विजय कुमार सिन्हा बोले — जाति नहीं, जमात के विकास से बनेगा सशक्त बिहार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 8 नवंबर 2026 को पटना के नौबतपुर स्थित त्रैतपाली मठ में आयोजित किसान संवाद एवं सम्मान समारोह में कहा कि जाति के जहर से नहीं, बल्कि जमात के विकास की लहर से ही सशक्त बिहार का निर्माण संभव है। दीपावली के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने किसानों से सीधे संवाद किया और उनके योगदान की सराहना की।
किसान और कृषि क्षेत्र पर जोर
सिन्हा ने कहा कि किसान की कोई जाति नहीं होती — वे जमात के पुजारी हैं। उनके अनुसार, किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास की मजबूत नींव हैं। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ किए बिना समृद्ध बिहार की कल्पना बेमानी है।
उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, महिला किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने और कृषि आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जाने चाहिए।
जाति-आधारित राजनीति पर सीधा प्रहार
कृषि मंत्री ने समाज को जातियों में बांटने वाली राजनीति की कड़ी आलोचना की। उनका कहना था कि सभी वर्गों को एकजुट कर विकास की राह पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति या सामाजिक पृष्ठभूमि से नहीं, बल्कि उसकी प्रतिभा, परिश्रम, क्षमता और योगदान से होनी चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में जातीय समीकरणों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बनी रहती है और विभिन्न दल जाति-आधारित लामबंदी में जुटे रहते हैं।
तुष्टीकरण बनाम संतुष्टिकरण
सिन्हा ने कहा कि देश में अब तुष्टीकरण की राजनीति नहीं, बल्कि संतुष्टिकरण की राजनीति से विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। उनके अनुसार, तुष्टीकरण समाज को बांटता है जबकि संतुष्टिकरण प्रत्येक व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का माध्यम है। सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना और उसे सम्मानजनक जीवन का अवसर देना है।
महिला, युवा और श्रमिकों पर फोकस
कृषि मंत्री ने दोहराया कि किसान समृद्ध होंगे, महिलाएँ उद्यमी बनेंगी, युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और श्रमिकों के जीवन में खुशहाली आएगी — तभी विकसित बिहार और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने दीपावली के अवसर पर नागरिकों से जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर विकास, प्रतिभा, परिश्रम और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देने की अपील की।
सिन्हा ने कहा कि 'सबका सम्मान, सबको अवसर और सबका विकास' ही समृद्ध बिहार एवं विकसित भारत का संकल्प है। आने वाले दिनों में राज्य सरकार की नीतियाँ इसी दिशा में केंद्रित रहेंगी।