जहानाबाद में जदयू नेता मनीष कुमार पर धारदार हथियारों से हमला, मंत्री अशोक चौधरी के करीबी गंभीर रूप से घायल
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के जहानाबाद में शनिवार, 4 जुलाई को उस समय दहशत फैल गई जब जनता दल (यूनाइटेड) के नेता मनीष कुमार पर राजबाजार के पास हमलावरों के एक समूह ने कथित तौर पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। जहानाबाद टाउन पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुए इस हमले में मनीष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तत्काल जहानाबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मनीष कुमार बिहार के मंत्री अशोक चौधरी के करीबी माने जाते हैं, जिससे यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला
सिकारिया गाँव निवासी मनीष कुमार उस दिन राजबाजार में एक ग्रामीण को चिकित्सा सहायता दिलाने आए थे। पुलिस के अनुसार, वे मरीज के लिए डॉक्टर से परामर्श कर रहे थे, तभी हमलावरों के एक समूह ने उन पर धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। घटना अचानक और तेज़ी से हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासी और उनके साथी तुरंत उन्हें जहानाबाद सदर अस्पताल ले गए।
घायल नेता की हालत और डॉक्टरों का बयान
अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि धारदार हथियारों से मनीष कुमार को गहरे घाव लगे हैं और काफी खून बह जाने के कारण उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। उनकी हालत पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। इलाज के दौरान उन्होंने पुलिस को अपना प्रारंभिक बयान दिया।
मनीष कुमार का बयान: मुख्य आरोपी की पहचान
अपने शुरुआती बयान में मनीष कुमार ने कथित हमलावरों में से एक की पहचान अंकित उर्फ लड्डू नारायण के रूप में की। उनके अनुसार, अंकित अपने चार-पाँच अज्ञात साथियों के साथ पिस्तौल और धारदार हथियार लेकर आया था। घायल नेता ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने हमले के दौरान धमकी देते हुए कहा कि वे इलाके में शराब, अफीम और अन्य नशीले पदार्थों का कारोबार जारी रखेंगे और कोई उन्हें नहीं रोक सकता। पुलिस ने इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच
जहानाबाद टाउन पुलिस स्टेशन के अधिकारी हमले की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुँचे और पीड़ित का बयान दर्ज किया। परिवार के सदस्यों से भी जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी अंकित उर्फ लड्डू नारायण और हमले में कथित तौर पर शामिल अन्य व्यक्तियों को पकड़ने के लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि जाँच में जुटाए गए सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सियासी बहस तेज़ है। पीड़ित का मंत्री अशोक चौधरी से करीबी संबंध होने के कारण मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जाँच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।