लोकतंत्र बचाओ रैली: मीनाक्षी नटराजन और तुषार गांधी ने मुंबई में सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के तिलक भवन में 2 जुलाई को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) द्वारा आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ संकल्प रैली' में कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन, सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी और राज्य के कई वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कथित तौर पर चुनावी धाँधली, दलबदल और नागरिक अधिकारों पर हमले को लेकर व्यापक जन-आंदोलन की ज़रूरत बताई।
मीनाक्षी नटराजन का बयान: संस्थाओं पर समझौते का आरोप
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि देशभर में लोकतंत्र पर जो प्रहार हो रहे हैं, उनका व्यापक विरोध हो रहा है और महाराष्ट्र में यह रैली उसी का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं ने सत्ता पक्ष के साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के हालिया बयान पर नटराजन ने कहा कि उनकी लड़ाई वैचारिक है और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, 'वोट चोरी के बाद पार्टियाँ भी चोरी हो रही हैं — यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।'
तुषार गांधी: 'यह लड़ाई स्वतंत्रता संग्राम से कम नहीं'
तुषार गांधी ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का चुनावी पर्चा खारिज किया जाना एक सोची-समझी साज़िश है और इसी के विरोध में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले वोटों की चोरी हुई, फिर मतदान के अधिकार की और अब जनप्रतिनिधियों को तोड़ा जा रहा है।
गांधी ने कहा कि यह लड़ाई स्वतंत्रता संग्राम से कम नहीं है और वैचारिक गुलामी की बेड़ियाँ तोड़ने के लिए अब जनता के बीच जाकर आंदोलन करना होगा। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट पर उन्होंने कहा कि यह सत्ता के प्रलोभन का उदाहरण है — जो पार्टी कड़ी टक्कर देती दिखे, उसे ही तोड़ दिया जाता है, जैसा बंगाल और महाराष्ट्र में हो रहा है।
राम मंदिर विवाद पर तीखी टिप्पणी
राम मंदिर से जुड़े विवाद पर तुषार गांधी ने कहा कि समाज अमर्यादित हो गया है, क्योंकि जो चोरी करते हैं, उन्हें ही चौकीदारी की जिम्मेदारी दे दी जाती है। उन्होंने कहा कि इस पर चुप रहना और भी चिंताजनक है।
कांग्रेस नेता चरण सापरा ने भी इसी मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि जो लोग नफरत और विभाजन की राजनीति करते हैं और राम मंदिर में कथित तौर पर डकैती होती है, उन्हें सत्ता में बनाए रखना जनता के लिए सोचने का विषय है।
बीएमसी पर निशाना: मैनहोल और पेड़ गिरने की घटनाएँ
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई में हाल ही में हुई दुर्घटनाओं पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को सीधे ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पेड़ गिरने से एक बच्चे की मौत और मैनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की मौत के लिए BMC जवाबदेह है। सपकाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने इन संस्थाओं को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है।
चरण सापरा ने इस पर और कड़े शब्दों में कहा कि इस सरकार और BMC को ही खड्डे में फेंक देना चाहिए। गौरतलब है कि मुंबई में मानसून के दौरान इस तरह की घटनाएँ हर साल विवाद का विषय बनती हैं।
आगे क्या
रैली में वक्ताओं ने संकेत दिया कि यह आंदोलन महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहेगा और आने वाले समय में राज्यभर में जन-संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और चुनावी पारदर्शिता इस अभियान के केंद्रीय मुद्दे रहेंगे।