8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पत्थरबाजी पर जीतन राम मांझी बोले — 'भगवान सद्बुद्धि दे', अंगरक्षक घायल, पुलिस जांच जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पत्थरबाजी पर जीतन राम मांझी बोले — 'भगवान सद्बुद्धि दे', अंगरक्षक घायल, पुलिस जांच जारी

सारांश

गया के सीसवर में मांझी के कार्यक्रम पर पत्थर फेंके गए — मंत्री बचे, अंगरक्षक घायल हुआ। मांझी का जवाब संयमित रहा: 'भगवान सद्बुद्धि दे।' लेकिन साथ में उन्होंने बिहार में अपराध-जाति की बहस पर भी तीखा रुख अपनाया — अपराधी बिहार छोड़ें या अपराध।

मुख्य बातें

जीतन राम मांझी के गया जिले के सीसवर गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार शाम पत्थरबाजी हुई।
पत्थर सीधे मंत्री को नहीं लगा, लेकिन उनके एक अंगरक्षक को चोट आई।
मांझी ने कहा — 'भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे' ; पुलिस जांच जारी है।
मांझी ने स्पष्ट किया कि 'अपराधियों की कोई जाति नहीं होती' और अपराधियों को बिहार छोड़ना होगा।
RJD नेता तेजस्वी यादव के जाति-निशाना आरोपों को मांझी ने खारिज किया।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के गया जिले के खिजरसराय प्रखंड स्थित सीसवर गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार की शाम पत्थरबाजी की घटना सामने आई, जिसमें उनके एक अंगरक्षक को चोट आई। मांझी स्वयं बाल-बाल बचे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

घटनाक्रम: कैसे हुई पत्थरबाजी

संत थॉमस इंग्लिश स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में जीतन राम मांझी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मंच पर पहुँचने के बाद जैसे ही उनका स्वागत-सम्मान हुआ और वे संबोधन के लिए खड़े हुए, तभी अचानक सभास्थल पर कंकड़ और पत्थर फेंके जाने लगे। कुछ पलों के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल स्थिति को नियंत्रण में लिया और कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।

मांझी की प्रतिक्रिया

घटना के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मांझी ने कहा, 'हमने देखा है कि समाज में कभी-कभी ऐसी घटनाएं हो जाती हैं। जहां तक इसकी वजह की बात है तो पुलिस इसकी जांच कर रही है और अपना काम कर रही है। इस बारे में हमें ज़्यादा कुछ नहीं कहना है। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएं सही नहीं हैं।

अपराध और जाति पर मांझी का बयान

बिहार की राजनीति में अपराध और जाति को लेकर जारी बहस पर भी मांझी ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को कथित तौर पर तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। मांझी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'अपराधियों की कोई जाति नहीं होती' और हर समाज में हर जाति के लोग अपराध कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अपराधियों को या तो अपराध छोड़ना होगा, या फिर बिहार छोड़ना होगा।

तेजस्वी यादव के आरोपों पर पलटवार

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव के उन आरोपों पर कि सरकार किसी विशेष जाति को निशाना बना रही है, मांझी ने कहा कि यह बात सरासर गलत है। उनके अनुसार सरकार की कार्रवाई अपराध के खिलाफ है, किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं। उन्होंने दोहराया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जाति का प्रश्न नहीं उठना चाहिए।

आगे क्या

पुलिस पत्थरबाजी के कारणों और संदिग्धों की पहचान के लिए जांच जारी रखे हुए है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में कानून-व्यवस्था और जातीय राजनीति को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक चल रही है। जांच के नतीजे आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न नरमी। लेकिन असली सवाल यह है कि एक केंद्रीय मंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रम में इस स्तर की सुरक्षा चूक कैसे हुई। बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष की बयानबाजी तो चलती रहती है, लेकिन जब खुद सत्तारूढ़ दल का वरिष्ठ मंत्री निशाने पर आए, तो यह घटना महज राजनीतिक बहस से आगे जाती है। जांच के नतीजे और संदिग्धों की पहचान ही बताएगी कि यह सुनियोजित था या सहज विरोध — और उसी से तय होगा कि यह मामला कितना गहरा है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीतन राम मांझी के कार्यक्रम में पत्थरबाजी की घटना कहाँ और कब हुई?
यह घटना बिहार के गया जिले के खिजरसराय प्रखंड के सीसवर गांव स्थित संत थॉमस इंग्लिश स्कूल परिसर में शुक्रवार की शाम आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई। उस समय मांझी मंच पर संबोधन के लिए खड़े हुए थे।
क्या जीतन राम मांझी को पत्थर लगा?
पत्थर सीधे मांझी को नहीं लगा और वे बाल-बाल बच गए। हालांकि उनके पीछे तैनात एक अंगरक्षक को चोट आई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रण में लिया।
पत्थरबाजी पर मांझी ने क्या कहा?
मांझी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं सही नहीं हैं और पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने यह भी कहा — 'भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे।' उन्होंने इस विषय पर अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया।
मांझी ने अपराध और जाति पर क्या रुख अपनाया?
मांझी ने स्पष्ट कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और हर समाज में हर जाति के लोग अपराध कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अपराधियों को या तो अपराध छोड़ना होगा या बिहार छोड़ना होगा।
तेजस्वी यादव के आरोपों पर मांझी का क्या जवाब था?
RJD नेता तेजस्वी यादव के इस आरोप पर कि सरकार किसी विशेष जाति को निशाना बना रही है, मांझी ने कहा कि यह बात गलत है। उनके अनुसार सरकार की कार्रवाई अपराध के खिलाफ है, किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले