आंध्र प्रदेश के 100 शहरी निकायों से आचार संहिता हटी, ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत चुनाव तक जारी
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने 8 नवंबर 2026 को राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों से आदर्श आचार संहिता हटाने का आधिकारिक आदेश जारी किया, क्योंकि 100 शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालाँकि, ग्राम पंचायत चुनाव अभी बाकी होने के कारण राज्य के समस्त ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता यथावत लागू रहेगी।
आदेश की पृष्ठभूमि
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने रविवार को यह आदेश जारी किया। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में 14 अक्टूबर को एक साथ आदर्श आचार संहिता लागू की गई थी। आयोग ने राज्य की 13 नगर निगमों, 87 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में चुनाव कराने की अधिसूचना जारी की थी।
प्रारंभिक कार्यक्रम के अनुसार 28 अक्टूबर को मतदान और 30 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित थी। परंतु सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद चुनाव कार्यक्रम में संशोधन किया गया, जिसके तहत मतदान 1 नवंबर और मतगणना 3 नवंबर को संपन्न हुई।
चिराला नगरपालिका: चक्रवात के कारण हुई देरी
100 शहरी स्थानीय निकायों में से 99 में 3 नवंबर को मतगणना और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। अपवाद रहा चिराला नगरपालिका, जहाँ चक्रवात 'मुरासु' के कारण मतगणना 6 नवंबर तक स्थगित करनी पड़ी। आयोग ने बताया कि 6 नवंबर को चिराला में भी मतगणना निर्धारित तिथि पर सफलतापूर्वक पूरी हो गई।
शहरी निकायों में पूरी हुई समूची चुनाव प्रक्रिया
आयोग के अनुसार, सभी 100 शहरी स्थानीय निकायों में महापौर और अध्यक्ष पदों के साथ-साथ वार्ड सदस्यों के प्रत्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह संपन्न हो चुकी है। इसी आधार पर शहरी क्षेत्रों से आदर्श आचार संहिता हटाने का निर्णय लिया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता जारी
जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (ZPTC) और मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (MPTC) के चुनावों की मतगणना 7 नवंबर को पूरी हो गई। बावजूद इसके, ग्राम पंचायत चुनावों की प्रक्रिया अभी शेष है। इसी कारण आयोग ने स्पष्ट किया है कि राज्य के समस्त ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक ग्राम पंचायत चुनाव संपन्न नहीं हो जाते।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। ग्राम पंचायत चुनावों की तिथि की घोषणा के साथ ही राज्य में आचार संहिता की स्थिति पर अंतिम फ़ैसला होगा। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए शहरी क्षेत्रों में आचार संहिता हटने का अर्थ है कि वे अब वहाँ प्रशासनिक और विकास कार्यों में सामान्य रूप से भाग ले सकते हैं।