर की सुनवाई पर टिकी हैं, जब राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को औपचारिक आरोप तय करने की प्रक्रिया के लिए अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। साथ ही, 3 दिसंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय में लालू प्रसाद यादव की याचिका पर ईडी का जवाब आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि ट्रायल पर रोक लगती है या नहीं। यह मामला बिहार की राजनीति और राजद के भविष्य पर भी दूरगामी असर डाल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार की राजनीतिक धुरी पर सीधा असर डालने वाला मोर्चा है — खासकर जब राजद विपक्षी गठबंधन में अहम भूमिका में है। गौरतलब है कि आरोप तय होने के बावजूद यह मामला वर्षों से चल रहा है, जो ईडी की अभियोजन गति पर सवाल उठाता है। दूसरी ओर, लालू प्रसाद का हाई कोर्ट में जाना यह दर्शाता है कि बचाव पक्ष ट्रायल को धीमा करने की हर संभव कानूनी कोशिश कर रहा है। मुख्यधारा की कवरेज तारीखों और पेशी पर केंद्रित रहती है — असली सवाल यह है कि क्या ट्रायल किसी बड़े चुनाव से पहले निर्णायक मोड़ पर पहुँच पाएगा, या यह भी उन लंबे चलने वाले हाई-प्रोफाइल मामलों की कतार में शामिल हो जाएगा जिनमें न्याय की गति राजनीतिक कैलेंडर से पीछे रह जाती है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस क्या है?
यह मामला 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्रित्व काल में IRCTC होटलों के ठेकों में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि ठेकों के बदले परिवार से जुड़ी बेनामी कंपनी को तीन एकड़ जमीन दिलाई गई, जो मनी लॉन्ड्रिंग है। यह मामला CBI द्वारा दर्ज मूल अपराध पर आधारित है।
राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को 19 नवंबर को कोर्ट में क्यों बुलाया गया है?
30 अक्टूबर 2026 को दोनों स्वास्थ्य और फ्लाइट देरी के कारण अदालत में उपस्थित नहीं हो सके, जिससे कोर्ट ने उन्हें उस दिन की छूट दी। अब 19 नवंबर को उन्हें PMLA के तहत औपचारिक आरोप-तय करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अनिवार्य रूप से पेश होना है।
लालू प्रसाद यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट में क्या याचिका दायर की है?
लालू प्रसाद यादव ने ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने इस पर ईडी को नोटिस जारी किया है और 3 दिसंबर को अगली सुनवाई निर्धारित है।
इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हो चुकी है?
इस वर्ष सितंबर में राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों पर PMLA के तहत प्रथम दृष्टया मामला मानते हुए आरोप तय किए। उसी सुनवाई में सात आरोपियों को आरोपमुक्त भी किया गया।
लालू प्रसाद यादव का इन आरोपों पर क्या कहना है?
लालू प्रसाद यादव ने सभी आरोपों को लगातार नकारा है। उनका कहना है कि IRCTC होटलों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी थी, और उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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