26 जुलाई 2026
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मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा नामांकन विवाद: चुनाव आयोग से राहत नहीं, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगी

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मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा नामांकन विवाद: चुनाव आयोग से राहत नहीं, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगी

सारांश

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुँचने वाला है। साथ ही तेलंगाना में कांग्रेस सांसद ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को निशाना बनाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ हैदराबाद CCS में शिकायत दर्ज कराई — विवाद अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर लड़ा जा रहा है।

मुख्य बातें

मीनाक्षी नटराजन का मध्य प्रदेश से राज्यसभा नामांकन रद्द होने के बाद चुनाव आयोग से राहत नहीं मिली।
कांग्रेस गुरुवार, 12 जून 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगी।
कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने हैदराबाद CCS में सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में 'तेलुगु स्क्राइब' सहित अकाउंट्स पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ भ्रामक प्रचार का आरोप।
सांसद ने BJP और BRS पर मिलकर तेलंगाना सरकार को अस्थिर करने की साजिश का आरोप लगाया।
कांग्रेस का तर्क: जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत निजी शिकायत को फॉर्म-26 में 'केस' दर्शाना अनिवार्य नहीं।

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का मध्य प्रदेश से राज्यसभा नामांकन रद्द होने के मामले में चुनाव आयोग से कोई राहत न मिलने के बाद कांग्रेस ने गुरुवार, 12 जून 2026 को सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने का फैसला किया है। इस विवाद ने अब तेलंगाना की राजनीति में भी तूफान ला दिया है, जहाँ सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है।

मुख्य घटनाक्रम

कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने बुधवार, 10 जून 2026 को हैदराबाद के सेंट्रल क्राइम स्टेशन (CCS) में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के विरुद्ध औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि इन अकाउंट्स के ज़रिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण और भ्रामक सामग्री फैलाई जा रही है।

शिकायत में 'तेलुगु स्क्राइब' सहित कई सोशल मीडिया हैंडल्स का नाम लेते हुए आरोप लगाया गया है कि इन्होंने यह प्रचारित किया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कराने की साजिश मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रची थी। सांसद ने विस्तृत जाँच कर एफआईआर दर्ज करने की माँग की है।

सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप

किरण कुमार रेड्डी ने अपनी शिकायत में कहा कि संबंधित अकाउंट्स ने फर्जी खबरें फैलाकर मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास किया। उनके अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और इंस्टाग्राम पर दावा किया गया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मीनाक्षी नटराजन के पुराने कानूनी मामले की जानकारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं को गुप्त रूप से साझा की, जिसके कारण उनका नामांकन रद्द हुआ।

सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों से जुड़े डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से लोकतांत्रिक सरकार को अस्थिर करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा और बीआरएस पर निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में किरण कुमार रेड्डी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारत राष्ट्र समिति (BRS) पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल मिलकर कांग्रेस सरकार को घेरने और तेलंगाना में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की साजिश रच रहे हैं।

नामांकन रद्द होने की कानूनी पृष्ठभूमि

सांसद ने स्पष्ट किया कि मीनाक्षी नटराजन के विरुद्ध केवल एक निजी शिकायत दर्ज है, और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत फॉर्म-26 में इसे 'मामला' (केस) के रूप में दर्शाने की कोई बाध्यता नहीं है। यह कानूनी तर्क ही सर्वोच्च न्यायालय में कांग्रेस की दलील का आधार बनने की संभावना है।

आगे क्या होगा

गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय में दायर होने वाली याचिका से यह तय होगा कि क्या मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बहाल हो सकता है। यह मामला न केवल कांग्रेस के लिए बल्कि राज्यसभा नामांकन प्रक्रिया की व्याख्या के लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण नज़ीर बन सकता है। तेलंगाना में जारी सियासी तनाव यह दर्शाता है कि यह विवाद कानूनी दायरे से बाहर निकलकर राज्य की राजनीति को भी प्रभावित कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परतें गहरी हैं — फॉर्म-26 में 'निजी शिकायत' बनाम 'केस' की व्याख्या राज्यसभा चुनावों में भविष्य के नामांकनों के लिए नज़ीर बन सकती है। तेलंगाना में सोशल मीडिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना यह भी दर्शाता है कि कांग्रेस इस विवाद को केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक नैरेटिव की लड़ाई के रूप में भी लड़ रही है। BJP और BRS पर 'साजिश' के आरोप बिना ठोस सार्वजनिक साक्ष्य के लगाए गए हैं — सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई ही असली तथ्यों को सामने लाएगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन क्यों रद्द हुआ?
मीनाक्षी नटराजन का मध्य प्रदेश से राज्यसभा नामांकन उनके विरुद्ध दर्ज एक पुराने कानूनी मामले के आधार पर रद्द किया गया। कांग्रेस का तर्क है कि यह केवल एक निजी शिकायत है और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के फॉर्म-26 में इसे 'केस' के रूप में दर्शाना अनिवार्य नहीं था।
चुनाव आयोग से राहत न मिलने के बाद कांग्रेस क्या करेगी?
चुनाव आयोग की अपील खारिज होने के बाद कांग्रेस गुरुवार, 12 जून 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगी। इस याचिका में नामांकन बहाल करने की माँग किए जाने की संभावना है।
तेलंगाना में इस विवाद को लेकर क्या हुआ?
कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने 10 जून 2026 को हैदराबाद के सेंट्रल क्राइम स्टेशन में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इन अकाउंट्स पर आरोप है कि इन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ भ्रामक प्रचार किया और नामांकन रद्द होने की साजिश में उनका हाथ बताया।
'तेलुगु स्क्राइब' पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
'तेलुगु स्क्राइब' सहित कई सोशल मीडिया हैंडल्स पर आरोप है कि उन्होंने यह प्रचारित किया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मीनाक्षी नटराजन के कानूनी मामले की जानकारी BJP नेताओं को गुप्त रूप से साझा की। कांग्रेस सांसद ने इसे फर्जी खबर बताते हुए एफआईआर दर्ज करने की माँग की है।
इस मामले में BJP और BRS की क्या भूमिका बताई जा रही है?
कांग्रेस सांसद किरण कुमार रेड्डी ने आरोप लगाया है कि BJP और BRS मिलकर तेलंगाना में कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि, ये आरोप अभी तक सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं और दोनों दलों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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