मीनाक्षी नटराजन मामले में केटीआर का कांग्रेस पर वार: 'पार्टी के भीतर के गद्दारों को पहचानो'
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने 12 जून को हैदराबाद में मीडियाकर्मियों से बातचीत में कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा निशाना साधा और माँग की कि पार्टी यह उजागर करे कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ संवेदनशील जानकारी किसने लीक की, जिसके चलते उनका राज्यसभा नामांकन खारिज हुआ। रामाराव के अनुसार यह जानकारी सीधे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं तक पहुँचाई गई, जो कांग्रेस के भीतर गहरी गुटबाजी का संकेत है।
राहुल गांधी से 'ब्लैक शिप' पहचानने की अपील
केटीआर ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को कांग्रेस के उन 'ब्लैक शिप' की पहचान करनी चाहिए जो पार्टी को अंदर से खोखला कर रहे हैं। उनका तर्क था कि नटराजन की हार के लिए कांग्रेस स्वयं जिम्मेदार है और इस आंतरिक विश्वासघात का ठीकरा राजनीतिक विरोधियों पर फोड़ना उचित नहीं है।
एसआईटी जाँच की माँग
रामाराव ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को विशेष जाँच दल (SIT) गठित करने का इतना उत्साह है, तो वे इस सूचना-लीक मामले की भी SIT जाँच का आदेश दें। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का महत्वपूर्ण पदों को वित्तीय सौदेबाजी से हासिल करने का पुराना इतिहास रहा है और दावा किया कि वर्तमान मुख्यमंत्री ने भी इसी तरह अपना पद प्राप्त किया। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
रेवंत रेड्डी की टिप्पणियों की निंदा
केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा हिटलर और युद्ध-विनाश के संदर्भ में की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक है कि एक लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित मुख्यमंत्री हिटलर की प्रशंसा करें या युद्धक्षेत्रों में होने वाले विनाश का महिमामंडन करें।
हैदराबाद की अवसंरचना और मानसून तैयारी पर सवाल
रामाराव ने यह भी कहा कि हैदराबाद की वर्तमान अवसंरचनात्मक मजबूती बीआरएस सरकार के कार्यकाल में लागू परियोजनाओं की देन है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा कांग्रेस सरकार मानसून की तैयारियों की समुचित समीक्षा करने में विफल रही है और पूर्व प्रशासन द्वारा निर्मित अवसंरचना के रखरखाव की अनदेखी की जा रही है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट मेट्रो परियोजना को रद्द किए जाने से लाखों यात्री एक महत्वपूर्ण परिवहन विकल्प से वंचित हो गए हैं और शहर में यातायात जाम की समस्या बढ़ी है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब तेलंगाना में बीआरएस और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। मीनाक्षी नटराजन मामले ने कांग्रेस के आंतरिक अनुशासन और सूचना-सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।