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जम्मू-कश्मीर में ₹5.57 करोड़ का अनाज घोटाला: एसीबी ने कुपवाड़ा के 14 आरोपियों पर दर्ज की एफआईआर

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जम्मू-कश्मीर में ₹5.57 करोड़ का अनाज घोटाला: एसीबी ने कुपवाड़ा के 14 आरोपियों पर दर्ज की एफआईआर

सारांश

जम्मू-कश्मीर एसीबी ने कुपवाड़ा के करनाह में ₹5.57 करोड़ के सरकारी अनाज गबन मामले में 14 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है — इनमें 5 सरकारी अधिकारी और 9 राशन डीलर शामिल हैं। 4,175 क्विंटल से अधिक अनाज की कमी मिलने के बाद तलाशी अभियान जारी है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर एसीबी ने कुपवाड़ा जिले के करनाह में ₹5.57 करोड़ के अनाज घोटाले में 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
आरोपियों में एफसीएस एवं सीए विभाग के 5 अधिकारी और 9 उचित मूल्य दुकान डीलर शामिल हैं।
संयुक्त औचक निरीक्षण में 4,175.89 क्विंटल सरकारी अनाज की कमी पाई गई।
नामजद आरोपियों में उमर बशीर उर्फ राजा उमर और आशिक हुसैन मीर प्रमुख हैं।
मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और बीएनएस 2023 की संबंधित धाराओं के तहत एसीबी बारामूला पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया।
एफआईआर के तुरंत बाद कई स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।

जम्मू-कश्मीर एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 7 जुलाई 2025 को कुपवाड़ा जिले के करनाह इलाके में सरकारी अनाज के गबन से जुड़े ₹5.57 करोड़ के घोटाले में 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है। आरोपियों में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले (एफसीएस एवं सीए) विभाग के पाँच अधिकारी और नौ उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के डीलर शामिल हैं। एसीबी के अनुसार, यह हेराफेरी सरकारी कर्मचारियों और निजी लाभार्थियों की आपराधिक मिलीभगत से की गई।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला कश्मीर के एफसीएस एवं सीए विभाग के निदेशक से प्राप्त जानकारी के आधार पर सामने आया। विभागीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन के दौरान सरकारी अनाज भंडारों में भारी कमी उजागर हुई, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों और एफपीएस डीलरों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की माँग की गई थी। गौरतलब है कि सरकारी बिक्री केंद्रों और उचित मूल्य की दुकानों पर संयुक्त औचक निरीक्षण में शुरुआती जाँच में ही 4,175.89 क्विंटल अनाज की कमी पाई गई।

घोटाले का वित्तीय नुकसान

एसीबी के बयान के अनुसार, इस गबन से सरकारी खजाने को ₹5,57,18,657.25 रुपए का नुकसान हुआ। आरोप है कि आरोपियों ने गैर-कानूनी आर्थिक लाभ के लिए उन्हें सौंपे गए सरकारी अनाज का बेईमानी से गबन किया। यह ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर पहले से सवाल उठते रहे हैं।

कानूनी कार्रवाई और धाराएँ

एसीबी ने सक्षम अधिकारी से पूर्व मंजूरी लेने के बाद एसीबी बारामूला पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 13(1)(ए) और 13(2) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 61(2) और 316(5) के तहत दर्ज किया गया है।

नामजद आरोपी

एफआईआर में नामजद प्रमुख आरोपियों में तत्कालीन असिस्टेंट स्टोरकीपर उमर बशीर उर्फ राजा उमर और तत्कालीन असिस्टेंट स्टोरकीपर आशिक हुसैन मीर शामिल हैं। इनके अलावा अन्य सरकारी कर्मचारी और उचित मूल्य की दुकानों के डीलर भी आरोपी बनाए गए हैं।

आगे की कार्रवाई

एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद एसीबी ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया और कानूनी प्रक्रियाएँ आरंभ कर दी गई हैं। जाँच के दायरे में और नाम आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह मामला जम्मू-कश्मीर की सार्वजनिक वितरण व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आपराधिक एफआईआर तक पहुँचने के मामले अपेक्षाकृत कम रहे हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या यह मामला सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रहेगा या जाँच उन वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुँचेगी जिनकी निगरानी में यह गबन सालों तक होता रहा। 4,175 क्विंटल की कमी कोई एक दिन में नहीं होती — यह व्यवस्थागत चूक का संकेत है, जिसे केवल एफआईआर से नहीं, संरचनात्मक सुधार से दूर किया जा सकता है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर एसीबी ने किस मामले में एफआईआर दर्ज की है?
एसीबी ने कुपवाड़ा जिले के करनाह इलाके में ₹5.57 करोड़ के सरकारी अनाज गबन मामले में 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें एफसीएस एवं सीए विभाग के 5 अधिकारी और 9 उचित मूल्य दुकान डीलर शामिल हैं।
इस घोटाले से सरकारी खजाने को कितना नुकसान हुआ?
एसीबी के अनुसार इस गबन से सरकारी खजाने को ₹5,57,18,657.25 रुपए का नुकसान हुआ। संयुक्त औचक निरीक्षण में 4,175.89 क्विंटल अनाज की कमी पाई गई थी।
इस मामले में किन धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है?
मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 13(1)(ए) और 13(2) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 61(2) और 316(5) के तहत दर्ज किया गया है।
एफआईआर में कौन-कौन नामजद हैं?
प्रमुख नामजद आरोपियों में तत्कालीन असिस्टेंट स्टोरकीपर उमर बशीर उर्फ राजा उमर और तत्कालीन असिस्टेंट स्टोरकीपर आशिक हुसैन मीर शामिल हैं। इनके अलावा अन्य सरकारी कर्मचारी और उचित मूल्य दुकानों के डीलर भी आरोपी हैं।
एफआईआर दर्ज होने के बाद आगे क्या कार्रवाई हुई?
एफआईआर दर्ज होते ही एसीबी ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया और अन्य कानूनी प्रक्रियाएँ भी आरंभ की गई हैं। जाँच अभी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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