जकार्ता में 'इंडियन फ्लेम' से फैल रही भारतीय संस्कृति की खुशबू, PM मोदी के दौरे से प्रवासी भारतीयों का उत्साह दोगुना
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 जुलाई 2025 को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में प्रवासी भारतीय समुदाय से मुलाकात की और उन्हें संबोधित किया। इस दौरे के बाद जकार्ता में बसे भारतीय मूल के लोगों में एक नई ऊर्जा और गर्व का भाव देखा जा रहा है — खासकर उन लोगों में जो यहाँ भारतीय संस्कृति और स्वाद को जीवित रखने में जुटे हैं।
जकार्ता में भारतीय समुदाय की जड़ें
इंडोनेशिया में भारतीय मूल के लोग लंबे समय से बसे हुए हैं। इनमें से कुछ नौकरीपेशा हैं, तो कुछ ने अपना स्वतंत्र व्यापार स्थापित किया है। जकार्ता में भारतीय खान-पान की माँग लगातार बढ़ रही है, और यहाँ के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटक भी भारतीय व्यंजनों के दीवाने हैं। यह समुदाय न केवल आर्थिक रूप से सक्रिय है, बल्कि सांस्कृतिक पहचान को भी बखूबी बनाए हुए है।
'इंडियन फ्लेम': जकार्ता में भारतीय स्वाद का केंद्र
जकार्ता में 'इंडियन फ्लेम' रेस्टोरेंट इसी सांस्कृतिक जुड़ाव की एक जीवंत मिसाल है। यह रेस्टोरेंट उत्तराखंड निवासी भागवत नौटियाल और उनकी पत्नी नीलम नौटियाल द्वारा संचालित है। 2022 में कोविड महामारी के बाद शुरू किए गए इस रेस्टोरेंट ने महज चार वर्षों में जकार्ता के टॉप-रेटेड भारतीय रेस्टोरेंट का दर्जा हासिल कर लिया है।
नीलम नौटियाल ने बताया कि रेस्टोरेंट शुरू करने की प्रेरणा उनके खाना पकाने के शौक से मिली। 'इंडियन फ्लेम' में मुख्य रूप से नॉर्थ इंडियन व्यंजन परोसे जाते हैं, साथ ही नॉनवेज और स्ट्रीट फूड भी उपलब्ध है। यहाँ के मेहमानों में इंडोनेशियाई नागरिक, प्रवासी भारतीय और विभिन्न देशों से आए अंतरराष्ट्रीय पर्यटक शामिल हैं।
PM मोदी के दौरे से बढ़ा गर्व और उत्साह
नीलम नौटियाल ने कहा, 'जब पीएम मोदी यहाँ आते हैं तो हमें अहसास होता है कि हम अपने लोगों से और अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। यह हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है कि हम उस समारोह में शामिल हुए, जहाँ हमारे प्रधानमंत्री का स्वागत करने का हमें अवसर मिला।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे अपने बच्चों को भी भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने की सीख देना चाहती हैं।
रेस्टोरेंट पर पहुँचे प्रवासी भारतीयों ने भी इस भावना को साझा किया। उनका कहना था कि इंडोनेशिया में रहते हुए कभी ऐसा नहीं लगता कि वे अपने देश से दूर हैं — यहाँ के स्थानीय लोग भी उन्हें अपना मानते हैं।
इंडिया क्लब जकार्ता की भूमिका
इंडिया क्लब जकार्ता के अध्यक्ष सिद्धार्थ थापरिया ने बताया कि पीएम मोदी के स्वागत समारोह में करीब चार हजार लोग शामिल हुए, जिन्हें प्रधानमंत्री से मिलने और उनका भाषण सुनने का अवसर मिला। थापरिया ने कहा कि मोदी की इस यात्रा से भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई गति मिली है और दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रवासी भारतीय समुदाय इस रिश्ते को और मजबूत करेगा और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ पहुँचाएगा।
आगे की राह
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय प्रभाव को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 'इंडियन फ्लेम' जैसे उद्यम न केवल भारतीय व्यंजनों का स्वाद विदेश में पहुँचा रहे हैं, बल्कि सांस्कृतिक राजनय का एक अनौपचारिक माध्यम भी बन रहे हैं। आने वाले समय में ऐसे सांस्कृतिक सेतु भारत-इंडोनेशिया संबंधों की नींव को और मजबूत कर सकते हैं।