जितेंद्र सिंह ने किया 'डॉ. अंबेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स' की J&K शाखा का उद्घाटन, SC वर्ग को उद्यमिता अपनाने का दिया संदेश
सारांश
Key Takeaways
- डॉ. जितेंद्र सिंह ने 25 अप्रैल 2025 को जम्मू विश्वविद्यालय में डॉ. अंबेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स की जम्मू-कश्मीर शाखा का उद्घाटन किया।
- SC और वंचित वर्गों को सरकारी नौकरी की बजाय उद्यमिता अपनाने का आह्वान किया गया।
- उधमपुर के खादी शिविर में एक दिन में ₹50 करोड़ की सब्सिडी वितरित हुई; अधिकांश लाभार्थी कश्मीर घाटी से थे।
- 30 अप्रैल 2025 से जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होगी, डिब्बों की संख्या भी बढ़ाई गई।
- रेल नेटवर्क 1962 में जम्मू तक पहुंचा था, लेकिन दशकों की देरी के बाद अब कश्मीर घाटी की कनेक्टिविटी में तेज़ी आई है।
- मुद्रा लोन, जन धन, विश्वकर्मा, अंबेडकर इनोवेशन मिशन सहित 10 से अधिक योजनाएं वंचित वर्गों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सक्रिय हैं।
जम्मू, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को जम्मू विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह में डॉ. अंबेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स की जम्मू-कश्मीर शाखा का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने अनुसूचित जाति (SC) और समाज के अन्य कमजोर तबकों से आग्रह किया कि वे केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर न रहकर उद्यमिता और स्वरोजगार को अपनी प्राथमिकता बनाएं। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब मोदी सरकार दलित और वंचित वर्गों के आर्थिक सशक्तिकरण को अपनी नीति का केंद्र बना रही है।
उद्यमिता को बनाएं पहचान — मंत्री का आह्वान
डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू विश्वविद्यालय में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने SC, ST और OBC समुदायों के लिए एक समग्र सहायता तंत्र खड़ा किया है, जो बचपन से ही मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाशिए पर रहने वाले वर्गों को अब रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनना होगा।
मंत्री ने कहा कि सांख्यिकीय आंकड़े इन योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। साधारण पृष्ठभूमि के युवा अब सिविल सेवाओं सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सफलता हासिल कर रहे हैं, जो सामाजिक बदलाव का जीवंत प्रमाण है।
मोदी सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का उल्लेख किया जो वंचित वर्गों के आर्थिक उत्थान के लिए बनाई गई हैं:
- जन धन योजना — वित्तीय समावेशन की आधारशिला
- मुद्रा ऋण योजना — बिना गारंटी के छोटे उद्यमियों को ऋण
- विश्वकर्मा योजना — पारंपरिक शिल्पकारों की आजीविका सुरक्षा
- SC/ST/OBC प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियां
- डॉ. अंबेडकर छात्रवृत्ति और जैव प्रौद्योगिकी में OBC राष्ट्रीय फैलोशिप
- वेंचर कैपिटल फंड (SC व OBC उद्यमियों के लिए)
- अंबेडकर इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन मिशन
- अरोमा मिशन — वैकल्पिक एवं टिकाऊ आजीविका
- विज्ञान ज्योति — बालिकाओं में वैज्ञानिक सोच का विकास
- राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (अनुसंधान) के तहत समावेशी अनुदान
उन्होंने उधमपुर जिले में आयोजित खादी प्रोत्साहन शिविरों का विशेष उल्लेख किया, जहां एक ही दिन में ₹50 करोड़ की सब्सिडी वितरित की गई। उन्होंने बताया कि अधिकांश लाभार्थी कश्मीर घाटी से थे, जो इस क्षेत्र में जागरूकता की जरूरत को रेखांकित करता है।
सामाजिक सशक्तिकरण के प्रतीक
मंत्री ने भारत की राष्ट्रपति के रूप में एक आदिवासी महिला की नियुक्ति को सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि यह संदेश देती है कि समाज का हर वर्ग देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।
गौरतलब है कि डॉ. अंबेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स देशभर में SC और वंचित उद्यमियों को व्यापारिक नेटवर्क, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्य करता है। जम्मू-कश्मीर शाखा का उद्घाटन इस संगठन के विस्तार और क्षेत्र में आर्थिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
30 अप्रैल से वंदे भारत एक्सप्रेस — बड़ी घोषणा
समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि जम्मू और श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा 30 अप्रैल 2025 से शुरू होगी। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन में डिब्बों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में अवसंरचना विकास को अभूतपूर्व प्राथमिकता मिली है। उन्होंने याद दिलाया कि रेल नेटवर्क 1962 में जम्मू तक पहुंचा था, लेकिन दशकों तक इसका विस्तार ठप रहा। हाल के वर्षों में हुए प्रयासों से कश्मीर घाटी अब देश के शेष हिस्सों से रेल मार्ग से जुड़ने के करीब है।
विश्लेषण: दलित उद्यमिता और J&K — रणनीतिक महत्व
यह आयोजन महज एक शाखा उद्घाटन से कहीं अधिक है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से केंद्र सरकार इस क्षेत्र को मुख्यधारा की आर्थिक नीतियों से जोड़ने में जुटी है। डॉ. अंबेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स की शाखा स्थापना यह संकेत देती है कि सरकार SC समुदाय को न केवल राजनीतिक, बल्कि आर्थिक रूप से भी सशक्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।
आलोचकों का कहना है कि योजनाओं की लंबी सूची के बावजूद जमीनी स्तर पर जागरूकता और क्रियान्वयन की खाई अभी भी चुनौती बनी हुई है। उधमपुर के खादी शिविर में ₹50 करोड़ की सब्सिडी एक दिन में वितरित होना इस दिशा में सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसका दीर्घकालिक प्रभाव तभी होगा जब लाभार्थियों को बाजार से जोड़ने की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो।
आने वाले दिनों में 30 अप्रैल को वंदे भारत एक्सप्रेस के शुभारंभ पर सबकी नजरें रहेंगी, जो जम्मू-कश्मीर की कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई गति दे सकता है।