15 सितंबर 2026
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हन्नान मोल्लाह का दावा: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वालों में 99% हिंदू, भगोड़े कारोबारियों में एक भी मुस्लिम नहीं

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हन्नान मोल्लाह का दावा: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वालों में 99% हिंदू, भगोड़े कारोबारियों में एक भी मुस्लिम नहीं

सारांश

सीपीआईएम के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने 14 सितंबर को आरएसएस और भाजपा पर हमला बोलते हुए दावा किया कि पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वालों में 99% हिंदू हैं और देश लूटकर भागने वाले 50 लोगों में एक भी मुस्लिम नहीं। ये दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं।

मुख्य बातें

सीपीआईएम के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने 14 सितंबर 2026 को आरएसएस और भाजपा पर तीखा हमला बोला।
मोल्लाह ने दावा किया कि पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़े गए 30-40 लोगों में से 99 फीसदी हिंदू हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि देश का पैसा लूटकर विदेश भागने वाले 50 लोगों में एक भी मुसलमान नहीं है।
मोल्लाह ने वंदे मातरम विवाद पर कहा कि न्यायालय के अनुसार खड़ा होना उचित है, लेकिन उसी भाषा में गाना अनिवार्य नहीं।
भाजपा और आरएसएस की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने 14 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए कई विवादास्पद दावे किए। मोल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़े गए 30-40 लोगों में से 99 फीसदी हिंदू हैं, और देश का पैसा लूटकर विदेश भागने वाले 50 लोगों में एक भी मुसलमान नहीं है।

मुख्य बयान और दावे

मोल्लाह ने अपने संबोधन में कहा, 'यह तो आरएसएस और भाजपा का स्टैंडर्ड कंप्लेन है। मुस्लिम जहाँ रहते हैं — स्कूल, मस्जिद, शादी और व्यापार — वहाँ वो आतंकवादी हैं। इसके अलावा आरएसएस सोच नहीं सकती।' उन्होंने यह भी कहा कि लगभग 100 वर्ष पहले आरएसएस की स्थापना के समय ऐलान किया गया था कि हिंदुओं के तीन दुश्मनों में नंबर एक मुसलमान है।

उन्होंने आगे दावा किया, 'हिंदुस्तान को लूटकर 50 लोग देश छोड़कर भाग गए, करोड़ों रुपये लेकर भागे — उनमें भी एक भी मुसलमान नहीं है, वो सभी गुजराती और हिंदू हैं।' यह ध्यान देने योग्य है कि ये दावे मोल्लाह के अपने हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

आरएसएस पर निशाना

मोल्लाह ने कहा कि एक सदी बीत जाने के बावजूद आरएसएस अपनी सोच से पीछे नहीं हटी है। उनके अनुसार, 'जहाँ भी मौका मिलेगा, मुसलमान है तो उग्रवादी है' — यही आरएसएस की दृष्टि रही है। उन्होंने इसे 'मानसिक बीमारी' करार दिया और कहा कि जो देखना नहीं चाहते उन्हें जबरदस्ती नहीं दिखाया जा सकता।

भारत-पाकिस्तान संबंध और खेल पर टिप्पणी

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार की हालिया खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए मोल्लाह ने कहा कि भारत-पाकिस्तान संबंधों में 'हॉट एंड कोल्ड' रवैया कोई नई बात नहीं है। उन्होंने इसे सामान्य कूटनीतिक उतार-चढ़ाव बताया।

भारत-अफगानिस्तान क्रिकेट मैच में वंदे मातरम गाए जाने के विवाद पर मोल्लाह ने कहा कि जब किसी गीत को राष्ट्रीय सम्मान के प्रतीक के रूप में स्वीकार किया गया हो तो उसके बजाए जाने पर खड़ा होना उचित है — यह न्यायालय भी कह चुका है। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उसी भाषा में गाना अनिवार्य नहीं है और लोग स्वाभाविक रूप से राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करते हैं।

राजनीतिक संदर्भ

यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में अल्पसंख्यक अधिकारों, राष्ट्रीय सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। गौरतलब है कि यह मोल्लाह जैसे वामपंथी नेताओं की ओर से आरएसएस और भाजपा पर इस तरह के सीधे हमले की परिपाटी रही है, लेकिन जासूसी और आर्थिक पलायन पर इस पैमाने के दावे कम ही सुनाई देते हैं।

भाजपा और आरएसएस की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के तीखे बयान विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

भगोड़े कारोबारियों में शून्य मुस्लिम — वे बिना स्रोत के हैं और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित प्रतीत होते हैं। विडंबना यह है कि मोल्लाह जिस सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की आलोचना कर रहे हैं, उनके अपने बयान धर्म के आधार पर नागरिकों को वर्गीकृत करके उसी दिशा में जाते हैं। मुख्यधारा की मीडिया इन दावों की तथ्य-जाँच किए बिना उन्हें प्रसारित कर सकती है, जो विमर्श को और अधिक ध्रुवीय बनाता है। जवाबदेही की दृष्टि से, ऐसे संवेदनशील दावों पर सभी पक्षों से सत्यापित आँकड़ों की माँग होनी चाहिए।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हन्नान मोल्लाह ने पाकिस्तान के लिए जासूसी को लेकर क्या दावा किया?
हन्नान मोल्लाह ने दावा किया कि पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़े गए 30-40 लोगों में से 99 फीसदी हिंदू हैं और एक भी मुसलमान नहीं है। यह उनका व्यक्तिगत दावा है, जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
हन्नान मोल्लाह कौन हैं?
हन्नान मोल्लाह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआईएम के पूर्व सांसद हैं। वे वामपंथी राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और अक्सर आरएसएस तथा भाजपा की नीतियों की मुखर आलोचना करते रहे हैं।
मोल्लाह ने देश लूटकर भागने वाले कारोबारियों के बारे में क्या कहा?
मोल्लाह ने दावा किया कि करोड़ों रुपये लेकर विदेश भाग गए 50 लोगों में एक भी मुसलमान नहीं है और वे सभी गुजराती और हिंदू हैं। यह दावा उनका अपना है और इसे स्वतंत्र स्रोतों से सत्यापित नहीं किया गया है।
मोल्लाह ने वंदे मातरम विवाद पर क्या कहा?
मोल्लाह ने कहा कि न्यायालय के अनुसार वंदे मातरम बजाए जाने पर खड़ा होना उचित है क्योंकि इसे राष्ट्रीय सम्मान के प्रतीक के रूप में स्वीकार किया गया है। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उसी भाषा में गाना अनिवार्य नहीं है।
भाजपा और आरएसएस ने मोल्लाह के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
14 सितंबर 2026 तक भाजपा और आरएसएस की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषक इसे विपक्षी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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