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जम्मू-कश्मीर में साइबर सुरक्षा मजबूती का आदेश, सभी विभागों में UEM और EDR अपग्रेड लागू होगा

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जम्मू-कश्मीर में साइबर सुरक्षा मजबूती का आदेश, सभी विभागों में UEM और EDR अपग्रेड लागू होगा

सारांश

जम्मू-कश्मीर सरकार ने NICNET और JKSWAN नेटवर्क पर बढ़ते साइबर खतरों के मद्देनज़र सभी सरकारी विभागों को UEM और EDR समाधान अपग्रेड करने का आदेश दिया है। NIC की विशेष 'साइबर वॉरियर्स' टीम चरणबद्ध तरीके से यह इंस्टॉलेशन करेगी — सुरक्षित ई-गवर्नेंस की दिशा में एक ठोस कदम।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर सरकार ने 28 अक्टूबर 2026 को सभी सरकारी विभागों, PSU और निगमों को साइबर सुरक्षा सुदृढ़ करने का आदेश दिया।
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के सर्कुलर में UEM और EDR समाधानों के अपग्रेडेड संस्करण लागू करने का निर्देश दिया गया।
NICNET और JKSWAN से जुड़े एंडपॉइंट्स पर बढ़ते साइबर खतरों को इस कदम का तात्कालिक कारण बताया गया।
NIC की विशेष 'साइबर वॉरियर्स' टीम सभी संबंधित एंडपॉइंट्स पर चरणबद्ध इंस्टॉलेशन करेगी।
मौजूदा UEM और EDR लाइसेंस की सपोर्ट अवधि समाप्त होने वाली है, जिससे अपग्रेड की तात्कालिकता और बढ़ गई है।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने 28 अक्टूबर 2026 को राज्य के समस्त सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) और निगमों को साइबर सुरक्षा तंत्र सुदृढ़ करने का औपचारिक निर्देश जारी किया। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी सर्कुलर में NIC नेटवर्क (NICNET) और जम्मू-कश्मीर स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (JKSWAN) से जुड़े एंडपॉइंट्स पर बढ़ते साइबर खतरों को इस कदम का तात्कालिक कारण बताया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

सर्कुलर के अनुसार, सभी सरकारी इकाइयों को 'यूनिफाइड एंडपॉइंट मैनेजमेंट' (UEM) और 'एंडपॉइंट डिटेक्शन एंड रिस्पॉन्स' (EDR) समाधानों के अपग्रेडेड संस्करण तत्काल प्रभाव से लागू करने होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा UEM और EDR लाइसेंस की सपोर्ट अवधि शीघ्र समाप्त होने वाली है, अतः अपग्रेड में विलंब सुरक्षा सेवाओं की निरंतरता को खतरे में डाल सकता है।

गौरतलब है कि यह निर्देश सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विभागों को भेजे गए एक पूर्व संदेश के बाद आया है, जिसमें अपग्रेडेड सुरक्षा समाधानों को लागू करने की आवश्यकता रेखांकित की गई थी।

साइबर वॉरियर्स टीम की तैनाती

नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के मुख्यालय ने अपग्रेडेड सॉफ्टवेयर संस्करण हासिल कर लिए हैं। इन्हें लागू करने के लिए NIC के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की एक विशेष टीम — जिसे आधिकारिक तौर पर 'साइबर वॉरियर्स' नाम दिया गया है — सरकारी विभागों और संगठनों का दौरा करेगी। यह टीम NICNET-JKSWAN से जुड़े समस्त एंडपॉइंट्स पर अपग्रेडेड समाधान चरणबद्ध ढंग से इंस्टॉल करेगी।

प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ये आदेश तत्काल अग्रेषित करें और NIC टीम को हर संभव सहयोग सुनिश्चित करें।

इन प्रणालियों के फायदे

सर्कुलर में बताया गया है कि अपग्रेडेड UEM और EDR प्रणालियाँ चार मुख्य कार्य करेंगी: सरकारी एंडपॉइंट्स का केंद्रीकृत प्रबंधन, सुरक्षा नीतियों के अनुपालन और कमजोरियों की निरंतर निगरानी, साइबर खतरों की शीघ्र पहचान, तथा सुरक्षा घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया। ये चारों क्षमताएँ मिलकर सरकारी IT ढाँचे को उभरते खतरों के विरुद्ध एक बहुस्तरीय सुरक्षा कवच प्रदान करती हैं।

सरकार का व्यापक उद्देश्य

सरकार के अनुसार इस पहल का तीन-आयामी उद्देश्य है: जम्मू-कश्मीर के सरकारी IT बुनियादी ढाँचे की साइबर सुरक्षा मजबूत करना, स्थापित IT गवर्नेंस मानकों का पालन सुनिश्चित करना और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में एक सुरक्षित तथा जवाबदेह ई-गवर्नेंस प्रणाली को बढ़ावा देना। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में सरकारी डिजिटल तंत्र पर साइबर हमलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।

अपग्रेड की प्रक्रिया चरणों में पूरी की जाएगी, और NIC की 'साइबर वॉरियर्स' टीम शीघ्र ही विभागों का दौरा शुरू करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति और गहराई में है। केंद्र शासित प्रदेश में सैकड़ों विभागों और दूरदराज के कार्यालयों तक 'साइबर वॉरियर्स' टीम का चरणबद्ध पहुँचना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा। यह भी उल्लेखनीय है कि मौजूदा लाइसेंस की सपोर्ट अवधि पहले ही समाप्ति की कगार पर है — यह दर्शाता है कि साइबर सुरक्षा रखरखाव में नियमित नियोजन की कमी रही। बिना समयबद्ध जवाबदेही तंत्र के, यह आदेश भी महज़ एक प्रशासनिक औपचारिकता बनकर रह सकता है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर सरकार ने साइबर सुरक्षा अपग्रेड का आदेश क्यों दिया?
NICNET और JKSWAN से जुड़े सरकारी एंडपॉइंट्स पर बढ़ते साइबर खतरों और मौजूदा UEM-EDR लाइसेंस की समाप्ति के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया है। सरकार का लक्ष्य सुरक्षा सेवाओं की निरंतरता बनाए रखना और ई-गवर्नेंस को सुरक्षित करना है।
UEM और EDR क्या होते हैं और ये सरकारी विभागों के लिए क्यों जरूरी हैं?
'यूनिफाइड एंडपॉइंट मैनेजमेंट' (UEM) सरकारी डिवाइसों का केंद्रीकृत प्रबंधन करता है, जबकि 'एंडपॉइंट डिटेक्शन एंड रिस्पॉन्स' (EDR) साइबर खतरों की शीघ्र पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करता है। दोनों मिलकर सरकारी IT नेटवर्क को साइबर हमलों से बचाते हैं।
'साइबर वॉरियर्स' टीम कौन है और वे क्या करेगी?
NIC मुख्यालय के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की यह विशेष टीम जम्मू-कश्मीर के सरकारी विभागों का दौरा करेगी। यह टीम NICNET-JKSWAN से जुड़े सभी एंडपॉइंट्स पर अपग्रेडेड UEM और EDR समाधान चरणबद्ध तरीके से इंस्टॉल करेगी।
इस अपग्रेड से कौन-कौन से विभाग प्रभावित होंगे?
जम्मू-कश्मीर के सभी सरकारी विभाग, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) और निगम इस आदेश के दायरे में आते हैं। प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों तक यह आदेश अग्रेषित करें।
इस साइबर सुरक्षा पहल का दीर्घकालिक उद्देश्य क्या है?
सरकार के अनुसार इस पहल का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में साइबर सुरक्षा को मजबूत करना, IT गवर्नेंस मानकों का पालन सुनिश्चित करना और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में एक सुरक्षित एवं जवाबदेह ई-गवर्नेंस प्रणाली स्थापित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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