24 सितंबर 2026
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जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक: बिहार के सारण से एजेंट मनु कुमार गिरफ्तार, अब तक 33 आरोपी पकड़े

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जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक: बिहार के सारण से एजेंट मनु कुमार गिरफ्तार, अब तक 33 आरोपी पकड़े

सारांश

जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक मामले में झारखंड एसआईटी की जांच का दायरा अब बिहार तक पहुँच गया है। सारण से गिरफ्तार एजेंट मनु कुमार सिंह और दो रिमांड आरोपियों से पूछताछ से इस अंतरराज्यीय गिरोह के नए सुराग मिलने की उम्मीद है, जिसके तार बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल तक फैले बताए जाते हैं।

मुख्य बातें

झारखंड सीआईडी एसआईटी ने 24 सितंबर 2026 को बिहार के सारण जिले से अंतरराज्यीय एजेंट मनु कुमार सिंह को गिरफ्तार किया।
मनु कुमार पर जेएसएससी-सीजीएल अभ्यर्थियों को अवैध लाभ पहुँचाकर परीक्षा पास करवाने का आरोप है।
जेल में बंद दो आरोपी — कुन्दन कुमार (पलामू) और समीर कुमार (गिरिडीह) — को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया।
इस मामले में एसआईटी अब तक कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
घोटाले का मुख्य सरगना गोड्डा का अभय तिवारी (ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर) पहले से जेल में है।
गिरोह के तार बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल तक फैले होने का खुलासा जांच में हुआ है।

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा पेपर लीक मामले में झारखंड सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 24 सितंबर 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के सारण (छपरा) जिले से अंतरराज्यीय एजेंट मनु कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही एसआईटी ने पूर्व में जेल भेजे गए दो अन्य आरोपियों को पूछताछ के लिए न्यायिक अभिरक्षा से रिमांड पर भी लिया है।

गिरफ्तारी का विवरण

सीआईडी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत अप्राथमिकी अभियुक्त मनु कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया। वह बिहार के सारण जिले के अवतार नगर थाना अंतर्गत देवरिया गाँव का निवासी है। जांच में खुलासा हुआ है कि उसने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के कई अभ्यर्थियों को अवैध रूप से अनुचित लाभ पहुँचाया, जिसके बल पर कई अभ्यर्थी परीक्षा उत्तीर्ण करने में सफल भी हुए।

रिमांड पर लिए गए दो आरोपी

एसआईटी ने जेल में बंद दो अन्य आरोपियों को भी पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। इनमें पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के डुमरी निवासी कुन्दन कुमार और गिरिडीह जिले के बेंगाबाद निवासी समीर कुमार शामिल हैं। सीआईडी की टीम अब इन तीनों से पूछताछ कर गिरोह के शेष नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।

अब तक की जांच का दायरा

गौरतलब है कि इस बहुचर्चित मामले में सीआईडी की एसआईटी अब तक कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच को दो मुख्य चरणों में अंजाम दिया गया — शुरुआती चरण में 16 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें अधिकतर पुलिस विभाग से जुड़े कर्मी और सिपाही थे जो अभ्यर्थियों से पैसे वसूलते थे। बाद में जांच आगे बढ़ने पर मुख्य सरगनाओं, अंतरराज्यीय एजेंटों, परीक्षा संचालन एजेंसी के कर्मियों और फर्जी अभ्यर्थियों समेत 17 अन्य आरोपियों को भी दबोचा गया।

घोटाले का मुख्य सरगना और अंतरराज्यीय नेटवर्क

जांच में यह सामने आया है कि इस पूरे घोटाले का मुख्य सरगना गोड्डा का ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर अभय तिवारी था, जो फिलहाल जेल में बंद है। इस गिरोह के तार झारखंड के कई जिलों के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल तक फैले हुए बताए जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार, अभ्यर्थियों को गुप्त ठिकानों पर ले जाकर परीक्षा से ठीक पहले प्रश्न-उत्तर कंठस्थ कराए गए थे।

आगे की कार्रवाई

सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद इस मामले में कई और बड़े नामों पर शिकंजा कसा जा सकता है। यह मामला यह भी उजागर करता है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले गिरोह किस तरह राज्य की सीमाओं से परे अपना जाल बिछा लेते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सुनियोजित अंतरराज्यीय व्यवस्था थी — जिसमें पुलिसकर्मियों से लेकर सरकारी अधिकारी तक शामिल रहे। असली सवाल यह है कि इतने बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ परीक्षा के वर्षों बाद क्यों हुआ और उन अभ्यर्थियों का क्या होगा जो इस धांधली के सहारे नौकरियों में बैठ चुके हैं। जब तक चयनित उम्मीदवारों की नियुक्तियों की स्वतंत्र समीक्षा नहीं होती, पीड़ित वैध अभ्यर्थियों को न्याय अधूरा ही रहेगा।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक मामले में मनु कुमार सिंह कौन है?
मनु कुमार सिंह बिहार के सारण (छपरा) जिले के देवरिया गाँव का रहने वाला अंतरराज्यीय एजेंट है, जिसे झारखंड एसआईटी ने 24 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया। उस पर जेएसएससी-सीजीएल अभ्यर्थियों को अवैध रूप से परीक्षा पास करवाने में मदद का आरोप है।
जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में झारखंड सीआईडी की एसआईटी अब तक कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें पुलिस कर्मी, मुख्य सरगना, अंतरराज्यीय एजेंट और परीक्षा एजेंसी के कर्मी शामिल हैं।
जेएसएससी-सीजीएल घोटाले का मुख्य सरगना कौन है?
जांच के अनुसार इस घोटाले का मुख्य सरगना गोड्डा का ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर अभय तिवारी है, जो फिलहाल जेल में बंद है। उसके नेटवर्क के तार बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल तक फैले होने का खुलासा हुआ है।
पेपर लीक में अभ्यर्थियों को कैसे परीक्षा पास करवाई जाती थी?
जांच के अनुसार अभ्यर्थियों को गुप्त ठिकानों पर ले जाकर परीक्षा से ठीक पहले प्रश्न-उत्तर कंठस्थ कराए जाते थे। इस सेवा के एवज में पुलिस कर्मियों और एजेंटों द्वारा अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली जाती थी।
रिमांड पर लिए गए दो आरोपी कौन हैं और क्यों लिया गया रिमांड?
रिमांड पर लिए गए आरोपियों में पलामू जिले के कुन्दन कुमार और गिरिडीह जिले के समीर कुमार शामिल हैं। एसआईटी इनसे पूछताछ कर गिरोह के बचे हुए नेटवर्क और संभावित बड़े नामों की जानकारी हासिल करने की कोशिश में है।
राष्ट्र प्रेस
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