जेजेएम घोटाले में पूर्व IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल को तीन दिन की एसीबी हिरासत में भेजा गया

Click to start listening
जेजेएम घोटाले में पूर्व IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल को तीन दिन की एसीबी हिरासत में भेजा गया

सारांश

जयपुर में जल जीवन मिशन घोटाले के मामले में पूर्व IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल को एसीबी कोर्ट ने तीन दिन की हिरासत में भेजा है। उनके खिलाफ गंभीर आरोप और जांच जारी है।

Key Takeaways

  • जेजेएम घोटाला में पूर्व IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी।
  • भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई।
  • गिरफ्तारी से पहले की गई पूछताछ।
  • कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है।
  • अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

जयपुर, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले के मामले में पूर्व IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल को एसीबी कोर्ट ने शुक्रवार को तीन दिन की हिरासत में भेजने का आदेश दिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उनकी पूछताछ के लिए पांच दिन की हिरासत की मांग की थी।

सुनवाई के दौरान, एसीबी अधिकारियों ने अदालत में प्रस्तुत किया कि इस मामले में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और गंभीर वित्तीय अनियमितताएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संदिग्ध गतिविधियों की गहन जांच के लिए हिरासत में पूछताछ अनिवार्य है।

हालांकि, बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अग्रवाल को हिरासत के कारणों के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई थी। उनके वकीलों ने तर्क किया कि यह मामला पहले से लंबित है और इस स्थिति में गिरफ्तारी की आवश्यकता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लेख किया, जिनमें यह अनिवार्य है कि आरोपित को अदालत में पेश करने से पहले गिरफ्तारी के कारणों की सूचना दी जाए।

सुनवाई से पहले मीडिया से बात करते हुए, अग्रवाल ने आत्मसमर्पण करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, "मैंने न तो आत्मसमर्पण किया है और न ही मुझे जबरदस्ती लाया गया है। मैं अपनी मर्जी से जांच में सहयोग करने आया हूं। मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है।" उन्हें गुरुवार को नई दिल्ली से हिरासत में लेकर जयपुर लाया गया, जहाँ उनकी औपचारिक गिरफ्तारी हुई।

एसीबी ने आरोप लगाया है कि अग्रवाल ने 50 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं की मंजूरी दिलाने के लिए जाली प्रमाणपत्रों का उपयोग किया और टेंडर की शर्तों में धांधली की। उन पर सरकारी पद का दुरुपयोग करने और 'जल जीवन मिशन' के अंतर्गत टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियों का भी आरोप है। अब तक इस मामले में 10 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार हैं।

उनके खिलाफ गिरफ्तारी के वारंट जारी किए गए हैं, और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। अग्रवाल का पता लगाने के प्रयासों के तहत, एसीबी ने 51 दिनों में लगभग 260 स्थानों पर छापे मारे हैं। खबरों के अनुसार, उन्होंने कई बार अपनी छिपने की जगह बदली है और लगातार निगरानी के बावजूद गिरफ्तारी से बचे रहे।

अदालत के आदेश के बाद, जिसमें उन्हें फरार घोषित किया गया था और संदिग्ध संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की गई थी, अग्रवाल ने अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्णय लिया। गुरुवार की रात उनका मेडिकल चेकअप किया गया और शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया।

तीन दिन की रिमांड मिलने के बाद, एसीबी अब उनसे जेजेएम घोटाले में कथित गड़बड़ियों के बारे में पूछताछ करेगी और उन लोगों की पहचान करेगी जिन्होंने फरार रहने के दौरान उनकी मदद की हो सकती है। आरोपियों को देश छोड़कर भागने से रोकने के लिए पहले से ही 'लुक-आउट सर्कुलर' जारी किए जा चुके थे।

Point of View

बल्कि यह भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रही लड़ाई का भी प्रतीक है। जब उच्च पदों पर बैठे लोग कानून का उल्लंघन करते हैं, तब समाज की न्याय व्यवस्था की ओर से सख्त कदम उठाने की आवश्यकता होती है।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

सुबोध अग्रवाल को क्यों गिरफ्तार किया गया?
उन्हें जल जीवन मिशन घोटाले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी ने उनकी हिरासत के लिए कितने दिन की मांग की थी?
एसीबी ने अग्रवाल की पांच दिन की हिरासत की मांग की थी।
क्या अग्रवाल ने आत्मसमर्पण किया था?
नहीं, उन्होंने आत्मसमर्पण करने से इनकार किया और कहा कि वह अपनी मर्जी से जांच में सहयोग करने आए हैं।
इस मामले में अभी तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसीबी ने अग्रवाल को पकड़ने के लिए क्या कदम उठाए?
एसीबी ने 51 दिनों में लगभग 260 स्थानों पर छापे मारे और अग्रवाल का पता लगाने की कोशिश की।
Nation Press