क्या एसआईआर के संचालन में चुनाव आयोग ने बाधाओं को लेकर नरमी दिखाई है?

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क्या एसआईआर के संचालन में चुनाव आयोग ने बाधाओं को लेकर नरमी दिखाई है?

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग पर एसआईआर के संचालन में बाधाओं के प्रति नरमी बरतने का आरोप लगाया। क्या यह राज्य के चुनावी माहौल पर असर डालेगा? जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • सुवेंदु अधिकारी का आरोप है कि चुनाव आयोग नरमी बरत रहा है।
  • आयोग को केंद्रीय बलों की तैनाती करनी चाहिए।
  • पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।

कोलकाता, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संचालन में आ रही बाधाओं के प्रति नरमी बरतने का आरोप लगाया। सुवेंदु अधिकारी की यह टिप्पणी मसौदा मतदाता सूची पर आपत्तियों और दावों की सुनवाई के लिए सेंटरों पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर की गई गुंडागर्दी की लगातार रिपोर्टों के संदर्भ में थी।

भाजपा नेता ने मीडियाकर्मियों से कहा कि एसआईआर के दौरान आने वाली ऐसी बाधाओं के संबंध में आयोग सिर्फ विज्ञप्तियां भेजकर ही क्यों सीमित है? पश्चिम बंगाल की जनता को विज्ञप्तियों की जरूरत नहीं है। उन्हें ईसीआई की ओर से ठोस और निर्णायक कार्रवाई की जरूरत है। उपदेशों का समय समाप्त हो गया है। अब कार्रवाई का समय है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आयोग सुनवाई केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को क्यों तैनात नहीं कर रहा है। अधिकारी ने कहा कि भारत का संविधान चुनाव आयोग को सर्वोच्च अधिकार देता है। अगर वे चाहें तो बिना किसी से सलाह लिए केंद्रीय बलों को तैनात कर सकते हैं। आयोग भी चाहे तो सेना तैनात कर सकता है।

हाल ही में, पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और पार्टी के राज्यसभा सांसद सामिक भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वह पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से उत्पन्न बाधाओं के मामलों में नरमी बरत रहा है।

भट्टाचार्य ने यह भी मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) स्वयं पश्चिम बंगाल का दौरा करें और पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर राज्य की स्थिति की समीक्षा करें।

शुक्रवार को, विपक्ष के नेता ने इस वर्ष के अंत में होने वाले पश्चिम बंगाल के महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों में अल्पसंख्यक मतदान के संभावित पैटर्न के बारे में एक महत्वपूर्ण बयान दिया।

अधिकारी ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यक शायद भाजपा को वोट न दें। लेकिन मुझे लगता है कि वे इस बार तृणमूल कांग्रेस को भी वोट नहीं देंगे।

Point of View

जहां चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी द्वारा उठाए गए मुद्दे राजनीति में महत्वपूर्ण हो सकते हैं, खासकर जब चुनाव नजदीक हों। आयोग की कार्रवाई का प्रभाव चुनावी प्रक्रिया पर पड़ेगा, जो एक लोकतांत्रिक देश के लिए महत्वपूर्ण है।
NationPress
11/03/2026

Frequently Asked Questions

सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाया?
सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संचालन में बाधाओं के प्रति नरमी बरतने का आरोप लगाया है।
चुनाव आयोग को क्या करना चाहिए?
चुनाव आयोग को सुनवाई केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती करनी चाहिए ताकि बाधाओं को रोका जा सके।
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों का क्या महत्व है?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों का महत्व इसलिए है क्योंकि यह राज्य की राजनीतिक दिशा को तय करेगा।
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