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जम्मू में 7 साल से फरार दुष्कर्म आरोपी तौसीफ अहमद गिरफ्तार, 2019 में हिरासत से भागा था

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जम्मू में 7 साल से फरार दुष्कर्म आरोपी तौसीफ अहमद गिरफ्तार, 2019 में हिरासत से भागा था

सारांश

सात साल की फरारी, फर्जी पहचान, और एक लंबा सर्च अभियान — जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आखिरकार दुष्कर्म आरोपी तौसीफ अहमद को जम्मू से दबोच लिया। इसी बीच श्रीनगर केंद्रीय जेल से दो पॉक्सो आरोपियों के भागने से पुलिस पर दबाव और बढ़ा है।

मुख्य बातें

तौसीफ अहमद , रियासी निवासी और दुष्कर्म का आरोपी, 25 अगस्त 2026 को जम्मू से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी 2019 में पुलिस हिरासत से भागा था और तब से 7 वर्षों तक फरार रहा।
फरारी के दौरान तौसीफ कथित तौर पर 'मोहम्मद साहिल' नाम के फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल कर रहा था।
23 अगस्त को श्रीनगर केंद्रीय जेल से मुख्तार अहमद गुज्जर और फरमान खान — दोनों पॉक्सो आरोपी — फरार हो गए।
पुलिस ने दोनों फरार कैदियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया; जानकारी के लिए 112 नंबर जारी।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 25 अगस्त 2026 को जम्मू में तौसीफ अहमद को गिरफ्तार किया — यह आरोपी सात वर्षों से फरार था और 2019 में पुलिस हिरासत से भाग निकला था। रियासी जिले का निवासी तौसीफ एक महिला के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में वांछित था।

कैसे हुई गिरफ्तारी

अधिकारियों के अनुसार, जम्मू क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे सर्च अभियान और लगातार निगरानी के बाद पुलिस टीम ने तौसीफ के ठिकाने का पता लगाया। विस्तृत जाँच के बाद उसे जम्मू से धर दबोचा गया।

पुलिस के मुताबिक, हिरासत से भागने के बाद आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई हथकंडे अपनाए। वह कथित तौर पर 'मोहम्मद साहिल' नाम के फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल कर पुलिस की नजरों से बचता रहा।

मुख्य आरोप और पृष्ठभूमि

तौसीफ अहमद पर एक महिला के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज है। वह 2019 में पुलिस हिरासत से फरार हुआ था, जिसके बाद से उसकी तलाश जारी थी। यह मामला उस श्रृंखला का हिस्सा है जिसमें जम्मू-कश्मीर में कई यौन अपराध के आरोपी न्यायिक प्रक्रिया से बचते रहे हैं।

श्रीनगर जेल से भागे दो अन्य आरोपी

इस बीच, पुलिस 23 अगस्त को श्रीनगर केंद्रीय जेल से फरार हुए दो अन्य आरोपियों की तलाश में भी जुटी है। दोनों पर नाबालिगों से यौन अपराध के मामले दर्ज हैं।

पहला फरार आरोपी मुख्तार अहमद गुज्जर है, जो अनंतनाग का निवासी है। उसके खिलाफ सौरा पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में पॉक्सो अधिनियम सहित कई गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं। दूसरा आरोपी फरमान खान है, जो लार पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में वांछित है — उस पर भी पॉक्सो अधिनियम और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत आरोप हैं।

लुकआउट नोटिस और पुलिस की अपील

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक लुकआउट नोटिस जारी किया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को इनकी जानकारी मिले तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें या 112 नंबर पर सूचना दें।

अधिकारियों का कहना है कि दोनों की तलाश के लिए व्यापक अभियान जारी है और जल्द उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उतनी ही बड़ी चूक को भी उजागर करती है — एक आरोपी सात साल तक फर्जी पहचान के सहारे खुलेआम घूमता रहा। इसी के साथ श्रीनगर केंद्रीय जेल से दो पॉक्सो आरोपियों का एक ही सप्ताह में फरार होना जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जम्मू-कश्मीर में यौन अपराध के मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति और हिरासत प्रबंधन की खामियाँ — दोनों मिलकर पीड़ितों के लिए न्याय की राह को और लंबा बना देती हैं।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तौसीफ अहमद कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
तौसीफ अहमद रियासी जिले का निवासी है जो एक महिला के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में वांछित था। वह 2019 में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था और 25 अगस्त 2026 को जम्मू से गिरफ्तार किया गया।
तौसीफ अहमद इतने सालों तक कैसे बचता रहा?
पुलिस के अनुसार, तौसीफ ने 'मोहम्मद साहिल' नाम का फर्जी पहचान पत्र बनाकर अपनी असली पहचान छिपाई। लगातार निगरानी और विस्तृत जाँच के बाद पुलिस उसके ठिकाने तक पहुँच सकी।
श्रीनगर केंद्रीय जेल से कौन-से आरोपी फरार हुए हैं?
23 अगस्त को श्रीनगर केंद्रीय जेल से मुख्तार अहमद गुज्जर (अनंतनाग निवासी) और फरमान खान फरार हुए। दोनों पर पॉक्सो अधिनियम के तहत नाबालिगों से यौन अपराध के मामले दर्ज हैं।
फरार आरोपियों की सूचना कहाँ दें?
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपील की है कि फरार आरोपियों की जानकारी रखने वाले नागरिक तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें या 112 नंबर पर सूचना दें। दोनों के खिलाफ आधिकारिक लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।
इन मामलों में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
मुख्तार अहमद गुज्जर पर सौरा पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में पॉक्सो अधिनियम सहित कई गंभीर धाराएँ हैं। फरमान खान पर लार पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में पॉक्सो अधिनियम और अन्य आपराधिक धाराएँ लगाई गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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