त्रिपुरा ग्राम समिति चुनाव 28 सितंबर को, भाजपा ने ECI से एसआईआर स्थगित करने की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से अनुरोध किया है कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को 28 सितंबर 2026 को होने वाले ग्राम समिति चुनावों के बाद तक के लिए स्थगित किया जाए। पार्टी का तर्क है कि चुनावी कार्य में लगे अधिकारी और कर्मचारी एक साथ दोनों प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से नहीं निभा सकते।
भाजपा का प्रतिनिधिमंडल और पत्र
राज्यसभा सांसद और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजीब भट्टाचार्जी के नेतृत्व में एक BJP प्रतिनिधिमंडल ने 3 सितंबर 2026 को राज्य के चुनाव अधिकारियों को ECI के नाम एक औपचारिक पत्र सौंपा। इस पत्र में माँग की गई है कि ग्राम समिति चुनाव संपन्न होने तक एसआईआर प्रक्रिया न चलाई जाए।
भट्टाचार्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) के तहत होने वाले ग्राम समिति चुनावों के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) और अन्य कर्मचारी चुनावी प्रक्रिया में पूरी तरह व्यस्त रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम समिति चुनाव समाप्त होने के बाद एसआईआर की प्रक्रिया आसानी से शुरू की जा सकती है। राज्य के चुनाव अधिकारी BJP के इस पत्र को आगे की कार्रवाई के लिए ECI को भेजेंगे।
एसआईआर की समयसीमा और मतदाता आँकड़े
त्रिपुरा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) बृजेश पांडेय ने इससे पहले जानकारी दी थी कि राज्य की सभी 60 विधानसभा सीटों के लिए एसआईआर की प्रक्रिया 5 सितंबर 2026 से शुरू होकर 23 दिसंबर 2026 को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के साथ पूरी होगी। मतदाता सूची का मसौदा 21 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित किया जाएगा।
एसआईआर के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। फिलहाल त्रिपुरा में कुल 28.97 लाख मतदाता हैं — जिनमें 14.52 लाख पुरुष और 14.45 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। राज्य में कुल 3,356 मतदान केंद्र हैं।
CEO के अनुसार, एसआईआर के दौरान BLO 15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक घर-घर जाकर मौजूदा मतदाताओं को पहले से भरे हुए गणना फॉर्म उपलब्ध कराएंगे और भरे हुए फॉर्म वापस एकत्र करेंगे। प्रत्येक BLO को हर घर में तीन बार जाना होगा। BLO को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
ग्राम समिति चुनाव: दस साल बाद होगा मतदान
TTAADC क्षेत्रों में 10 वर्षों के अंतराल के बाद 28 सितंबर 2026 को ग्राम समिति चुनाव होने हैं। इन चुनावों में 587 ग्राम समितियों के तहत 2,634 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 4,597 सीटों के लिए मतदान होगा। ग्राम पंचायतों के समान, ग्राम समितियाँ TTAADC क्षेत्र में स्थानीय निकाय के रूप में कार्य करती हैं।
TTAADC त्रिपुरा के कुल 10,491 वर्ग किलोमीटर भौगोलिक क्षेत्र के करीब दो-तिहाई हिस्से का प्रशासन करता है। इस क्षेत्र में 12.16 लाख से अधिक लोग निवास करते हैं, जिनमें करीब 84 प्रतिशत आबादी स्वदेशी जनजातीय समुदायों से संबंधित है।
TTAADC का संवैधानिक महत्व
त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के बाद TTAADC को राज्य का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक और राजनीतिक निकाय माना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में जनजातीय क्षेत्रों की राजनीतिक हिस्सेदारी और प्रशासनिक स्वायत्तता पर बहस तेज़ होती जा रही है। दस साल बाद हो रहे ये चुनाव TTAADC की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक अहम पड़ाव हैं और इनके नतीजे राज्य की राजनीतिक दिशा पर भी असर डाल सकते हैं।