जलपाईगुड़ी हथियार बरामदगी: किन्नर प्रमुख पिपासा हलदार को जिला अदालत से मिली जमानत
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में हथियार बरामदगी के मामले में गिरफ्तार किन्नर समुदाय की प्रमुख पिपासा हलदार उर्फ पिपासा हिजड़ा को बुधवार, 16 सितंबर 2026 की शाम जिला अदालत ने जमानत दे दी। 10 सितंबर को गिरफ्तार की गईं पिपासा को करीब छह दिन की हिरासत के बाद यह राहत मिली है, जबकि उन पर लगे आरोपों की जांच अभी भी जारी है।
गिरफ्तारी और बरामदगी का घटनाक्रम
10 सितंबर 2026 को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने जलपाईगुड़ी शहर के उत्तर रायकटपाड़ा इलाके में स्थित पिपासा के आवास पर करीब 10 घंटे तक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस और बीएसएफ के अनुसार, तलाशी के दौरान दो देसी बंदूकें, तीन जिंदा कारतूस, दो खाली मैगजीन, एक बांग्लादेशी सिम कार्ड और बांग्लादेश सरकार द्वारा जारी एक जन्म प्रमाण पत्र कथित तौर पर बरामद किए गए। इसके आधार पर पिपासा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
बचाव पक्ष की दलीलें
पिपासा की ओर से अदालत में पेश हुए अधिवक्ता अलोकेश चक्रवर्ती ने दलील दी कि जिन हथियारों की बरामदगी का दावा किया जा रहा है, वे पिपासा के प्रत्यक्ष कब्जे से नहीं मिले थे। बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी और बरामदगी की पूरी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
किन्नर समुदाय की सदस्य मानबी हलदार ने आरोप लगाया कि उनकी माँ पिपासा को इस मामले में झूठा फंसाया गया है और बरामदगी से उनका कोई संबंध नहीं है। गिरफ्तारी के बाद पिपासा ने स्वयं भी सभी आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि तलाशी के दौरान उनके घर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ।
पिपासा का परिचय और समुदाय
बताया जाता है कि पिपासा हलदार वर्ष 2015 से जलपाईगुड़ी के उत्तर रायकटपाड़ा इलाके में रह रही हैं। समय के साथ उनके परिसर में किन्नर समुदाय के सदस्यों की संख्या बढ़ती गई और वर्तमान में वहाँ 40 से 50 किन्नर एक साथ निवास करते हैं।
यह मामला इसलिए भी ध्यान आकर्षित कर रहा है क्योंकि इसमें कथित विदेशी दस्तावेजों और बांग्लादेश से संभावित संपर्कों का पहलू जुड़ा है, जो सुरक्षा एजेंसियों की जांच के केंद्र में है।
अदालत का फैसला और आगे की राह
जिला अदालत ने बुधवार शाम जमानत देते हुए पिपासा को फिलहाल राहत दी है। हालांकि, हथियारों, विदेशी दस्तावेजों और कथित विदेशी संपर्कों से जुड़े आरोपों की जांच अभी भी जारी रहेगी।
गौरतलब है कि बीएसएफ-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई सीमावर्ती जिले जलपाईगुड़ी में सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जाती है, क्योंकि यह जिला बांग्लादेश सीमा के निकट स्थित है। आने वाले दिनों में अदालती कार्यवाही और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से इस मामले की दिशा तय होगी।