जगद्गुरु कृपालु यूनिवर्सिटी का उद्घाटन: ओडिशा को वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने की दिशा में CM माझी का बड़ा कदम
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 3 अगस्त 2026 को बानरा में उद्घाटित जगद्गुरु कृपालु यूनिवर्सिटी को राज्य को उच्च शिक्षा, रिसर्च और नैतिक चरित्र-निर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने इस संस्थान को आधुनिक विज्ञान और भारतीय मूल्यों का नया संगम करार दिया।
उद्घाटन समारोह और राष्ट्रपति की उपस्थिति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि यह संस्थान केवल एक शैक्षणिक केंद्र नहीं, बल्कि ओडिशा में विश्व-स्तरीय शिक्षा और रिसर्च का पूरा इकोसिस्टम खड़ा करने की शुरुआत है। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति ने राज्यवासियों में नया उत्साह और प्रेरणा जगाई है।
मुख्यमंत्री ने जगद्गुरु कृपालु महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें आधुनिक युग का परिवर्तनकारी आध्यात्मिक नेता बताया। उनके अनुसार, महाराज ने भारत के वैदिक ज्ञान और प्रेम-भक्ति के संदेश को विश्वभर में प्रसारित किया, और उनकी स्मृति में स्थापित यह यूनिवर्सिटी उसी विरासत को आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
पाठ्यक्रम और उत्कृष्टता केंद्र
माझी ने बताया कि यूनिवर्सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, कंप्यूटर साइंस, मैनेजमेंट और हेल्थ साइंसेज जैसे समकालीन पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही माइंड मैनेजमेंट, मानवीय मूल्यों और योग विज्ञान के लिए 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किए जाएंगे, जो छात्रों की मानसिक भलाई, चरित्र विकास और छिपी प्रतिभाओं को निखारने पर केंद्रित होंगे।
यूनिवर्सिटी जगद्गुरु कृपालु क्लिनिक और योग-प्राकृतिक चिकित्सा अस्पताल के माध्यम से सामाजिक सेवा का कार्य भी करेगी। ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
ओडिशा की शिक्षा नीति और युवा शक्ति
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि ओडिशा की युवा पीढ़ी IIT, IIM और AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर रिसर्च और इनोवेशन में योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर कौशल और काबिलियत का है, और राज्य सरकार युवाओं के लिए अधिकाधिक अवसर सृजित करने के प्रति प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'जेन-जी' संवाद का उल्लेख करते हुए माझी ने बताया कि इस अभियान में देशभर से एक करोड़ से अधिक युवाओं ने भाग लिया और नशा-मुक्त जीवन का संकल्प लिया। उन्होंने नई शिक्षा नीति और मेडिकल-इंजीनियरिंग संस्थानों के विस्तार को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रसार में सहायक बताया।
आर्थिक विविधीकरण और शिक्षा में नए मील के पत्थर
माझी ने बताया कि ओडिशा अब खनिज और स्टील की परंपरागत पहचान से आगे बढ़कर आईटी, सेमीकंडक्टर, कपड़ा और पेट्रोकेमिकल सहित 16 नए क्षेत्रों में निवेश आकर्षित कर रहा है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि ओडिशा देश का पहला राज्य बन गया है जो केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा प्रदान करता है।
आने वाले वर्षों में राज्य में चार और नई यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएंगी, और सिंगापुर के सहयोग से आईटीआई को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और पहुँच को लेकर बहस तेज है — और ओडिशा इस दिशा में एक नई मिसाल कायम करने की कोशिश में है।