जम्मू-कश्मीर में 46,133 रूफटॉप सोलर यूनिट स्थापित, PM सूर्य घर योजना का 55% लक्ष्य पूरा
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 8 अक्टूबर 2026 तक 46,133 आवासीय छतों पर रूफटॉप सोलर यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं, जो केंद्र शासित प्रदेश के 83,500 यूनिट के निर्धारित लक्ष्य का 55.24 प्रतिशत है। यह प्रगति राष्ट्रीय औसत (50.80 प्रतिशत) से अधिक है, जो जम्मू-कश्मीर की अपेक्षाकृत तेज़ कार्यान्वयन गति को दर्शाती है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्वनी कुमार ने बताया कि 31 मार्च 2027 तक 83,500 रूफटॉप सोलर यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य है। अब तक की प्रगति राष्ट्रीय स्तर से आगे होने के बावजूद, लक्ष्य पूरा करने के लिए अभी भी करीब 37,367 यूनिट और लगानी होंगी।
कश्मीर पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (KPDCL) के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद शाह ने बताया कि कुल स्थापित यूनिट में से 17,809 यूनिट जम्मू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (JPDCL) के क्षेत्रों में हैं, जिनकी कुल क्षमता 62.69 मेगावाट है। KPDCL के क्षेत्रों में 28,324 यूनिट लगाई गई हैं, जिनकी क्षमता 102.55 मेगावाट है। इस तरह जम्मू-कश्मीर में रूफटॉप सोलर की कुल स्थापित क्षमता 165.24 मेगावाट हो गई है।
सब्सिडी वितरण
बैठक में जानकारी दी गई कि योजना के तहत अब तक लाभार्थियों के खातों में ₹344.14 करोड़ की केंद्रीय सब्सिडी और ₹13 करोड़ की केंद्र शासित प्रदेश की सब्सिडी सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। यह राशि रूफटॉप सोलर सिस्टम की क्षमता के अनुसार प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के ज़रिए दी जाती है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने देशभर में 1 करोड़ परिवारों को इस योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए ₹75,021 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई है।
बाधाएं और निर्देश
मुख्य सचिव डुल्लू ने स्थापना की गति को प्रभावित करने वाली बाधाओं पर चिंता जताई। उन्होंने पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट और कार्यान्वयन एजेंसियों को बैंक वित्तपोषण, अधिकृत विक्रेताओं की उपलब्धता, मीटरिंग और पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
बैंक ऋण आवेदनों की बड़ी संख्या में अस्वीकृति भी बैठक में प्रमुख मुद्दे के रूप में उभरी। मुख्य सचिव ने बिजली वितरण कंपनियों को निर्देश दिया कि खारिज किए गए सभी ऋण मामलों को संबंधित बैंकों के समक्ष प्राथमिकता से उठाया जाए।
सरकारी भवनों का सोलराइजेशन
बैठक में सरकारी भवनों के सोलराइजेशन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कुल 12,994 सरकारी भवनों को सोलराइज करने के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 8,850 भवनों को सोलराइज किया जा चुका है, जिनकी संयुक्त क्षमता 95.64 मेगावाट है।
इनमें PM सूर्य घर योजना और हाइब्रिड परियोजनाओं के तहत 4,793 भवन (41.50 मेगावाट) तथा चल रहे कार्यक्रम के तहत 4,057 भवन (54.14 मेगावाट) शामिल हैं। करीब 1,300 भवनों के लिए सामग्री पहुँचाई जा चुकी है, 943 स्थलों पर काम जारी है और 1,901 अन्य भवनों के लिए सर्वे चल रहा है।
आम जनता पर असर
PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल सकता है। यह ऐसे समय में विशेष महत्त्व रखता है जब जम्मू-कश्मीर के कई इलाके, विशेषकर कश्मीर घाटी, ठंड के महीनों में बिजली की किल्लत का सामना करते हैं। योजना के पूरी तरह लागू होने के बाद स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता और बिजली बिल में कटौती दोनों सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
यह योजना जम्मू-कश्मीर में 31 मार्च 2027 की समयसीमा से पहले शेष लक्ष्य पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है — बशर्ते बैंक ऋण अस्वीकृति और विक्रेता आपूर्ति जैसी रुकावटें समय रहते दूर की जाएं।