झारखंड CM हेमंत सोरेन ने 319 शिक्षकों और 17 महिला पर्यवेक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, 4 माह में 9,000 शिक्षकों की बहाली

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झारखंड CM हेमंत सोरेन ने 319 शिक्षकों और 17 महिला पर्यवेक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, 4 माह में 9,000 शिक्षकों की बहाली

सारांश

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में 319 शिक्षकों और 17 महिला पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। चार महीनों में 9,000 से अधिक शिक्षकों की बहाली और आगामी महीनों में हज़ारों और नियुक्तियों का वादा — झारखंड में सार्वजनिक रोज़गार का बड़ा दौर जारी है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 18 मई 2026 को रांची के प्रोजेक्ट भवन में 319 सहायक आचार्यों और 17 महिला पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक शिक्षकों की बहाली की जा चुकी है।
सोरेन सरकार का दावा — अब तक डेढ़ से दो लाख नियुक्तियाँ दी जा चुकी हैं; अगले 2 से 4 महीनों में और हज़ारों पदों पर भर्ती होगी।
राज्य की 50 से 60 लाख महिलाओं को 'मंईयां सम्मान योजना' के तहत हर माह सीधे बैंक खातों में आर्थिक सहायता मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में सेवा देने और कुपोषण जैसी सामाजिक चुनौतियों से निपटने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 18 मई 2026 को रांची के प्रोजेक्ट भवन में आयोजित एक राजकीय समारोह में 319 इंटर व स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों और 17 महिला पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले चार महीनों में अकेले शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक शिक्षकों की बहाली की जा चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार को आयोजित इस समारोह में नवनियुक्त शिक्षकों और महिला पर्यवेक्षकों को औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि आगामी दो से चार महीनों के भीतर विभिन्न सरकारी विभागों में हज़ारों और नए पदों पर नियुक्तियाँ की जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार अब तक डेढ़ से दो लाख नियुक्तियाँ दे चुकी है।

सरकार की अपील — ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में सेवा देने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी नौकरी केवल वेतन पाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राज्य के विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी भी है। सोरेन ने कहा कि अक्सर शिकायत मिलती है कि कुछ शिक्षक सुदूर गाँवों में जाने से कतराते हैं, जबकि असली ज़रूरत उन्हीं इलाकों में है।

कुपोषण से लड़ाई में शिक्षकों की भूमिका

सोरेन ने अपने संबोधन में राज्य में कुपोषण की समस्या को एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि महिला पर्यवेक्षिकाओं और शिक्षकों की इस समस्या से निपटने में अहम भूमिका होगी। सरकार का लक्ष्य ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर हो।

मंईयां सम्मान योजना — महिलाओं को सीधा लाभ

समारोह में सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति भी साझा की गई। बताया गया कि वर्तमान में राज्य की लगभग 50 से 60 लाख महिलाओं को 'मंईयां सम्मान योजना' के तहत हर महीने सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। यह योजना झारखंड सरकार की महिला-केंद्रित नीतियों की एक प्रमुख कड़ी मानी जाती है।

मंत्रियों का संबोधन

समारोह में संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर और मंत्री संजय यादव ने भी नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित किया। दोनों मंत्रियों ने कहा कि नियुक्ति पत्र मिलने के साथ ही समाज को नई दिशा देने की जिम्मेदारी अब युवाओं के कंधों पर है। यह नियुक्ति अभियान झारखंड में सार्वजनिक शिक्षा तंत्र को मज़बूत करने की दिशा में एक निरंतर प्रयास का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर इसे सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस निगरानी तंत्र अभी सामने नहीं आया है। नियुक्तियों की संख्या से बड़ा सवाल यह है कि ये पद कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी ढंग से भरे जा रहे हैं।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हेमंत सोरेन ने किन्हें नियुक्ति पत्र सौंपे?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 18 मई 2026 को रांची के प्रोजेक्ट भवन में 319 इंटर व स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों (शिक्षकों) और 17 महिला पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह समारोह एक राजकीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया था।
झारखंड में पिछले चार महीनों में कितने शिक्षकों की बहाली हुई?
मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले चार महीनों में अकेले शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक शिक्षकों की बहाली की जा चुकी है। सरकार का दावा है कि अब तक कुल डेढ़ से दो लाख नियुक्तियाँ दी जा चुकी हैं।
मंईयां सम्मान योजना क्या है और इससे कितनी महिलाएँ लाभान्वित हो रही हैं?
'मंईयां सम्मान योजना' झारखंड सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है जिसके तहत महिलाओं को हर महीने सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जाती है। वर्तमान में राज्य की लगभग 50 से 60 लाख महिलाएँ इस योजना का लाभ उठा रही हैं।
आगामी महीनों में झारखंड में और कितनी नियुक्तियाँ होंगी?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अगले दो से चार महीनों के भीतर विभिन्न सरकारी विभागों में हज़ारों और नए पदों पर नियुक्तियाँ की जाएंगी। हालाँकि, विभाग-विशेष संख्या का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
नवनियुक्त शिक्षकों से सरकार की क्या अपेक्षाएँ हैं?
मुख्यमंत्री सोरेन ने नवनियुक्त शिक्षकों से ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में सेवा देने की विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी केवल वेतन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के विकास में योगदान की जिम्मेदारी भी है — विशेषकर कुपोषण जैसी चुनौतियों से निपटने में।
राष्ट्र प्रेस
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