पहलगाम हमला: जम्मू कोर्ट ने हाफिज सईद के खिलाफ जारी किया गैर-जमानती वारंट, NIA की अर्जी पर फैसला
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू की एक विशेष अदालत ने 14 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की अर्जी पर पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज मुहम्मद सईद के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और प्रभावी जाँच के लिए आरोपी की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ अनिवार्य है। यह वारंट इसी महीने दाखिल एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज को मास्टरमाइंड नामित किए जाने के बाद जारी किया गया।
वारंट जारी होने की पृष्ठभूमि
NIA के इंस्पेक्टर अरुण शर्मा (अतिरिक्त जाँच अधिकारी) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 75 के तहत स्पेशल कोर्ट में गैर-जमानती वारंट की अर्जी दाखिल की थी। अदालत ने अर्जी की सामग्री की समीक्षा के बाद एजेंसी के तर्कों से सहमति जताई और वारंट जारी करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, 'निष्पक्ष, पूरी और प्रभावी जाँच के लिए आरोपी हाफिज की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ जरूरी है।' वारंट की तामील के लिए इसे डीआईजी NIA जम्मू को भेजा गया है।
हाफिज सईद: कौन है यह आरोपी
हाफिज मुहम्मद सईद — जिसे हाफिज मुहम्मद साहिब, हाफिज मोहम्मद, मुहम्मद सैयद सहित कई अन्य नामों से भी जाना जाता है — सरगोधा, पंजाब, पाकिस्तान का निवासी है। वह गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम 1967 (UAPA) के तहत घोषित आतंकवादी है और प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का संस्थापक है। जाँच एजेंसी के अनुसार, वह पाकिस्तान से अपनी गतिविधियाँ संचालित कर रहा है और जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है।
पहलगाम हमला: मुख्य तथ्य
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए इस भीषण आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। NIA ने इस मामले में दिसंबर 2025 में पहली चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद इसी महीने दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नामित किया गया।
आगे की कार्रवाई
अदालत ने स्पष्ट किया कि वारंट बिना तारीख का (undated) जारी किया गया है, ताकि NIA आगे की कानूनी प्रक्रिया और जाँच के दौरान इसका उपयोग कर सके। यह मामला अब उस चरण में पहुँच गया है जहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक और कानूनी दबाव के जरिए वारंट की तामील की कोशिश की जाएगी, क्योंकि आरोपी पाकिस्तान में है।