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न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली, सिक्किम से आईं पहली महिला जज

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न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली, सिक्किम से आईं पहली महिला जज

सारांश

न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली — सिक्किम हाईकोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश अब बिहार की शीर्ष न्यायिक कुर्सी पर। सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम की 22 मई की सिफारिश और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह नियुक्ति न्यायपालिका में महिला नेतृत्व की दिशा में एक सार्थक कदम है।

मुख्य बातें

न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली।
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने बिहार लोक भवन, पटना में शपथ दिलाई।
सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने 22 मई 2025 को उनके नाम की सिफारिश की थी।
यह नियुक्ति पूर्व मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू के 4 जून 2025 को सेवानिवृत्त होने के बाद हुई।
न्यायमूर्ति राय सिक्किम हाईकोर्ट की न्यायाधीश नियुक्त होने वाली पहली महिला थीं ( 15 अप्रैल 2015 )।
उनका जन्म 12 जुलाई 1964 को हुआ; उन्होंने 1989 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की।

न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने 6 जून 2025 को पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने पटना स्थित बिहार लोक भवन में आयोजित विशेष समारोह में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक अवसर पर पटना हाईकोर्ट के अनेक न्यायाधीश और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

शपथ ग्रहण समारोह का विवरण

समारोह बिहार लोक भवन, पटना में संपन्न हुआ, जहाँ राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने न्यायमूर्ति राय को संवैधानिक शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के पश्चात राज्यपाल और नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश ने एक-दूसरे को बधाई दी। यह नियुक्ति पटना हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू के 4 जून 2025 को सेवानिवृत्त होने के ठीक बाद की गई।

नियुक्ति की प्रक्रिया

इस सप्ताह की शुरुआत में केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय की पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद पर नियुक्ति को औपचारिक मंजूरी दी। यह नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिश पर आधारित है, जो 22 मई 2025 को हुई बैठक में की गई थी।

केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया था कि राष्ट्रपति ने संविधान के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए और भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद सिक्किम हाईकोर्ट की न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है।

न्यायमूर्ति राय का परिचय एवं शैक्षणिक पृष्ठभूमि

न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय का जन्म 12 जुलाई 1964 को हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गंगटोक और कुर्सियांग में प्राप्त की। तत्पश्चात दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान (ऑनर्स) में स्नातक किया, जिसके लिए उन्हें सिक्किम सरकार की मेरिट स्कॉलरशिप से भी सम्मानित किया गया था।

उन्होंने वर्ष 1989 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री अर्जित की। इसके बाद 1990 में दिल्ली बार एसोसिएशन में पंजीकरण कराकर दिल्ली हाईकोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय में वकालत प्रारंभ की।

न्यायिक करियर और उपलब्धियाँ

15 अप्रैल 2015 को न्यायमूर्ति राय को सिक्किम हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था — वह इस पद पर पहुँचने वाली सिक्किम की पहली महिला बनीं। अपने न्यायिक कार्यकाल में वह कई बार सिक्किम हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी रह चुकी हैं। इसके अतिरिक्त वह सिक्किम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में भी सक्रिय रही हैं।

आगे की राह

न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय के नेतृत्व में पटना हाईकोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे और न्यायिक सुधारों की दिशा में नई प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है। गौरतलब है कि बिहार में न्यायिक संरचना को मजबूत करने की दृष्टि से यह नियुक्ति महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पटना हाईकोर्ट में लंबित मामलों की विशाल संख्या और न्यायाधीशों की रिक्तियाँ असली चुनौती बनी हुई हैं, जिन पर नई मुख्य न्यायाधीश का ध्यान अपेक्षित है। कॉलेजियम प्रणाली की पारदर्शिता पर बहस के बीच यह नियुक्ति उसी परंपरागत प्रक्रिया से हुई है, जिसे लेकर न्यायिक सुधार की माँग लंबे समय से उठती रही है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय कौन हैं?
न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय पटना हाईकोर्ट की नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश हैं, जिन्होंने इससे पहले सिक्किम हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। वह 15 अप्रैल 2015 को सिक्किम हाईकोर्ट की न्यायाधीश बनने वाली पहली महिला थीं।
पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद पर नियुक्ति कैसे हुई?
सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने 22 मई 2025 को हुई बैठक में न्यायमूर्ति राय के नाम की सिफारिश की। इसके बाद राष्ट्रपति ने संविधान के तहत अधिकारों का उपयोग करते हुए और मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से परामर्श के बाद उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी।
पटना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश कौन थे?
पटना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू थे, जो 4 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुए। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय को इस पद पर नियुक्त किया गया।
न्यायमूर्ति राय की शैक्षणिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि क्या है?
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान (ऑनर्स) और 1989 में कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। 1990 में दिल्ली बार एसोसिएशन में पंजीकरण के बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय में वकालत की।
शपथ ग्रहण समारोह कहाँ और किसने संपन्न कराया?
शपथ ग्रहण समारोह पटना स्थित बिहार लोक भवन में आयोजित हुआ। बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
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