इजरायली सेना की कड़ी चेतावनी, खामेनेई के उत्तराधिकारी का पीछा जारी रहेगा
सारांश
Key Takeaways
- इजरायली सेना ने खामेनेई के उत्तराधिकारी का पीछा जारी रखने की बात कही।
- ईरान में नया नेता चुनने की प्रक्रिया में शामिल सभी लोगों को चेतावनी दी गई है।
- तेल भंडारण स्थलों पर हमलों में चार टैंकर चालक मारे गए।
- इजरायली स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध के दौरान 1,929 लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
- यह स्थिति मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा रही है।
नई दिल्ली, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व का तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच, इजरायली सेना ने ईरान पर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। इजरायली सैन्य बलों ने चेतावनी दी है कि वे ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के किसी भी उत्तराधिकारी का पीछा करते रहेंगे।
इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर फारसी भाषा में एक पोस्ट के माध्यम से यह चेतावनी दी। पोस्ट में कहा गया कि इजरायल उन सभी को भी निशाना बनाएगा जो खामेनेई के उत्तराधिकारी को चुनने या नियुक्त करने की प्रक्रिया में शामिल होंगे।
इजरायली सेना ने खामेनेई के निष्क्रिय किए जाने के बाद ईरान के शासन द्वारा खुद को फिर से संगठित करने और नए नेता का चयन करने की कोशिशों के बारे में जानकारी दी। इजरायल का हाथ हर उत्तराधिकारी और हर उस व्यक्ति तक पहुंचेगा जो नए नेता की नियुक्ति में शामिल होगा।
इजरायल ने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग उत्तराधिकारी चयन की बैठक में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है। बयान में यह भी कहा गया कि हम उन सभी को चेतावनी देते हैं जो उत्तराधिकारी चयन की बैठक में भाग लेने का इरादा रखते हैं। इजरायल इस संबंध में पीछे नहीं हटेगा।
यह चेतावनी उस समय आई है जब ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स नामक संस्था जल्द ही कोम शहर में बैठक करने वाली है। यह संस्था ईरान के सर्वोच्च नेता का चुनाव करने के लिए जिम्मेदार मानी जाती है। कहा जा रहा है कि यह संस्था लंबे समय से नहीं मिली थी लेकिन अब नए नेता के चयन को लेकर बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।
इस बीच, ईरान के तेल भंडारण स्थलों पर हुए हमलों में चार टैंकर चालकों की मौत हो गई है। यह जानकारी ईरान की समाचार एजेंसी फार्स ने दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के हमलों में तेहरान और अलबोर्ज प्रांत में स्थित चार तेल भंडारण सुविधाओं और एक तेल ट्रांसफर केंद्र को निशाना बनाया गया।
फार्स न्यूज एजेंसी ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि पहले मिसाइल हमले के बाद जब बचावकर्मी और स्थानीय लोग घायलों की मदद कर रहे थे, तब कुछ ही मिनट बाद उसी स्थान पर दूसरी मिसाइल गिर गई, जिससे और अधिक लोग प्रभावित हुए।
वहीं, इजरायल में भी युद्ध का असर दिखाई दे रहा है। इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 1,929 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से पिछले 24 घंटों में 157 लोग अस्पताल पहुंचे हैं। इन घायलों में नौ की हालत गंभीर, 42 की हालत मध्यम और 70 लोग मामूली रूप से घायल हैं।
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में तनाव को और गहरा कर दिया है। इजरायली सेना की ताजा चेतावनी और मिसाइल हमलों की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इससे मध्य-पूर्व की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है।