जबलपुर में 25 जुलाई से 'कारगिल विजय गाथा' और मोदी सरकार के 12 साल की फोटो प्रदर्शनी
सारांश
मुख्य बातें
जबलपुर के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में 25 से 27 जुलाई 2025 तक तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल और 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत को प्रदर्शित किया जाएगा। यह आयोजन कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई) के अवसर पर किया जा रहा है, जो हर वर्ष 'ऑपरेशन विजय' की सफलता की स्मृति में मनाया जाता है।
प्रदर्शनी का विषय और आयोजन
यह प्रदर्शनी दो थीम पर केंद्रित है — 'सेवा और सुशासन के 12 साल' और 'कारगिल विजय की गाथा'। इसका आयोजन सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधीन सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन द्वारा जबलपुर जिला प्रशासन और गवर्नमेंट महाकौशल ऑटोनॉमस कॉलेज के सहयोग से किया जा रहा है। प्रदर्शनी का उद्घाटन 25 जुलाई को दोपहर 12:30 बजे होगा और यह प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आम जनता के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।
कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि
मध्य प्रदेश सरकार के बयान के अनुसार, यह प्रदर्शनी उन 557 सैनिकों को विशेष सम्मान देगी जिन्होंने 1999 के कारगिल संघर्ष में देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। गौरतलब है कि कारगिल विजय दिवस हर वर्ष भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और बलिदान की याद में मनाया जाता है। यह प्रदर्शनी युवा पीढ़ी को उस संघर्ष के ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराने का भी प्रयास है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएँ
फोटो प्रदर्शनी के अतिरिक्त, इस तीन दिवसीय आयोजन में संगीत और नाटक मंडलियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी होंगी। छात्रों और आगंतुकों के लिए क्विज़ और विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी, जिनके विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएँगे। इसके साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
लक्ष्य और अपील
मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार, इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य नागरिकों — विशेषकर युवा पीढ़ी — में सुशासन, समावेशी विकास और 'विकसित भारत 2047' के विजन के अंतर्गत हुए कार्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन ने नागरिकों, छात्रों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस प्रदर्शनी में भाग लें और आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा बनें। यह आयोजन देशभक्ति की भावना को जीवंत रखने और राष्ट्रीय विकास यात्रा को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है।