न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव ने पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली, राज्यपाल हसनैन ने दिलाई शपथ
सारांश
मुख्य बातें
पटना उच्च न्यायालय को 13 सितंबर 2026 को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया। न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव ने रविवार को बिहार लोक भवन, पटना में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस नियुक्ति से न्यायिक प्रशासन और विधिक क्षेत्र में न्यायमूर्ति राव के तीन दशक से अधिक के अनुभव का लाभ पटना उच्च न्यायालय को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
शपथ ग्रहण समारोह का घटनाक्रम
समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित न्यायपालिका और प्रशासन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। शपथ ग्रहण के पश्चात मुख्यमंत्री चौधरी ने न्यायमूर्ति राव को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि न्यायमूर्ति राव की न्यायिक दक्षता और अनुभव पटना उच्च न्यायालय की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ करेगा।
न्यायमूर्ति राव की शैक्षणिक और विधिक पृष्ठभूमि
न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव का न्यायिक और विधिक क्षेत्र में लंबा और विविधतापूर्ण अनुभव रहा है। उन्होंने वर्ष 1987 में दिल्ली विश्वविद्यालय से भूगोल में स्नातक की डिग्री हासिल की और 1990 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। मार्च 1991 में उन्होंने दिल्ली विधिज्ञ परिषद में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया।
वकालत के दौरान उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय, दिल्ली उच्च न्यायालय और नई दिल्ली स्थित केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की प्रधान न्यायपीठ में विभिन्न मामलों में पैरवी की। उनकी विधिक दक्षता को मान्यता देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने वर्ष 2010 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया।
न्यायाधीश के रूप में करियर की यात्रा
17 अगस्त 2013 को न्यायमूर्ति राव को दिल्ली उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 18 मार्च 2015 को वह स्थायी न्यायाधीश बने और दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबे समय तक न्यायिक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।
जून 2024 में उनका स्थानांतरण कर्नाटक उच्च न्यायालय में किया गया, जहाँ उन्होंने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। जुलाई 2025 में वह दिल्ली वापस लौटे। गौरतलब है कि विभिन्न उच्च न्यायालयों में उनका यह व्यापक अनुभव उन्हें पटना उच्च न्यायालय के प्रशासन के लिए एक परिपक्व नेतृत्व प्रदान करता है।
पटना हाईकोर्ट के लिए क्या है आगे
न्यायमूर्ति राव की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब बिहार की न्यायिक व्यवस्था में लंबित मामलों के निपटारे की गति को तेज करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तीन से अधिक उच्च न्यायालयों में अनुभव प्राप्त एक न्यायाधीश के रूप में उनसे पटना उच्च न्यायालय की कार्यक्षमता और प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा मिलने की अपेक्षा है।