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जलपाईगुड़ी हथियार बरामदगी: किन्नर प्रमुख पिपासा हलदार को जिला अदालत से मिली जमानत

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जलपाईगुड़ी हथियार बरामदगी: किन्नर प्रमुख पिपासा हलदार को जिला अदालत से मिली जमानत

सारांश

जलपाईगुड़ी में बीएसएफ-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हथियारों और बांग्लादेशी दस्तावेजों की कथित बरामदगी के बाद गिरफ्तार किन्नर समुदाय की प्रमुख पिपासा हलदार को छह दिन बाद जिला अदालत से जमानत मिली। बचाव पक्ष ने प्रत्यक्ष कब्जे और गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल उठाए; जांच जारी है।

मुख्य बातें

किन्नर समुदाय की प्रमुख पिपासा हलदार को 16 सितंबर 2026 की शाम जलपाईगुड़ी जिला अदालत से जमानत मिली।
पिपासा को 10 सितंबर को बीएसएफ-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किया गया था।
कथित बरामदगी में दो देसी बंदूकें , तीन कारतूस , दो खाली मैगजीन , एक बांग्लादेशी सिम कार्ड और एक बांग्लादेशी जन्म प्रमाण पत्र शामिल हैं।
अधिवक्ता अलोकेश चक्रवर्ती ने तर्क दिया कि हथियार पिपासा के प्रत्यक्ष कब्जे से नहीं मिले।
पिपासा के परिसर में वर्तमान में 40 से 50 किन्नर रहते हैं; वे 2015 से उत्तर रायकटपाड़ा में निवासरत हैं।
हथियारों और विदेशी दस्तावेजों से जुड़े आरोपों की जांच अभी भी जारी है।

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में हथियार बरामदगी के मामले में गिरफ्तार किन्नर समुदाय की प्रमुख पिपासा हलदार उर्फ पिपासा हिजड़ा को बुधवार, 16 सितंबर 2026 की शाम जिला अदालत ने जमानत दे दी। 10 सितंबर को गिरफ्तार की गईं पिपासा को करीब छह दिन की हिरासत के बाद यह राहत मिली है, जबकि उन पर लगे आरोपों की जांच अभी भी जारी है।

गिरफ्तारी और बरामदगी का घटनाक्रम

10 सितंबर 2026 को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने जलपाईगुड़ी शहर के उत्तर रायकटपाड़ा इलाके में स्थित पिपासा के आवास पर करीब 10 घंटे तक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस और बीएसएफ के अनुसार, तलाशी के दौरान दो देसी बंदूकें, तीन जिंदा कारतूस, दो खाली मैगजीन, एक बांग्लादेशी सिम कार्ड और बांग्लादेश सरकार द्वारा जारी एक जन्म प्रमाण पत्र कथित तौर पर बरामद किए गए। इसके आधार पर पिपासा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

बचाव पक्ष की दलीलें

पिपासा की ओर से अदालत में पेश हुए अधिवक्ता अलोकेश चक्रवर्ती ने दलील दी कि जिन हथियारों की बरामदगी का दावा किया जा रहा है, वे पिपासा के प्रत्यक्ष कब्जे से नहीं मिले थे। बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी और बरामदगी की पूरी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।

किन्नर समुदाय की सदस्य मानबी हलदार ने आरोप लगाया कि उनकी माँ पिपासा को इस मामले में झूठा फंसाया गया है और बरामदगी से उनका कोई संबंध नहीं है। गिरफ्तारी के बाद पिपासा ने स्वयं भी सभी आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि तलाशी के दौरान उनके घर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ।

पिपासा का परिचय और समुदाय

बताया जाता है कि पिपासा हलदार वर्ष 2015 से जलपाईगुड़ी के उत्तर रायकटपाड़ा इलाके में रह रही हैं। समय के साथ उनके परिसर में किन्नर समुदाय के सदस्यों की संख्या बढ़ती गई और वर्तमान में वहाँ 40 से 50 किन्नर एक साथ निवास करते हैं।

यह मामला इसलिए भी ध्यान आकर्षित कर रहा है क्योंकि इसमें कथित विदेशी दस्तावेजों और बांग्लादेश से संभावित संपर्कों का पहलू जुड़ा है, जो सुरक्षा एजेंसियों की जांच के केंद्र में है।

अदालत का फैसला और आगे की राह

जिला अदालत ने बुधवार शाम जमानत देते हुए पिपासा को फिलहाल राहत दी है। हालांकि, हथियारों, विदेशी दस्तावेजों और कथित विदेशी संपर्कों से जुड़े आरोपों की जांच अभी भी जारी रहेगी।

गौरतलब है कि बीएसएफ-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई सीमावर्ती जिले जलपाईगुड़ी में सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जाती है, क्योंकि यह जिला बांग्लादेश सीमा के निकट स्थित है। आने वाले दिनों में अदालती कार्यवाही और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से इस मामले की दिशा तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

हाशिए के समुदाय और कथित प्रक्रियागत चूक के धागे आपस में उलझे हैं। बीएसएफ और पुलिस की 10 घंटे की संयुक्त तलाशी के बावजूद बचाव पक्ष का 'प्रत्यक्ष कब्जे' वाला तर्क अदालत में टिका, जो जांच की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बांग्लादेशी दस्तावेजों का पहलू सुरक्षा एजेंसियों के लिए संवेदनशील है, लेकिन किन्नर समुदाय के भीतर से उठती आवाजें यह भी बताती हैं कि हाशिए के समूहों के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयाँ अक्सर न्यायिक परीक्षण में कमज़ोर पड़ जाती हैं।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पिपासा हलदार को जलपाईगुड़ी में क्यों गिरफ्तार किया गया था?
पिपासा हलदार को 10 सितंबर 2026 को बीएसएफ और पुलिस की संयुक्त तलाशी के बाद गिरफ्तार किया गया था। उनके आवास से कथित तौर पर दो देसी बंदूकें, तीन जिंदा कारतूस, दो खाली मैगजीन, एक बांग्लादेशी सिम कार्ड और बांग्लादेश का जन्म प्रमाण पत्र बरामद होने का दावा किया गया।
पिपासा हलदार को जमानत कैसे और कब मिली?
पिपासा हलदार को 16 सितंबर 2026 की शाम जलपाईगुड़ी जिला अदालत ने जमानत दी। उनके अधिवक्ता अलोकेश चक्रवर्ती ने तर्क दिया कि कथित हथियार पिपासा के प्रत्यक्ष कब्जे से नहीं मिले थे और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
क्या पिपासा हलदार के खिलाफ जांच खत्म हो गई है?
नहीं, जमानत मिलने के बावजूद हथियारों, विदेशी दस्तावेजों और कथित विदेशी संपर्कों से जुड़े आरोपों की जांच अभी भी जारी है। जमानत केवल हिरासत से राहत है, मामला बंद नहीं हुआ है।
उत्तर रायकटपाड़ा में पिपासा के परिसर में कितने लोग रहते हैं?
बताया जाता है कि पिपासा हलदार 2015 से जलपाईगुड़ी के उत्तर रायकटपाड़ा इलाके में रह रही हैं। वर्तमान में उनके परिसर में 40 से 50 किन्नर समुदाय के सदस्य एक साथ निवास करते हैं।
किन्नर समुदाय ने इस गिरफ्तारी पर क्या कहा?
किन्नर समुदाय की सदस्य मानबी हलदार ने आरोप लगाया कि उनकी माँ पिपासा को इस मामले में झूठा फंसाया गया है और बरामदगी से उनका कोई संबंध नहीं है। पिपासा ने खुद भी गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनके घर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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