2 अक्टूबर 2026
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भाजपा सांसद के. लक्ष्मण का हमला: 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' असल में 'वंशवाद बचाओ मार्च' है

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भाजपा सांसद के. लक्ष्मण का हमला: 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' असल में 'वंशवाद बचाओ मार्च' है

सारांश

महात्मा गांधी जयंती पर विपक्ष का 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' जब सड़कों पर उतरा, तब भाजपा सांसद के. लक्ष्मण ने उसे 'वंशवाद बचाओ मार्च' का नाम देकर पलटवार किया। तेलंगाना में कांग्रेस पर 8-10 विपक्षी विधायकों को तोड़ने का आरोप लगाकर उन्होंने राहुल गांधी की संवैधानिक साख पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

लक्ष्मण ने 2 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस और इंडी गठबंधन के 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' को 'वंशवाद बचाओ मार्च' करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन का उद्देश्य वंशवादी राजनीति और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े नेताओं को बचाना है।
तेलंगाना में कांग्रेस सरकार पर विपक्ष के 8 से 10 विधायकों को कथित तौर पर तोड़ने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी की संविधान-केंद्रित राजनीति और ज़मीनी कामकाज के बीच विरोधाभास का सवाल उठाया।
कांग्रेस और इंडी गठबंधन का मार्च दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में जारी है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद और संसदीय बोर्ड के सदस्य डॉ. के. लक्ष्मण ने 2 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में कांग्रेस और इंडी गठबंधन के 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह आंदोलन लोकतंत्र की रक्षा का नहीं, बल्कि 'वंशवाद बचाओ मार्च' का रूप ले चुका है। उनके अनुसार, विपक्ष इस प्रदर्शन की आड़ में वंशवादी राजनीति और उससे जुड़े नेताओं को संरक्षण देने का प्रयास कर रहा है।

मार्च पर भाजपा का मुख्य आरोप

महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का जिक्र करते हुए के. लक्ष्मण ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), राहुल गांधी और इंडी गठबंधन ने देश के विभिन्न हिस्सों में यह 'मार्च' शुरू किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन का वास्तविक उद्देश्य उन नेताओं को बचाना है जिन पर आपराधिक गतिविधियों, भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति से जुड़े होने के आरोप लगते रहे हैं।

लक्ष्मण ने कहा, 'राहुल गांधी संविधान की प्रति दिखाकर लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की बात करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी पार्टी के कामकाज में इन सिद्धांतों का पालन नहीं दिखाई देता।'

तेलंगाना का उदाहरण

डॉ. के. लक्ष्मण ने तेलंगाना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि जिस राज्य में कांग्रेस की सरकार है, वहाँ विपक्ष के करीब 8 से 10 विधायकों को कथित तौर पर कांग्रेस में शामिल कराया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राहुल गांधी वास्तव में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात करते हैं, तो उन्हें तेलंगाना में भी 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' निकालना चाहिए।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और इंडी गठबंधन दिल्ली, मुंबई समेत देश के कई शहरों में समन्वित विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि विपक्ष इन प्रदर्शनों के ज़रिए जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है।

राजनीतिक आचरण पर सवाल

लक्ष्मण ने कहा कि जो दल लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देते हैं, उन्हें अपने राजनीतिक आचरण में भी उन्हीं मूल्यों को प्रदर्शित करना होगा। उनके अनुसार, कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के इस आंदोलन के पीछे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की नीयत से अधिक वंशवादी नेताओं को बचाने का उद्देश्य नज़र आता है।

गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब भाजपा ने कांग्रेस पर वंशवाद का आरोप लगाया हो — यह मुद्दा पार्टी की चुनावी रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा रहा है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से लोकतांत्रिक मूल्यों की आड़ में राजनीतिक हमले किए जा रहे हैं।

आगे की राजनीतिक दिशा

इंडी गठबंधन का यह मार्च देश भर में जारी रहने की संभावना है, और भाजपा की ओर से जवाबी राजनीतिक अभियान भी तेज़ होने के संकेत हैं। 2 अक्टूबर जैसे प्रतीकात्मक अवसर पर दोनों पक्षों की ओर से राजनीतिक बयानबाज़ी के इस दौर में आने वाले हफ्तों में और तीखापन आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह 'लोकतंत्र बचाओ' की साख को कमज़ोर करता है। दूसरी तरफ, आलोचकों का कहना है कि भाजपा का खुद का रिकॉर्ड — जिसमें कई राज्यों में दलबदल की राजनीति शामिल है — इस नैतिक हमले को एकतरफा बनाता है। असली सवाल यह है कि क्या दोनों पक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों की चर्चा को केवल चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा सांसद के. लक्ष्मण ने 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' को क्या कहा?
डॉ. के. लक्ष्मण ने इसे 'वंशवाद बचाओ मार्च' करार दिया और कहा कि इसका उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा नहीं, बल्कि वंशवादी राजनीति और कथित आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को बचाना है। यह बयान 2 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में आया।
के. लक्ष्मण ने तेलंगाना का उदाहरण क्यों दिया?
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित तेलंगाना में विपक्ष के करीब 8 से 10 विधायकों को कथित तौर पर पार्टी में शामिल कराया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राहुल गांधी वाकई संविधान और लोकतंत्र के रक्षक हैं तो उन्हें तेलंगाना में भी ऐसा मार्च निकालना चाहिए।
इंडी गठबंधन का 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' कहाँ-कहाँ हो रहा है?
कांग्रेस और इंडी गठबंधन की ओर से यह मार्च दिल्ली, मुंबई समेत देश के कई शहरों में आयोजित किया जा रहा है। यह प्रदर्शन महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती, 2 अक्टूबर, के अवसर पर शुरू हुआ।
राहुल गांधी की संविधान-राजनीति पर भाजपा की क्या आपत्ति है?
भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी संविधान की प्रति दिखाकर लोकतांत्रिक मूल्यों की बात करते हैं, लेकिन उनकी पार्टी के ज़मीनी कामकाज में इन सिद्धांतों का पालन नहीं होता। के. लक्ष्मण के अनुसार यह वैचारिक विरोधाभास कांग्रेस की विश्वसनीयता को कमज़ोर करता है।
भाजपा और कांग्रेस के बीच 'वंशवाद' का विवाद कितना पुराना है?
यह विवाद वर्षों पुराना है और भाजपा की चुनावी रणनीति का केंद्रीय हिस्सा रहा है। पार्टी गांधी परिवार के नेतृत्व को 'वंशवादी राजनीति' बताती रही है, जबकि कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक चुनाव की देन मानती है।
राष्ट्र प्रेस
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