जेडीयू प्रबोधन कार्यक्रम: नीतीश कुमार ने किया उद्घाटन, बिहार मॉडल और सात निश्चय योजनाओं की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के पहले प्रबोधन कार्यक्रम में शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को पटना में बिहार के विकास मॉडल, वित्तीय प्रबंधन, राजस्व वृद्धि और एफआरबीएम अनुपालन पर गहन चर्चा की गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जो पार्टी के लिए नीति-समझ और जन-कल्याण योजनाओं की जमीनी समीक्षा का पहला औपचारिक अवसर रहा।
कार्यक्रम में क्या हुआ
जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने बताया कि इस प्रबोधन कार्यक्रम में पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च ने बिहार में हुए वित्तीय बदलावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्था ने बताया कि बजट प्रक्रिया के माध्यम से बिहार की राजस्व प्राप्तियाँ कैसे बढ़ीं और राज्य ने एफआरबीएम अधिनियम का किस प्रकार पालन किया।
कार्यक्रम का आयोजन पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के मार्गदर्शन और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की अगुवाई में किया गया।
सात निश्चय योजनाओं की समीक्षा
कार्यक्रम में सात निश्चय-एक और सात निश्चय-दो के तहत अब तक हुए कार्यों का मूल्यांकन भी किया गया। नीरज कुमार ने बताया कि वक्ताओं ने विधायकों और पार्टी सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर बचे हुए कार्यों का अवलोकन करें, रिपोर्ट तैयार करें और फिर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से संवाद स्थापित कर समस्याओं का समाधान निकालें।
गौरतलब है कि सात निश्चय योजनाएँ नीतीश कुमार के शासन की पहचान मानी जाती हैं और इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार तथा बुनियादी सुविधाओं से जुड़े लक्ष्य शामिल हैं।
कल्याण योजनाओं के आँकड़े साझा करने की माँग
नीरज कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने यह अपेक्षा जताई कि कल्याणकारी योजनाओं से समाज के हर तबके को जो लाभ मिला है, उसके सटीक आँकड़े सभी सदस्यों तक भेजे जाएँ। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में हुए काम और किन समूहों को कौन-सा लाभ मिला, यह जानकारी पार्टी प्रतिनिधियों के पास होनी चाहिए।
निशांत कुमार के संबोधन की सराहना
एमएलसी नीरज कुमार ने निशांत कुमार के संबोधन की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'नीतीश कुमार घोषणा के लिए नहीं, बल्कि निश्चय के लिए जाने जाते हैं।' नीरज कुमार ने इस संबोधन को 'अब तक का सबसे शानदार, दमदार और बेहतरीन' बताया।
आगे की दिशा
यह प्रबोधन कार्यक्रम जेडीयू के लिए नीतिगत जागरूकता बढ़ाने और जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी को संस्थागत रूप देने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में पार्टी सदस्यों से क्षेत्र-विशेष रिपोर्ट तैयार कर नेतृत्व को सौंपने की उम्मीद है, जिससे शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा सके।